{"_id":"65b2c6e1b0edab3a4e0604b7","slug":"plot-not-registered-even-after-47-years-hisar-news-c-126-1-cdr1001-112616-2024-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: 47 साल बाद भी नहीं हुई भूखंड की रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: 47 साल बाद भी नहीं हुई भूखंड की रजिस्ट्री
Fri, 26 Jan 2024 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:08 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी नगर परिषद।
चरखी दादरी। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर खरीदे गए एक भूखंड की रजिस्ट्री 47 साल बाद भी नहीं हो सकी। मामला सुनवाई के लिए आने पर कोर्ट ने नगर परिषद के ईओ की सरकारी कार संबद्ध की है। इसलिए नगर परिषद कार्यालय में खड़ी कार वीरवार को सील कर दी गई और अब कोर्ट के आदेश के बिना ये कार सड़क पर नहीं दौड़ सकेगी। संबद्ध होने से पहले इस कार को नगर परिषद के चेयरमैन बक्शीराम सैनी प्रयोग कर रहे थे।
पुराना बस स्टैंड क्षेत्र निवासी संजय सोनी ने बताया कि उनकी मां उर्मिला देवी ने वर्ष 1976 में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर भूखंड लिया था। फीस जमा करवाने के बाद उन्हें आवंटन पत्र मिल गया था। इसके बावजूद उनकी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई जबकि वह लगातार गृह कर जमा कर रहे हैं।
संजय ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों की मनमानी से तंग आकर उनकी माता उर्मिला देवी ने वर्ष 1992 में कोर्ट में अपील दायर की थी। वर्ष 2010 में कोर्ट का फैसला उनके हक में आया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने रजिस्ट्री नहीं करवाई। मार्च 2020 में कोर्ट ने तत्कालीन ईओ दीपक गोयल पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया था।
विज्ञापन
लॉकडाउन के कारण डेढ़ साल लटका रहा मामला
संजय सोनी ने बताया कि तत्कालीन ईओ ने तीन मार्च 2020 को रजिस्ट्री करवाने के लिए एक माह का समय मांगा था और ये समय अवधि पूरी होने से कुछ दिन पहले ही लॉकडाउन लग गया और इस कारण करीब डेढ़ साल तक उनका मामला फिर से लटक गया।
- चंडीगढ़ हाईकोर्ट में की गई थी अपील
संजय सोनी ने बताया कि दादरी कोर्ट में केस हारने के बाद नगर परिषद की ओर से चंडीगढ़ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। उस दौरान हाईकोर्ट में नगर परिषद की ओर से गेट और शटर हटाने पर रजिस्ट्री करवाने के बयान दर्ज करवाए गए। इस प्रस्ताव पर उर्मिला देवी के पक्ष ने सहमति जता दी थी। बाद में हाईकोर्ट का आदेश दादरी पहुंचा और 12 मार्च 2023 को उर्मिला के पक्ष ने हाईकोर्ट में दर्ज करवाए बयान के अनुसार गेट और शटर हटाकर फोटो कोर्ट में जमा करवा दी। कोर्ट ने 22 जनवरी को नगर परिषद की संपत्ति संबद्ध करने का आदेश जारी किया। इसलिए उन्होंने ईओ की सरकारी कार संबद्ध करवाई है।
कोर्ट के आदेश पर संबद्ध की गई कार ईओ के नाम रजिस्टर्ड है। इसे केवल मैं प्रयोग करता था। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, चरखी दादरी।
विज्ञापन
पुराना बस स्टैंड क्षेत्र निवासी संजय सोनी ने बताया कि उनकी मां उर्मिला देवी ने वर्ष 1976 में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर भूखंड लिया था। फीस जमा करवाने के बाद उन्हें आवंटन पत्र मिल गया था। इसके बावजूद उनकी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई जबकि वह लगातार गृह कर जमा कर रहे हैं।
विज्ञापन
संजय ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों की मनमानी से तंग आकर उनकी माता उर्मिला देवी ने वर्ष 1992 में कोर्ट में अपील दायर की थी। वर्ष 2010 में कोर्ट का फैसला उनके हक में आया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने रजिस्ट्री नहीं करवाई। मार्च 2020 में कोर्ट ने तत्कालीन ईओ दीपक गोयल पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया था।
विज्ञापन
लॉकडाउन के कारण डेढ़ साल लटका रहा मामला
संजय सोनी ने बताया कि तत्कालीन ईओ ने तीन मार्च 2020 को रजिस्ट्री करवाने के लिए एक माह का समय मांगा था और ये समय अवधि पूरी होने से कुछ दिन पहले ही लॉकडाउन लग गया और इस कारण करीब डेढ़ साल तक उनका मामला फिर से लटक गया।
- चंडीगढ़ हाईकोर्ट में की गई थी अपील
संजय सोनी ने बताया कि दादरी कोर्ट में केस हारने के बाद नगर परिषद की ओर से चंडीगढ़ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। उस दौरान हाईकोर्ट में नगर परिषद की ओर से गेट और शटर हटाने पर रजिस्ट्री करवाने के बयान दर्ज करवाए गए। इस प्रस्ताव पर उर्मिला देवी के पक्ष ने सहमति जता दी थी। बाद में हाईकोर्ट का आदेश दादरी पहुंचा और 12 मार्च 2023 को उर्मिला के पक्ष ने हाईकोर्ट में दर्ज करवाए बयान के अनुसार गेट और शटर हटाकर फोटो कोर्ट में जमा करवा दी। कोर्ट ने 22 जनवरी को नगर परिषद की संपत्ति संबद्ध करने का आदेश जारी किया। इसलिए उन्होंने ईओ की सरकारी कार संबद्ध करवाई है।
कोर्ट के आदेश पर संबद्ध की गई कार ईओ के नाम रजिस्टर्ड है। इसे केवल मैं प्रयोग करता था। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, चरखी दादरी।