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बच्चे कच्ची मिट्टी के समान जैसा ढालो ढल जाएंगे

Fri, 25 Dec 2015 12:27 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो Updated Fri, 25 Dec 2015 12:27 AM IST
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Police ki Pathsala by Amar Ujala Foundation

बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। इन्हें जिस तरह से ढालो उसी तरह ढल जाते हैं। माता-पिता और गुरुओं की महती जिम्मेदारी है कि बच्चों को सही आकार दें।

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उच्च संस्कार और अच्छी शिक्षा दें। तभी सभ्य समाज का निर्माण हो सकेगा और राष्ट्र विकास के पथ पर तेजी से बढ़ेगा।

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को यह सीख दी गई।

यहां जागृति स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मानवाधिकार आयोग से पुरस्कृत एएसआई सज्जन कुमार ने विद्यार्थियों को कानून की जानकारी दी, वहीं गलतियों से सीख लेने की अपील की।
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इस मौके पर बच्चों ने कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया और नशा जैसी बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लिया। साथ ही नारी समाज का सम्मान करने की शपथ ली।
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एएसआई सज्जन कुमार ने कहा कि छोटी उम्र में गलत आदत शुरू होती हैं जो जिंदगी भर साथ रहती हैं। इसलिए इस उम्र में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार दिए जाएं तो वे बुराइयों से बचे रहते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों को कानून की जानकारी मिलती है। बच्चे कानून के प्रति जागरूक होते हैं और समाज में सजगता आती है।

इस मौके पर स्कूल की ओर से निदेशक अजीत खर्ब व प्रधानाचार्य रोशनी खर्ब ने एएसआई सज्जन कुमार को सम्मानित किया।

बच्चों के लिए जरूरी
बच्चों को हर चीज की जानकारी और ज्ञान होना जरूरी है। जानकारी नहीं होने पर बच्चे गलतियां करते हैं। वहीं गलत संगत में पड़कर विद्यार्थी अपना अहित कर लेते हैं।


इसलिए बच्चों को गलत संगत से दूर रहना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों को कई बार अच्छा माहौल नहीं मिलता। ऐसे में बच्चे गलत दिशा में चले जाते हैं।

चिंतन से ही बच सकते नशा से
पुलिस पाठशाला में बच्चों को सीख दी गई कि चिंतन से ही बच्चे नशा जैसी बुराइयों से बच सकते हैं। जब कोई चीज खराब है तो क्यों है... इस पर जब तक चिंतन नहीं करेंगे तो उससे पूरी तरह दूर नहीं हो पाएंगे।

इसलिए अच्छी और बुरी चीजों के बारे में चिंतन करते रहना चाहिए।

विद्यार्थियों को यह दी सीख
- कभी भूलकर भी जूनियर की रैगिंग नहीं लें
- रफ ड्राइविंग से बचें, संभलकर बाइक चलाएं
- दूसरों के बहकावे में कभी नहीं आएं
- छात्राओं के साथ अच्छा बर्ताव करें
- एक दूसरे का अपमान नहीं करें
- मोबाइल फोन और नेट का गलत उपयोग नहीं
- नशा से दूर रहें और इस पर चिंतन करें

हेलमेट सदैव पहनें
पुलिस की पाठशाला में बच्चों को समझाया गया कि हेलमेट सदैव पहनें। कभी इसे भार नहीं समझें। खुद पहनें और दूसरों को पहनने के लिए बाध्य करें।

बच्चों ने किए सवाल
पुलिस की पाठशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने अनेक रोचक प्रश्न किए। छात्र अनूप सिंह ने सवाल किया कि जब नशा खराब है और बुरा है तो क्यों बिक रहा है।

छात्रा सीमा ने प्रश्न किया कि मां-बाप को आजकल वृद्धाश्रम में क्यों डाला जा रहा है। इस पर हमें क्या करना चाहिए। छात्र मोहित ने पूछा कि समाज में अमीर-गरीब और ऊंच-नीच का भेद क्यों है।

इसी तरह छात्र राहुल, आनंद, सुशील आदि ने प्रश्न किए, जिनका जवाब दिया गया। श्रेष्ठ प्रश्नकर्ताओं को अमर उजाला की ओर से पुरस्कृत किया गया।

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