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Hisar News: फर्जी विवाह प्रमाणपत्र के लिए पीपीपी-आधार कार्ड में छेड़छाड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 12:30 AM IST
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PPP-Aadhaar card tampering for fake marriage certificate
हिसार। साइबर ठगों द्वारा कुछ लोगों के परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन का मामला सामने आया है। जांच में 26 लोगों के आवेदन फर्जी मिले हैं। ये लोग हिसार, फतेहाबाद, सोनीपत और जींद जिले से जुड़े हैं। बरवाला उपमंडल के नायब तहसीलदार ने इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज तैयार कर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय भेजे हैं। साथ ही चारों जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि इन लोगों में से किसी ने प्रमाण पत्र बनवाकर अनुदान राशि के लिए आवेदन किया है तो न दी जाए।
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राज्य सरकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत सालाना 1.80 लाख से कम आय वाले सामान्य वर्ग के परिवार की बेटी की शादी में 41 हजार रुपये, पिछड़ा वर्ग को 51 हजार और अनुसूचित जाति वर्ग के परिवार को 71 हजार रुपये की मदद (शगुन) देती है। मामले का खुलासा तब हुआ जब उकलाना के नायब तहसीलदार के समक्ष विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन पहुंचे। जांच में आवेदन के साथ संलग्न आधार कार्ड और पीपीपी में गड़बड़ी का शक हुआ। संबंधित आवेदकों का ऑनलाइन उपलब्ध पीपीपी और वास्तविक आधार कार्ड का मिलान किया तो पता चला कि बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। अधिकतर मामले सोनीपत के मुंडलाना क्षेत्र के थे। कई मामलों में तो वास्तविक आधार कार्ड में जिस व्यक्ति की आयु 50 साल है उसे 24 साल का दिखाकर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया। इसके लिए आधार कार्ड में छेड़छाड़ की गई। शादी के लिए पंजीकरण ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से किया जाता है जिसमें आवेदक की उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती। साइबर ठग गिरोह ने इसी का फायदा उठाते हुए फर्जी आवेदन कराए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ज्यादातर लोग मजदूर वर्ग से संबंधित हैं जिन्हें कुछ लालच देकर साइबर ठग गिरोह ने इस्तेमाल किया है।
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दो बच्चों के पिता 55 से 25 साल के बन गए

छह मामले ऐसे हैं जिनमें लोग पहले से ही विवाहित हैं। 50 से 55 साल की आयु वाले इन लोगों के बच्चे भी हैं। योजना का लाभ लेने के लिए इनकी आयु 24-25 साल दिखाकर नई शादी के रूप में पंजीकरण करवाने की साजिश रची गई। कुछ लोगों की आयु के अलावा पिता का नाम और पता भी बदला गया है।
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उकलाना में दो सीएससी संचालक हुए थे गिरफ्तार





वर्ष 2025 में उकलाना में दो नागरिक सेवा केंद्र (सीएससी) संचालकों द्वारा फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र बनाने के मामले का खुलासा हुआ था। पुलिस ने सीएससी संचालकों को गिरफ्तार भी किया। आदमपुर में भी सीएससी के जरिए फर्जी जाति प्रमाणपत्र तैयार कर नौकरी हासिल करने के मामले का खुलासा हुआ। झज्जर जिले में भी पीपीपी में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। वहां लगभग 12 हजार फर्जी तलाक प्रमाणपत्रों के माध्यम से अलग-अलग पीपीपी बनाकर सरकारी लाभ हासिल किए गए थे। इससे जाहिर है सिस्टम में बैठे कुछ कर्मचारी मिलीभगत से दस्तावजे में बदलाव कर रहे हैं। बिना इनकी मदद के परिवार पहचान पत्र में छेड़छाड़ मुश्किल है।

रबर के अंगूठे का इस्तेमाल

करीब एक महीने पहले ही हिसार जिले में फर्जी तरीके से रबर के अंगूठे का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ था। इसमें एक ही व्यक्ति की आईडी कई स्थानों पर खोली जा रही थी। इस बारे में परिवार पहचान पत्र संचालित करने वाले विभाग नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) और आधार कार्ड का रिकॉर्ड रखने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को भी अवगत कराया गया।

क्या है मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का लाभ सामान्य परिवार की अधिकतम दो बेटियों तक दिया जाता है।

अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, बीपीएल परिवार, विधवा/निराश्रित महिलाओं की बेटियां, दिव्यांग और कुछ अन्य श्रेणियां योजना में शामिल हैं। योजना में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार सहायता राशि दी जाती है। वर्तमान में यह राशि 41,000 से 71,000 रुपये तक है।

क्या है आवेदन प्रक्रिया

आवेदन सरल पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। परिवार पहचान पत्र और विवाह पंजीकरण जरूरी है। विवाह के बाद निर्धारित समय सीमा में सहायता राशि के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता, विवाह प्रमाण पत्र लगाना होता है। इसके लिए आवेदनकर्ता के उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं है।


मैंने इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया है। चारों जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसे आवेदकों को योजना का लाभ न देने को कहा है।

- रविंद्र शर्मा, नायब तहसीलदार, बरवाला
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