Haryana CET Exam: परीक्षा देने से पहले आधार व एडमिट कार्ड पर बदला फोटो, पेपर देने के बाद मिलने थे लाखों
ग्रुप-डी की परीक्षा के दौरान पकड़े गए आरोपी फुलां निवासी संदीप और दनौदा निवासी देवी प्रसन्न को सदर थाना पुलिस ने अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। परीक्षा देने से पहले डील हुई पेपर में पकड़े न गए तो बाहर आने के बाद एक लाख रुपये देने होंगे। उसके बाद बाकी की राशि देनी होगी।
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सीईटी ग्रुप-डी में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले आरोपी शतिर हैं। परीक्षा देने से पहले पकड़े न जाए इसके लिए आधार कार्ड और एडमिट कार्ड पर लगी फोटो को बड़ी सफाई से हटाकर खुद की फोटो लगाई। परीक्षा देने में कामयाब भी हुए, लेकिन सरकार द्वारा इजाद की गई नई तकनीक में फंस गए। पुलिस ने रविवार को पकड़े गए फतेहाबाद के फुलां निवासी संदीप और जींद के दनोदा निवासी देवी प्रसन्न को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं नांगलोई के गोपाल को एक दिन के रिमांड पर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में छापा कार्रवाई जारी है।
शुरुआत में बताया गलत पता
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कैंपस स्कूल में ग्रुप-डी की परीक्षा के दौरान जींद के हसनपुर निवासी प्रदीप के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए आरोपी गोपाल सिंह ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह किया। पकड़े जाने पर गोपाल ने अपना पता खेड़ी जालब बताया। जब आरोपी से गहनता से पूछताछ की तो सामने आया कि गोपाल नांगलोई का रहने वाला है। गोपाल और प्रदीप दोनों दोस्त हैं। कुछ समय पहले जींद में दोनों ने साथ में कोचिंग ली थी। परीक्षा से पहले गोपाल ने कहा कि वह ग्रुप-डी की परीक्षा पास करवा देता है तो इसकी एवज में करीब चार लाख रुपये देने होंगे। बात सिरे चढ़ जाने पर गोपाल परीक्षा देने पहुंचा था। पुलिस ने आरोपी गोपाल को एक दिन के रिमांड पर लिया है।
पास होने के बाद मिलने थे रुपये
ग्रुप-डी की परीक्षा के दौरान पकड़े गए आरोपी फुलां निवासी संदीप और दनौदा निवासी देवी प्रसन्न को सदर थाना पुलिस ने अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। सदर थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि प्रांरभिक पूछताछ के दौरान सामने आया कि बैजलपुर निवासी सचिन और गोरखपुर निवासी विकास के स्थान पर पेपर देने वाले संदीप और देवी प्रसन्न आपस में जानकार है। परीक्षा देने से पहले डील हुई पेपर में पकड़े न गए तो बाहर आने के बाद एक लाख रुपये देने होंगे। उसके बाद बाकी की राशि देनी होगी।
एमए कर रहा है आरोपी
जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि आरोपी विनोद को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी विनोद एमए कर रहा है। आरोपी विनोद और सचिन दोनों दोस्त है। शहर में कुछ समय एक साथ रहे थे। सचिन ने ग्रुप-डी के लिए आवेदन किया। उसके बाद विनोद ने कहा कि वह परीक्षा पास करवा देगा। एक लाख रुपये पेपर देने के बाद और बाकी के 3 लाख रुपये पास होने के बाद देने होंगे।
ये उठते सवाल
- आरोपियों ने आधार कार्ड और एडमिट कार्ड पर अपने फोटो कहां से लगवाए
- बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं होती तो परीक्षार्थी आसानी से परीक्षा देकर चले जाते
- पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा तो कई और चेहरे भी हो सकते हैं बेनकाब