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Hisar News: राेड जाम करने के एक दिन बाद ही श्यामलाल ढाणी की गलियों में फिर से भरा गंदा पानी
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हिसार। रोड जाम करने के एक दिन बाद ही श्यामलाल ढाणी की गलियों में फिर से पहले की तरह सीवर का पानी भर गया। समस्या के समाधान के लिए लोग ने अधिकारियों के सामने रोना रोया। मगर अधिकारियों ने अवकाश का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। उधर, क्षेत्रवासी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से भी मिले। क्षेत्रवासियों की मानें तो निकाय मंत्री से सिर्फ कोरा आश्वासन मिला है।
बता दें कि शनिवार को श्यामलाल ढाणी की गलियों से लेकर घरों में सीवर का पानी भरने पर लोगों ने नई सब्जी मंडी के गेट नंबर-2 के पास रोड जाम कर दिया था। लोगों ने करीब 2 घंटे तक रोड को जाम रखा था। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, जेई व पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया था। इस दौरान ने आरोप लगाया था कि डेढ़ साल से सीवर की समस्या बनी हुई है। मगर विभाग की तरफ से समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से खानापूर्ति कर टैंकर से पानी निकाला जा रहा है।
15 घरों के लोग हो जाते हैं कैद
क्षेत्रवासी जगदीश ने बताया कि इस गली में करीब 15 घर हैं। जब गली में सीवर का पानी जमा हो जाता है तो इन घरों में रहने वाले लोग घरों में कैद हो जाते हैं। अगर किसी जरूरी काम के लिए उन्हें बाहर जाना है तो इस सीवर के पानी में होकर ही गुजरने पड़ेगा। काफी समय से उनकी जिंदगी नरक बनी हुई है। जगदीश ने बताया कि इस गंदे पानी की निकासी को लेकर उन्होंने अधिकारियों से बात की तो जवाब आया कि आज रविवार है। इस कारण मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
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बता दें कि शनिवार को श्यामलाल ढाणी की गलियों से लेकर घरों में सीवर का पानी भरने पर लोगों ने नई सब्जी मंडी के गेट नंबर-2 के पास रोड जाम कर दिया था। लोगों ने करीब 2 घंटे तक रोड को जाम रखा था। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, जेई व पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया था। इस दौरान ने आरोप लगाया था कि डेढ़ साल से सीवर की समस्या बनी हुई है। मगर विभाग की तरफ से समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से खानापूर्ति कर टैंकर से पानी निकाला जा रहा है।
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15 घरों के लोग हो जाते हैं कैद
क्षेत्रवासी जगदीश ने बताया कि इस गली में करीब 15 घर हैं। जब गली में सीवर का पानी जमा हो जाता है तो इन घरों में रहने वाले लोग घरों में कैद हो जाते हैं। अगर किसी जरूरी काम के लिए उन्हें बाहर जाना है तो इस सीवर के पानी में होकर ही गुजरने पड़ेगा। काफी समय से उनकी जिंदगी नरक बनी हुई है। जगदीश ने बताया कि इस गंदे पानी की निकासी को लेकर उन्होंने अधिकारियों से बात की तो जवाब आया कि आज रविवार है। इस कारण मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
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