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Hisar News: गैबीपुर के निलंबित सरपंच को रिकॉर्ड बहुमत वाले पंच को सौंपने के दिए आदेश
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बरवाला। उपायुक्त महेंद्र पाल ने बरवाला ब्लाक के गांव गैबीपुर के सरपंच पवन कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर पंचायत का समस्त रिकॉर्ड बहुमत वाले सरपंच को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भविष्य में पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग लेने पाबंदी लगा दी है।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बरवाला द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार पवन कुमार पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इस सबंध में उन्हें नोटिस भेजकर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया लेकिन 5 माह 14 दिन बीत जाने के बाद भी न ही तो उपस्थित हुए और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया है।
इसके बाद 16 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया लेकिन तब भी उपस्थित नहीं हुए। उपायुक्त ने आदेश में कहा कि नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई पर उपस्थित न होना यह दर्शाता है कि सरपंच अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर कुछ नहीं कहना चाहते हैं। इससे पहले 21 अगस्त 2026 को भी प्रारंभिक जांच में सिद्ध आरोपों को लेकर आदेश जारी किए जा चुके थे।
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गांव के 16 पंचों में से 14 पंच खुलकर सरपंच के विरोध में आ गए थे। पंचों ने चेतावनी दी थी कि सोमवार तक प्रशासन सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो सभी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। पंचों ने सरपंच पर लाखों रुपये के घोटालों का आरोप लगाते हुए 14 बिंदुओं की सूची भी जारी की थी। उ
पंचायत के विकास कार्यों और वित्तीय मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सरपंच पवन कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बरवाला द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार पवन कुमार पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इस सबंध में उन्हें नोटिस भेजकर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया लेकिन 5 माह 14 दिन बीत जाने के बाद भी न ही तो उपस्थित हुए और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया है।
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इसके बाद 16 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया लेकिन तब भी उपस्थित नहीं हुए। उपायुक्त ने आदेश में कहा कि नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई पर उपस्थित न होना यह दर्शाता है कि सरपंच अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर कुछ नहीं कहना चाहते हैं। इससे पहले 21 अगस्त 2026 को भी प्रारंभिक जांच में सिद्ध आरोपों को लेकर आदेश जारी किए जा चुके थे।
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गांव के 16 पंचों में से 14 पंच खुलकर सरपंच के विरोध में आ गए थे। पंचों ने चेतावनी दी थी कि सोमवार तक प्रशासन सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो सभी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। पंचों ने सरपंच पर लाखों रुपये के घोटालों का आरोप लगाते हुए 14 बिंदुओं की सूची भी जारी की थी। उ
पंचायत के विकास कार्यों और वित्तीय मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सरपंच पवन कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद