Haryana: प्रदेश के 10 जिलों में नशे का कारोबार अत्यधिक फैला, पुलिस ने तैयार किया 'धाकड़' प्लान
हरियाणा प्रदेश में नशा तस्करों पर प्रहार के लिए पुलिस ने धाकड़ प्लान तैयार किया है। जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलेगा।
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हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव ने कहा कि प्रदेश के 10 जिलों में नशे का कारोबार अत्यधिक फैला है। नशा बिकने वाली जगहों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर इसे जड़ से खत्म किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। नशे के कारोबार के कारण प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में हैं। नशा तस्करों पर प्रहार करने के लिए पुलिस विभाग ने धाकड़ प्लान तैयार किया है। वहीं, एचएयू के स्वयंसेवकों ने जागरूकता रैली निकाली और नशे के खिलाफ शपथ ली।
बुधवार को हिसार में चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में नशा मुक्त हरियाणा मिशन के तहत शिक्षण संस्थानों में धाकड़ कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीकांत जाधव ने कहा कि नशा तस्करों ने युवाओं को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। युवाओं को घर परिवार के साथ देशहित में नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने की जरूरत है।
नशा केवल देश में ही नहीं, अपितु इसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है। आज पूरी दुनिया में 32 बिलियन यूएस डॉलर का नशे का अवैध कारोबार चल रहा है। देश में केवल हेरोइन का 20 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। हरियाणा में 10 जिले नशीले पदार्थों के व्यसन से अत्यधिक प्रभावित है। हिसार रेंज में अधिक जिले प्रभावित होने के कारण इस धाकड़ कार्यक्रम की शुरूआत के लिए चुना गया है।
प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए एक्शन प्लान के तहत स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में धाकड़ कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके तहत क्लास के पांच बच्चों का एक ग्रुप बनाया जाएगा। इस ग्रुप के लोग चोरी छिपे नशा करने वाले बच्चों की पहचान करेंगे। फिर इसकी सूचना क्लास टीचर यानि सीनियर धाकड़ को देंगे।
सीनियर धाकड़ प्रिंसिपल, हेड मास्टर को रिपोर्ट करेंगे, जो कि नोडल धाकड़ कहलाएगा। इस कार्यक्रम के सुपरविजन के लिए राज्य, जिला, उपमंडल, क्लस्टर और गांव व वार्ड स्तर पर मिशन टीमें बनाई जाएंगी। जाधव ने युवाओं से कहा कि नशा करना अक्सर दोस्त ही सीखता है। उस समय दोस्त को नो कह दें तो नशे से बचा जा सकता है। दोस्ती निभानी है तो दोस्त को गलत रास्ते पर जाने से रोके।
प्रयास और साथी एप से रखेंगे नजर
नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए दो मोबाइल एप प्रयास और साथी शुरू की गई है। प्रयास एप के लिए ग्राउंड लेवल की टीमें बनाई जाएंगी, जो प्रदेश में कितने लोग नशा करने के आदी हैं, कौन सा नशा करते हैं, नशा मुक्त करने के लिए कहां पर दाखिल करवाना है, पूरा डेटा रहेगा।
जबकि साथी एप में एलोपैथी व आयुर्वेदिक मेडिसन मैन्यूफेक्चरिंग से लेकर सप्लाई तक का पूरा ब्योरा देना होगा। कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि ड्रग्स का सेवन दुनिया की आबादी के अच्छे खासे हिस्से को नष्ट कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने की।
चिकित्सक की पर्ची पर लगेगी स्टैंप
प्रतिबंध दवा, मेडिकल नशा को रोकने के लिए साथी एप बनाया गया है। इस एप दवाई बेचने वाले का पूरा रिकॉर्ड होगा। इसके अलावा चिकित्सक जो प्रतिबंध दवाइयां लिखेगा और उस पर अपनी स्टैंप लगाया। जिस पर्ची पर स्टैंप नहीं होगी उसे दवा नहीं मिलेगा। दवा लेने वाले मरीज को भी साथी एप से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर मंडलायुक्त चंद्रशेखर, आईजी राकेश कुमार आर्य, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, डीएसपी प्रदीप यादव आदि मौजूद थे।