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गुरुद्वारे के बाहर भिंडरावाले की फोटो लगाकर छबील लगाई
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हिसार। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मंगलवार को हिसार के गुरुद्वारा नागोरी गेट स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर कुछ लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले की फोटो लगाकर पानी की छबील लगाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोटो हटवा दी।
शहर थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनको इस बारे में सूचना मिली थी कि गुरुद्वारे के बाहर कुछ लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले की फोटो लगाई हुई है। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक हरमिंदर सिंह टक्कर से बात की तो उन्होंने फोटो लगाकर छबील लगाने वाले युवकों से मिलवाया। हरमिंदर सिंह टक्कर ने कहा कि फोटो उनकी अनुमति के बिना लगाई है। युवकों से पूछताछ के बाद फोटो गुरुद्वारा प्रबंधक को सौंप दी है। इस बारे में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
गुरुद्वारा प्रबंधक हरमिंदर सिंह टक्कर ने बताया कि गुरुद्वारे के सेवादारों ने ही यह फोटो लगाकर पानी की छबील लगाई थी। इसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई थी। फोटो उन्हीं युवकों को वापस सौंप दी जाएगी। हिसार का यह गुरुद्वारा सबसे प्राचीन गुरुद्वारा है और इसकी नींव 31 अक्टूबर 1925 को गुरु नानक देव जयंती के मौके पर रखी गई थी। यहां पर प्रदेश का सबसे ऊंचा 175 फुट का निशान साहिब है।
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शहर थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनको इस बारे में सूचना मिली थी कि गुरुद्वारे के बाहर कुछ लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले की फोटो लगाई हुई है। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक हरमिंदर सिंह टक्कर से बात की तो उन्होंने फोटो लगाकर छबील लगाने वाले युवकों से मिलवाया। हरमिंदर सिंह टक्कर ने कहा कि फोटो उनकी अनुमति के बिना लगाई है। युवकों से पूछताछ के बाद फोटो गुरुद्वारा प्रबंधक को सौंप दी है। इस बारे में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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गुरुद्वारा प्रबंधक हरमिंदर सिंह टक्कर ने बताया कि गुरुद्वारे के सेवादारों ने ही यह फोटो लगाकर पानी की छबील लगाई थी। इसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई थी। फोटो उन्हीं युवकों को वापस सौंप दी जाएगी। हिसार का यह गुरुद्वारा सबसे प्राचीन गुरुद्वारा है और इसकी नींव 31 अक्टूबर 1925 को गुरु नानक देव जयंती के मौके पर रखी गई थी। यहां पर प्रदेश का सबसे ऊंचा 175 फुट का निशान साहिब है।
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