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Hisar News: भाजपा पार्षद ज्योति के खिलाफ कोर्ट में दायर की याचिका, कांग्रेस प्रत्याशी रहीं कुसुम बोलीं-ज्योति का जाति प्रमाणपत्र फर्जी
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हिसार। नगर निगम के वार्ड-3 की भाजपा पार्षद ज्योति वर्मा के खिलाफ कांग्रेस से प्रत्याशी रहीं कुसुम प्रजापति ने सिविल जज सुनील कुमार की कोर्ट में याचिका दायर की है। कुसुम प्रजापति ने याचिका में बताया है कि ज्योति ने पिछड़ा वर्ग आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और विजेता बनीं। ज्योति सामान्य वर्ग से संबंध रखती है। इसलिए नगर निगम के वार्ड-3 की पार्षद को अमान्य घोषित किया जाए।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल के माध्यम से डाली याचिका में कुसुम ने कहा वार्ड-3, जो कि पिछड़ा वर्ग-ए (महिला) के लिए आरक्षित सीट थी। उस पर निर्वाचित घोषित की गई प्रत्याशी ज्योति ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर अवैध रूप से नामांकन स्वीकार कराया। भाजपा प्रत्याशी ने सुनार जाति के रूप में प्रस्तुत होकर स्वयं को पिछड़ा वर्ग-ए का बताया, जबकि वास्तव में वह पंजाबी अरोड़ा/खत्री जाति से हैं, जो हरियाणा राज्य के अधिनियम हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवा एवं शिक्षण संस्थानों में आरक्षण) अधिनियम 2016 की अनुसूची-1 में वर्णित पिछड़ा वर्ग-ए की सूची में शामिल नहीं है।
जानकारी छिपाई गई
ज्योति की ओर से प्रस्तुत नामांकन पत्र में कई महत्वपूर्ण जानकारियां या तो छिपाई गई या झूठी दी गई। इनमें आय विवरण, संपत्ति, नामांकन पत्र में गलत पार्टी नाम, अधूरी शैक्षणिक जानकारी, वैध पैन विवरण और रोजगार की स्पष्ट जानकारी का अभाव शामिल है। कुसुम प्रजापति ने मांग की है कि ज्योति का चुनाव अवैध घोषित कर उसे या अन्य योग्य उम्मीदवार को वैध रूप से विजयी घोषित किया जाए।
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सभी दस्तावेज सही हैं। उन्होंने स्कूल के समय भी पिछड़ा वर्ग का आरक्षण लिया था। किसी तरह का कोई तथ्य नहीं छिपाया। चुनाव से पहले भी चुनाव आयोग को ऐसी शिकायत भेजी गई थी। चुनाव आयोग ने दस्तावेज को सही पाया था। प्रशासन ने भी अपने स्तर पर दस्तावेज जांचने के बाद ही नामांकन स्वीकार किया था। - ज्योति वर्मा, पार्षद, वार्ड-3
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वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल के माध्यम से डाली याचिका में कुसुम ने कहा वार्ड-3, जो कि पिछड़ा वर्ग-ए (महिला) के लिए आरक्षित सीट थी। उस पर निर्वाचित घोषित की गई प्रत्याशी ज्योति ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर अवैध रूप से नामांकन स्वीकार कराया। भाजपा प्रत्याशी ने सुनार जाति के रूप में प्रस्तुत होकर स्वयं को पिछड़ा वर्ग-ए का बताया, जबकि वास्तव में वह पंजाबी अरोड़ा/खत्री जाति से हैं, जो हरियाणा राज्य के अधिनियम हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवा एवं शिक्षण संस्थानों में आरक्षण) अधिनियम 2016 की अनुसूची-1 में वर्णित पिछड़ा वर्ग-ए की सूची में शामिल नहीं है।
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जानकारी छिपाई गई
ज्योति की ओर से प्रस्तुत नामांकन पत्र में कई महत्वपूर्ण जानकारियां या तो छिपाई गई या झूठी दी गई। इनमें आय विवरण, संपत्ति, नामांकन पत्र में गलत पार्टी नाम, अधूरी शैक्षणिक जानकारी, वैध पैन विवरण और रोजगार की स्पष्ट जानकारी का अभाव शामिल है। कुसुम प्रजापति ने मांग की है कि ज्योति का चुनाव अवैध घोषित कर उसे या अन्य योग्य उम्मीदवार को वैध रूप से विजयी घोषित किया जाए।
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सभी दस्तावेज सही हैं। उन्होंने स्कूल के समय भी पिछड़ा वर्ग का आरक्षण लिया था। किसी तरह का कोई तथ्य नहीं छिपाया। चुनाव से पहले भी चुनाव आयोग को ऐसी शिकायत भेजी गई थी। चुनाव आयोग ने दस्तावेज को सही पाया था। प्रशासन ने भी अपने स्तर पर दस्तावेज जांचने के बाद ही नामांकन स्वीकार किया था। - ज्योति वर्मा, पार्षद, वार्ड-3