{"_id":"69235f370d8e9003810169b8","slug":"petavad-will-be-visited-from-the-cjis-village-justice-suryakant-will-take-oath-today-hisar-news-c-21-hsr1005-756362-2025-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: सीजेआई वाले गांव से जाना जाएगा पेटवाड़, जस्टिस सूर्यकांत आज लेंगे शपथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: सीजेआई वाले गांव से जाना जाएगा पेटवाड़, जस्टिस सूर्यकांत आज लेंगे शपथ
विज्ञापन
सूर्यकांत, मुख्य न्यायाधीश
नारनौंद-हिसार। क्षेत्र के छोटे सा गांव पेटवाड़ का नाम सोमवार को देश के न्यायिक इतिहास में दर्ज हो जाएगा। गांव में जन्मे और हिसार से अपने न्यायिक सफर की शुरुआत करने वाले न्यायमूर्ति सूर्यकांत शर्मा भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ लेंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए उनके परिवार के अधिकतर लोग दिल्ली पहुंच गए हैं। गांव में खुशी का माहौल है। रविवार को लोगों की जुबां पर शपथ ग्रहण समारोह की ही चर्चा रही। गांव के सरपंच प्रतिनिधि सतबीर पेटवाड़ पहले ही दिल्ली पहुंच गए हैं। समारोह में शामिल होने के लिए गांव से चुनिंदा लोगों को निमंत्रण मिला है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पिता मदन गोपाल संस्कृत के शिक्षक थे। परिवार में पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े ऋषिकांत, डॉ. शिवकांत (भिवानी), देवकांत (आईटीआई से सेवानिवृत्त ग्रुप इंस्ट्रक्टर), बहन कमला देवी (जींद) और सबसे छोटे सूर्यकांत हैं। ऋषिकांत ने बताया कि सूर्यकांत बचपन से ही पढ़ाई में बेहद गंभीर और संस्कारवान थे। गांव के सामान्य माहौल से निकलकर उन्होंने जिस मुकाम को हासिल किया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गया है।
1984 में शुरु की थी वकालत
10 फरवरी 1962 को जन्मे सूर्यकांत ने दसवीं तक की शिक्षा गांव में ही हासिल की। हिसार से बीए ऑनर्स और एमडीयू से कानून की डिग्री पूरी की। वर्ष 1984 में वकालत की शुरुआत की थी। गहरी समझ के दम पर उन्होंने बहुत कम समय में इस पेशे में खास पहचान बना ली। 7 जुलाई 2000 को मात्र 38 वर्ष की उम्र में वे हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता बने। इसके बाद 9 जनवरी 2004 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश, 5 अक्तूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बने।
विज्ञापन
गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं सूर्यकांत
न्यायमूर्ति सूर्यकांत हिसार स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। कॉलेज के पूर्व छात्र व प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त जीआर गोदारा ने बताया कि वर्ष 1981 में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कॉलेज से बीए ऑनर्स की थी। वह हमेशा वाद विवाद व भाषण आदि प्रतियोगिता में हिस्सा लेते थे। कॉलेज में उनके सहपाठी रहे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भादरा निवासी भगवती प्रसाद भी झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके हैं।
हिसार बार से 137 अधिवक्ता समारोह में होंगे शामिल
हिसार बार संघ के 137 अधिवक्ता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन की ओर से मिले विशेष आमंत्रण के बाद राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए अधिकतर अधिवक्ता दिल्ली रवाना हो गए और कुछ सोमवार सुबह पहुंच जाएंगे।बार प्रधान एडवोकेट संदीप बूरा और सचिव समीर भाटिया ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत का हिसार से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1984-85 में हिसार जिला अदालत में वरिष्ठ वकील स्व. आत्माराम बंसल के साथ जूनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बार के पूर्व सदस्य का देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचना गर्व का क्षण है। शपथ समारोह के दौरान हिसार बार एसोसिएशन विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। सुबह 9:30 बजे हवन होगा। इसके बाद 10 बजे बार रूम में शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्वास्थ्य जांच शिविर में आंखों, दांतों की जांच होगी और मोतियाबिंद रोगियों का निशुल्क ऑपरेशन के लिए चयन और दवाओं व कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पिता मदन गोपाल संस्कृत के शिक्षक थे। परिवार में पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े ऋषिकांत, डॉ. शिवकांत (भिवानी), देवकांत (आईटीआई से सेवानिवृत्त ग्रुप इंस्ट्रक्टर), बहन कमला देवी (जींद) और सबसे छोटे सूर्यकांत हैं। ऋषिकांत ने बताया कि सूर्यकांत बचपन से ही पढ़ाई में बेहद गंभीर और संस्कारवान थे। गांव के सामान्य माहौल से निकलकर उन्होंने जिस मुकाम को हासिल किया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गया है।
विज्ञापन
1984 में शुरु की थी वकालत
10 फरवरी 1962 को जन्मे सूर्यकांत ने दसवीं तक की शिक्षा गांव में ही हासिल की। हिसार से बीए ऑनर्स और एमडीयू से कानून की डिग्री पूरी की। वर्ष 1984 में वकालत की शुरुआत की थी। गहरी समझ के दम पर उन्होंने बहुत कम समय में इस पेशे में खास पहचान बना ली। 7 जुलाई 2000 को मात्र 38 वर्ष की उम्र में वे हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता बने। इसके बाद 9 जनवरी 2004 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश, 5 अक्तूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बने।
विज्ञापन
गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं सूर्यकांत
न्यायमूर्ति सूर्यकांत हिसार स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। कॉलेज के पूर्व छात्र व प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त जीआर गोदारा ने बताया कि वर्ष 1981 में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कॉलेज से बीए ऑनर्स की थी। वह हमेशा वाद विवाद व भाषण आदि प्रतियोगिता में हिस्सा लेते थे। कॉलेज में उनके सहपाठी रहे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भादरा निवासी भगवती प्रसाद भी झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके हैं।
हिसार बार से 137 अधिवक्ता समारोह में होंगे शामिल
हिसार बार संघ के 137 अधिवक्ता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन की ओर से मिले विशेष आमंत्रण के बाद राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए अधिकतर अधिवक्ता दिल्ली रवाना हो गए और कुछ सोमवार सुबह पहुंच जाएंगे।बार प्रधान एडवोकेट संदीप बूरा और सचिव समीर भाटिया ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत का हिसार से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1984-85 में हिसार जिला अदालत में वरिष्ठ वकील स्व. आत्माराम बंसल के साथ जूनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बार के पूर्व सदस्य का देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचना गर्व का क्षण है। शपथ समारोह के दौरान हिसार बार एसोसिएशन विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। सुबह 9:30 बजे हवन होगा। इसके बाद 10 बजे बार रूम में शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्वास्थ्य जांच शिविर में आंखों, दांतों की जांच होगी और मोतियाबिंद रोगियों का निशुल्क ऑपरेशन के लिए चयन और दवाओं व कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।