फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   People coming under stress due to decreasing happiness due to social media and increasing distance from loved ones

सोशल मीडिया और अपनों से बढ़ती दूरी से घट रही खुशियों के कारण तनाव में आ रहे लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2022 11:06 PM IST
विज्ञापन
People coming under stress due to decreasing happiness due to social media and increasing distance from loved ones
हिसार। सोशल मीडिया और अपनों से बढ़ती दूरी से घट रही खुशियों से आमजन तनाव में अपना जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे कई कारण है जिसके चलते खुशियां घट रही हैं और तनाव बढ़ रहा है। मनोरोग विशेषज्ञ भी यहीं मान रहे हैं कि भागदौड़ की जिंदगी ने लोगों की खुशियों को कम कर दिया है। झूठी शौन-शौकत की बदौलत लोग अपनों से दूर होकर एक तनाव की जिंदगी जी रहे हैं। हर साल 20 मार्च को अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है। खुशी दिवस का उद्देश्य सभी के लिए खुशी लाना है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य जीवन के बारे में दृष्टिकोण को बदलना है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि जीवन में न केवल आर्थिक विकास आवश्यक है बल्कि खुशी बढ़ाना भी बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

खानपान की शैली और समय में बदलाव एक बड़ा कारण
नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम दहिया ने बताया कि खानपान की शैली और समय में बदलाव के कारण लोगों की खुशियां घटती जा रही है। बदलते दौर में आज व्यक्ति अपनों को समय नहीं दे पा रहे। पहले कुनबे में लोग रहते थे और एकल परिवार में रहते हैं। इसके अलावा हम सैर नहीं कर पा रहे। लोगों के पास समय कम होने के कारण आपसी बातचीत कम हो गई। अभिभावक अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण बच्चों में तनाव बढ़ रहा है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे बड़ा सोचने लगते हैं और धीरे-धीरे वह एक बड़ा कदम उठा लेते हैं जो परिवार के लिए घातक होता है। वहीं आज का युवा नशे की तरफ बढ़ता जा रहा है, नशे के कारण भी तनाव में रहता है। बेरोजगारी तनाव का एक कारण है। इसके अलावा प्रति स्पर्धा और एक स्टेटस के कारण भी लोग तनाव में चले जाते हैं।
विज्ञापन

बुजुर्गों के लिए अकेलापन तनाव का कारण
बुढ़ापे में अकेलापन बुजुर्गों के लिए तनाव का कारण है। कई बार वृद्धावस्था में बच्चे अपने माता-पिता को छोड़कर बाहर नौकरी करने चले जाते हैं, उसके बाद वे अकेले रह जाते हैं, ऐसे में वे तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा लंबी बीमारी भी तनाव का मुख्य कारण है। अकेला रह कर वह इसी के बारे में सोचता रहता है और तनाव में चला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे रहा जा सकता है खुश
- एक शोध में पाया गया है कि जो लोग अच्छी नींद लेते हैं वे अधिक खुश रहते हैं, इसलिए नींद के साथ समझौता न करें। कम नींद लेने वालों पर नकारात्मक चीजें जल्दी हावी होती हैं ।

- संदेश के माध्यम से बात करने की बजाय फोन करके बात करना भी लोगों की खुशी का कारण बनता है।
- अगर आप हमेशा खुश रहना चाहते हैं तो अपना ज्यादातर समय सकारात्मक और खुशमिजाज लोगों के साथ बिताएं।
इस समय में लोगों को अपना लाइफ स्टाइल बदलना होगा। सुबह-शाम की सैर जरूरी है। योग के जरिये तनाव को दूर किया जा सकता है। सप्ताह में एक बार पारिवारिक सदस्यों के साथ समय बिताएं। बच्चों और बुजुर्गों के साथ बातचीत करें। अपने आप को व्यस्त रखें ताकि दिमाग दूसरी दिशा में न जाए। - डॉ. पूनम दहिया, मनोरोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed