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पर्यावरण बचाना ही हमारा धर्म, हिसार को बनाएंगे सबसे सुंदर
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हिसार। पर्यावरण बचाना ही हमारा धर्म है। हिसार को देश में सबसे सुंदर और जीरो वेस्ट बनाएंगे। इसकी शुरुआत पहले अपने घर से ही करेंगे। शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए लोगों को पहले अपनी खुद की सोच और आदत बदलनी होगी। ये बातें पर्यावरण संरक्षण के विषय पर अमर उजाला हिसार कार्यालय में अपराजिता के तहत वीरवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमियों ने कहीं। कार्यक्रम का संचालन राइट टू क्लीन एयर संस्था से सुनीता महतानी, सुनीता जैन व सुनीता श्योकंद ने किया। कार्यक्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कपिल सिंह भी शामिल हुए। इस दौरान शिक्षाविदों और पर्यावरणविदों ने प्रदूषण रोकने, शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए, कचरा प्रबंधन करने और हरियाली बढ़ाने के बारे में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
पर्यावरण सुरक्षा और उसमें संतुलन हमेशा बना रहे इसके लिए हमें जागरूक व सचेत रहना होगा। प्रत्येक प्रकार के हानिकारक प्रदूषण जैसे जल, वायु, ध्वनि, इन सब खतरनाक प्रदूषण से बचने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। तभी हम अपनी धरती को बचा सकेंगे और उसकी सुंदरता को बढ़ा सकेंगे।
- डॉ. पुष्पा खर्ब, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एचएयू।
जल प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। वैसे तो हम नदियों को मां मानते हैं, लेकिन दूसरी तरफ लोग नदियों को दूषित भी कर रहे हैं। नदियों को दूषित होने से बचाना है। आज हम केमिकलयुक्त पानी पी रहे हैं। इसके लिए मुहिम चलाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे।
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- सुनीता जैन, सेवानिवृत्त प्रोफेसर।
आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, सामाजिक संस्था व शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। हमारी संस्था निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। कचरा प्रबंधन, पौधे लगाना व साफ-सफाई के लिए जागरूकता के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
- सुनीता महतानी, सेवानिवृत्त प्राचार्य।
कचरा प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसकी शुरुआत हमें अपने घर से ही करनी है। स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे बढ़ना है। हिसार को जीरो वेस्ट वाला शहर बनाना है, ताकि कचरे के पहाड़ खड़े न हों। हमें ऐसी वस्तुओं का प्रयोग करना है, जिससे कचरा न फैले। हर वर्ग को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।
- डॉ. सुनीता श्योकंद, सेवानिवृत्त प्रिसिंपल।
वायु प्रदूषण के कारण हर चीज धुआं धुआं हो रही है। प्रदूषण चाहे कोई भी हो वह खतरनाक है। इसे नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। हम अपने आप से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। युवाओं का इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाना बहुत जरूरी है।
- सुनीता बहल, सेवानिवृत्त प्रिसिंपल।
प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण के कारण आज सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। आज हम प्रदूषण को कम करने के कुछ उपाय साझा कर रहे हैं। आप उन्हें अपनी जीवन शैली में अपनाने की कोशिश करें। शुरुआत खुद से ही करनी है, फिर लोगों को साथ जोड़ना है।
- सुषमा गांधी, सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर
प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक की थैली का उपयोग न करें, क्योंकि प्लास्टिक में खतरनाक केमिकल होते हैं। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए आप अपने घर में पौधे लगाएं और सौर ऊर्जा का उपयोग करें। अपने घर के गीला और सूखा कचरे को अलग-अलग करें।
- मोनिका शर्मा, पीजीटी अंग्रेजी, आईडीडीएवी स्कूल।
पर्यावरण संरक्षण विश्व में प्रत्येक मनुष्य के लिए अनिवार्य रूप से घोषित करना चाहिए। पर्यावरण है तो हमारा जीवन है। हमें ई-वेस्ट प्रबंधन की ओर भी ध्यान देना है। संकल्प है कि हम ज्यादा-ज्यादा से पौधे लगाएंगे व उनकी देखभाल भी करेंगे।
- प्रो. नरेंद्र सोनी, डीएन कॉलेज।
प्रदूषण को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पौधे लगाने हैं व उनकी देखभाल भी करनी है। भू-संरक्षण के उपाय करने हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ अच्छा करना है, तो हमें पर्यावरण बचाना होगा। इसके लिए बच्चे व युवाओं को साथ लेकर आना है।
- मीनाक्षी गेरा, टीजीटी साइंस,आईडीडीएवीपी स्कूल।
पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी प्रावधान है। हम भी विभाग की ओर से शहर की सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर इस दिशा में अभियान चलाएंगे। शहर में सबसे गंदगी वाले क्षेत्र को चिह्नित कर उन्हें हरा-भरा बनाएंगे।
- कपिल सिंह, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हिसार।
पूरा संसार ही पर्यावरण के प्रदूषण से पीड़ित है। बढ़ते प्रदूषण के कारण मनुष्य को हर सांस के साथ हानिकारक व जहरीली हवा मिल रही है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। इसकी शुरुआत हमें खुद से ही करनी है।
- जगदीश चंद्र, लेक्चरर, राजनीतिक विज्ञान, राजकीय विद्यालय, लांधड़ी
अगर पर्यावरण इसी तरह से प्रदूषित होता रहा, तो पूरी पृथ्वी इस प्रदूषण में विलीन हो जाएगी। इसलिए समय रहते हमें प्रदूषण से हमारी पृथ्वी बचानी है। इसके लिए आत्ममंथन की जरूरत है, जिसकी शुरुआत खुद से होगी।
- सत्यपाल शर्मा, सेवानिवृत्त एसई, बिजली निगम।
पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए सभी का जागरूक होना अति आवश्यक हैं। हम सभी लोग एकजुट होकर पर्यावरण के प्रति कार्य करें, ताकि यह पर्यावरण पहले की भांति अच्छा रहे। एक बात हमें हमेशा याद रखनी चाहिए कि यदि पर्यावरण अच्छा है तो हम अच्छे हैं। यदि हम अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का हमेशा दोहन ही करते रहेंगे, तो एक दिन प्रकृति हमें निगल जाएगी।
- अछारी गर्ग, शिक्षिका, डीपीएस हिसार।
पर्यावरण संरक्षण को हानि पहुंचाने वाली चीजों का कम उपयोग करना चाहिए, जैसे प्लास्टिक के बैग इत्यादि। कचरा प्रबंधन की ओर विशेष ध्यान करना है। दोबारा इस्तेमाल करने योग्य सामान को हमें खरीदने चाहिए, जिसे हम वापस उपयोग कर सकते हैं।
- नरेंद्र शर्मा, ओपीजेएमएस, हिसार।
प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्लास्टिक इस्तेमाल न करें। गंदगी व कूड़ा न फैलाएं और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। हम अपने स्कूलों में हर रोज बच्चों को पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक करते हैं। अब यह मुहिम और तेज की जाएगी।
- मीनाक्षी मुदगिल, एमडी , शिवालिक शिक्षा समिति।
प्रदूषण अत्यंत धीमा जहर है, जो हवा, पानी, धूल आदि के माध्यम से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर उसे बीमार कर देता है। इसके साथ ही जीव-जंतुओं, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों के लिए भी हानिकारक है। इसे बचना हमारे लिए बहुत ही जरूरी है।
- डॉ. एसके कालरा, हिसार।
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पर्यावरण सुरक्षा और उसमें संतुलन हमेशा बना रहे इसके लिए हमें जागरूक व सचेत रहना होगा। प्रत्येक प्रकार के हानिकारक प्रदूषण जैसे जल, वायु, ध्वनि, इन सब खतरनाक प्रदूषण से बचने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। तभी हम अपनी धरती को बचा सकेंगे और उसकी सुंदरता को बढ़ा सकेंगे।
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- डॉ. पुष्पा खर्ब, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एचएयू।
जल प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। वैसे तो हम नदियों को मां मानते हैं, लेकिन दूसरी तरफ लोग नदियों को दूषित भी कर रहे हैं। नदियों को दूषित होने से बचाना है। आज हम केमिकलयुक्त पानी पी रहे हैं। इसके लिए मुहिम चलाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे।
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- सुनीता जैन, सेवानिवृत्त प्रोफेसर।
आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, सामाजिक संस्था व शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। हमारी संस्था निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। कचरा प्रबंधन, पौधे लगाना व साफ-सफाई के लिए जागरूकता के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
- सुनीता महतानी, सेवानिवृत्त प्राचार्य।
कचरा प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसकी शुरुआत हमें अपने घर से ही करनी है। स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे बढ़ना है। हिसार को जीरो वेस्ट वाला शहर बनाना है, ताकि कचरे के पहाड़ खड़े न हों। हमें ऐसी वस्तुओं का प्रयोग करना है, जिससे कचरा न फैले। हर वर्ग को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।
- डॉ. सुनीता श्योकंद, सेवानिवृत्त प्रिसिंपल।
वायु प्रदूषण के कारण हर चीज धुआं धुआं हो रही है। प्रदूषण चाहे कोई भी हो वह खतरनाक है। इसे नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। हम अपने आप से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। युवाओं का इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाना बहुत जरूरी है।
- सुनीता बहल, सेवानिवृत्त प्रिसिंपल।
प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण के कारण आज सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। आज हम प्रदूषण को कम करने के कुछ उपाय साझा कर रहे हैं। आप उन्हें अपनी जीवन शैली में अपनाने की कोशिश करें। शुरुआत खुद से ही करनी है, फिर लोगों को साथ जोड़ना है।
- सुषमा गांधी, सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर
प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक की थैली का उपयोग न करें, क्योंकि प्लास्टिक में खतरनाक केमिकल होते हैं। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए आप अपने घर में पौधे लगाएं और सौर ऊर्जा का उपयोग करें। अपने घर के गीला और सूखा कचरे को अलग-अलग करें।
- मोनिका शर्मा, पीजीटी अंग्रेजी, आईडीडीएवी स्कूल।
पर्यावरण संरक्षण विश्व में प्रत्येक मनुष्य के लिए अनिवार्य रूप से घोषित करना चाहिए। पर्यावरण है तो हमारा जीवन है। हमें ई-वेस्ट प्रबंधन की ओर भी ध्यान देना है। संकल्प है कि हम ज्यादा-ज्यादा से पौधे लगाएंगे व उनकी देखभाल भी करेंगे।
- प्रो. नरेंद्र सोनी, डीएन कॉलेज।
प्रदूषण को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पौधे लगाने हैं व उनकी देखभाल भी करनी है। भू-संरक्षण के उपाय करने हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ अच्छा करना है, तो हमें पर्यावरण बचाना होगा। इसके लिए बच्चे व युवाओं को साथ लेकर आना है।
- मीनाक्षी गेरा, टीजीटी साइंस,आईडीडीएवीपी स्कूल।
पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी प्रावधान है। हम भी विभाग की ओर से शहर की सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर इस दिशा में अभियान चलाएंगे। शहर में सबसे गंदगी वाले क्षेत्र को चिह्नित कर उन्हें हरा-भरा बनाएंगे।
- कपिल सिंह, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हिसार।
पूरा संसार ही पर्यावरण के प्रदूषण से पीड़ित है। बढ़ते प्रदूषण के कारण मनुष्य को हर सांस के साथ हानिकारक व जहरीली हवा मिल रही है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। इसकी शुरुआत हमें खुद से ही करनी है।
- जगदीश चंद्र, लेक्चरर, राजनीतिक विज्ञान, राजकीय विद्यालय, लांधड़ी
अगर पर्यावरण इसी तरह से प्रदूषित होता रहा, तो पूरी पृथ्वी इस प्रदूषण में विलीन हो जाएगी। इसलिए समय रहते हमें प्रदूषण से हमारी पृथ्वी बचानी है। इसके लिए आत्ममंथन की जरूरत है, जिसकी शुरुआत खुद से होगी।
- सत्यपाल शर्मा, सेवानिवृत्त एसई, बिजली निगम।
पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए सभी का जागरूक होना अति आवश्यक हैं। हम सभी लोग एकजुट होकर पर्यावरण के प्रति कार्य करें, ताकि यह पर्यावरण पहले की भांति अच्छा रहे। एक बात हमें हमेशा याद रखनी चाहिए कि यदि पर्यावरण अच्छा है तो हम अच्छे हैं। यदि हम अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का हमेशा दोहन ही करते रहेंगे, तो एक दिन प्रकृति हमें निगल जाएगी।
- अछारी गर्ग, शिक्षिका, डीपीएस हिसार।
पर्यावरण संरक्षण को हानि पहुंचाने वाली चीजों का कम उपयोग करना चाहिए, जैसे प्लास्टिक के बैग इत्यादि। कचरा प्रबंधन की ओर विशेष ध्यान करना है। दोबारा इस्तेमाल करने योग्य सामान को हमें खरीदने चाहिए, जिसे हम वापस उपयोग कर सकते हैं।
- नरेंद्र शर्मा, ओपीजेएमएस, हिसार।
प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्लास्टिक इस्तेमाल न करें। गंदगी व कूड़ा न फैलाएं और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। हम अपने स्कूलों में हर रोज बच्चों को पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक करते हैं। अब यह मुहिम और तेज की जाएगी।
- मीनाक्षी मुदगिल, एमडी , शिवालिक शिक्षा समिति।
प्रदूषण अत्यंत धीमा जहर है, जो हवा, पानी, धूल आदि के माध्यम से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर उसे बीमार कर देता है। इसके साथ ही जीव-जंतुओं, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों के लिए भी हानिकारक है। इसे बचना हमारे लिए बहुत ही जरूरी है।
- डॉ. एसके कालरा, हिसार।