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कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति घटी, दो दिन में बढ़े 4 गुना कट
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गांव खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। देश के कई राज्यों में विद्युत उत्पादक संयंत्रों में कोयले की कमी के चलते बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। जिले में भी कोयले की किल्लत की मार अब बिजली आपूर्ति पर पड़ने लगी है। दो दिन में 4 गुना तक बिजली कट बढ़ने से उपभोक्ता परेशान हैं।
अब बिजली निगम मुख्यालय ने एसई, एक्सईएन व एसडीओ को बिजली कटौती के मौखिक आदेश दिए हैं। कहा गया है कि वे स्थिति को भांपते हुए बिजली कट में बढ़ोतरी करें, ताकि जब तक कोयले की किल्लत की भरपाई नहीं हो जाती तब तक किस्तों में बिजली सप्लाई दी जा सके। वीरवार को शहर में 15 से अधिक फीडरों में 6 बार और शुक्रवार को 8 से 9 बार बिजली कट लगे। गौरतलब है कि सरकार ने कोयले की कमी के कारण बढ़ते बिजली कट के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बिजली कट में बढ़ोतरी करने के संकेत दिए थे।
ये फीडर हो रहे प्रभावित
जुगलान फीडर : जुगलान एपी फीडर में शुक्रवार को हर 30-30 मिनट में बिजली कट लग रहे हैं।
मिलगेट फीडर : शुक्रवार को मिल गेट फीडर में भी बिजली कट लगे। हालांकि इस फीडर में अन्य की तुलना में 2 से 3 बार ही बिजली कट लगे।
33 केवी ऑटो मार्केट : शनिवार को 33 केवी ऑटो मार्केट में फॉल्ट रहा। इस कारण 9 से अधिक फीडर में बिजली सप्लाई बाधित रही। जिस कारण, तलाकी गेट, राजगुरु मार्केट, भगत सिंह चौक, क्लाथ मार्केट, ऋषि नगर, तायल गार्डन, सेवक सभा अस्पताल, बर्मन अस्पताल संबंधित फीडर बंद रहे। शुक्रवार को सैनियान मोहल्ला सहित अन्य फीडरों में सुबह 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक का अघोषित कट रहा।
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अर्बन एस्टेट फीडर : बीते 5 दिनों से अर्बन एस्टेट फीडर में शाम 5 बजे से शाम 8 बजे के बीच कट लगने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिटी व सिविल क्षेत्र में हैं 1 लाख से अधिक उपभोक्ता
हिसार शहर की बात करें तो सिटी व सिविल क्षेत्र में एक लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। हिसार सिटी में 52 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं और शेष उपभोक्ता सिविल क्षेत्र के हैं। वहीं, बिजली कट होने पर हेल्पलाइन नंबरों पर उपभोक्ताओं को सुविधा नहीं मिल रही है।
जितनी डिमांड होती है, उतनी आपूर्ति नहीं कर पा रहे
बिजली की जितनी डिमांड होती है, उतना हम आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। ये भी सच है कि कोयले की कमी बिजली कटौती का कारण बन रही है। अगले 7 दिनों में हालात को लेकर दोबारा समीक्षा की जाएगी।
- पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली निगम
खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में 5 से 6 दिन का कोयला, रोज हो रही ढाई हजार टन की खपत
गांव खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में कोयला की नियमित सप्लाई आ रही है, लेकिन स्टॉक अपेक्षाकृत कम है। प्लांट प्रशासन ने कहा कि फिलहाल प्लांट में 5 से 6 दिनों के लिए करीबन 12 हजार क्विंटल कोयले का स्टॉक शेष है। प्लांट में 600-600 मेगावॉट की दो में से एक यूनिट चल रही है। एक यूनिट में प्रतिदिन ढाई हजार टन कोयले की खपत होती है। दूसरी यूनिट करीब 13 माह से बंद पड़ी है।
प्लांट प्रशासन ने कहा कि देश में कोयले की आपूर्ति में कमी है, जिसका असर तो है लेकिन फिर भी उनके पास अभी समय पर कोयला पहुंच रहा है। प्लांट में अगर कोयले की क्वालिटी उच्च स्तर की हो तो एक यूनिट बिजली बनने में 650 ग्राम कोयले की खपत होती है।
थर्मल के चीफ इंजीनियर एसके डागर के अनुसार यदि कोयला नहीं आता है तो प्लांट में केवल 5 दिन तक एक यूनिट को चलाने का स्टॉक बाकी है। फिलहाल प्लांट में कोयले के रैक लगातार आ रहे हैं। प्लांट में यदि कोयले की खपत की बात करें तो प्लांट के दोनों यूनिट चलने पर प्रतिदिन 5 हजार टन कोयले की खपत होती है।
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अब बिजली निगम मुख्यालय ने एसई, एक्सईएन व एसडीओ को बिजली कटौती के मौखिक आदेश दिए हैं। कहा गया है कि वे स्थिति को भांपते हुए बिजली कट में बढ़ोतरी करें, ताकि जब तक कोयले की किल्लत की भरपाई नहीं हो जाती तब तक किस्तों में बिजली सप्लाई दी जा सके। वीरवार को शहर में 15 से अधिक फीडरों में 6 बार और शुक्रवार को 8 से 9 बार बिजली कट लगे। गौरतलब है कि सरकार ने कोयले की कमी के कारण बढ़ते बिजली कट के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बिजली कट में बढ़ोतरी करने के संकेत दिए थे।
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ये फीडर हो रहे प्रभावित
जुगलान फीडर : जुगलान एपी फीडर में शुक्रवार को हर 30-30 मिनट में बिजली कट लग रहे हैं।
मिलगेट फीडर : शुक्रवार को मिल गेट फीडर में भी बिजली कट लगे। हालांकि इस फीडर में अन्य की तुलना में 2 से 3 बार ही बिजली कट लगे।
33 केवी ऑटो मार्केट : शनिवार को 33 केवी ऑटो मार्केट में फॉल्ट रहा। इस कारण 9 से अधिक फीडर में बिजली सप्लाई बाधित रही। जिस कारण, तलाकी गेट, राजगुरु मार्केट, भगत सिंह चौक, क्लाथ मार्केट, ऋषि नगर, तायल गार्डन, सेवक सभा अस्पताल, बर्मन अस्पताल संबंधित फीडर बंद रहे। शुक्रवार को सैनियान मोहल्ला सहित अन्य फीडरों में सुबह 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक का अघोषित कट रहा।
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अर्बन एस्टेट फीडर : बीते 5 दिनों से अर्बन एस्टेट फीडर में शाम 5 बजे से शाम 8 बजे के बीच कट लगने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिटी व सिविल क्षेत्र में हैं 1 लाख से अधिक उपभोक्ता
हिसार शहर की बात करें तो सिटी व सिविल क्षेत्र में एक लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। हिसार सिटी में 52 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं और शेष उपभोक्ता सिविल क्षेत्र के हैं। वहीं, बिजली कट होने पर हेल्पलाइन नंबरों पर उपभोक्ताओं को सुविधा नहीं मिल रही है।
जितनी डिमांड होती है, उतनी आपूर्ति नहीं कर पा रहे
बिजली की जितनी डिमांड होती है, उतना हम आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। ये भी सच है कि कोयले की कमी बिजली कटौती का कारण बन रही है। अगले 7 दिनों में हालात को लेकर दोबारा समीक्षा की जाएगी।
- पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली निगम
खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में 5 से 6 दिन का कोयला, रोज हो रही ढाई हजार टन की खपत
गांव खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में कोयला की नियमित सप्लाई आ रही है, लेकिन स्टॉक अपेक्षाकृत कम है। प्लांट प्रशासन ने कहा कि फिलहाल प्लांट में 5 से 6 दिनों के लिए करीबन 12 हजार क्विंटल कोयले का स्टॉक शेष है। प्लांट में 600-600 मेगावॉट की दो में से एक यूनिट चल रही है। एक यूनिट में प्रतिदिन ढाई हजार टन कोयले की खपत होती है। दूसरी यूनिट करीब 13 माह से बंद पड़ी है।
प्लांट प्रशासन ने कहा कि देश में कोयले की आपूर्ति में कमी है, जिसका असर तो है लेकिन फिर भी उनके पास अभी समय पर कोयला पहुंच रहा है। प्लांट में अगर कोयले की क्वालिटी उच्च स्तर की हो तो एक यूनिट बिजली बनने में 650 ग्राम कोयले की खपत होती है।
थर्मल के चीफ इंजीनियर एसके डागर के अनुसार यदि कोयला नहीं आता है तो प्लांट में केवल 5 दिन तक एक यूनिट को चलाने का स्टॉक बाकी है। फिलहाल प्लांट में कोयले के रैक लगातार आ रहे हैं। प्लांट में यदि कोयले की खपत की बात करें तो प्लांट के दोनों यूनिट चलने पर प्रतिदिन 5 हजार टन कोयले की खपत होती है।