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बुध को जिला हुआ ओडीएफ, वीरवार को सांसदों ने खडे़ कर दिए सवाल
amarujala/Hisar
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:23 AM IST
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Officer Answering in the meeting
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बुधवार को जिले को खुले में शौच मुक्त होने पर सांसदों ने ही सवाल खडे़ कर दिए। लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला तथा राज्यसभा सदस्य डॉ. सुभाष चंद्रा ने जिले के ओडीएफ होने पर अधिकारियों को कठघरे में खड़ा करते हुए मीटिंग में वीडियो क्लिप दिखाकर हकीकत से रूबरू कराया।
जिले को 1 मार्च को ओडीएफ घोषित करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने डीसी निखिल गजराज को सर्टिफिकेट जारी किया था। सांसद दुष्यंत चौटाला ने डीडीएमसी दिशा कमेटी की बैठक में जिला प्रशासन के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कितने गांव हकीकत में ओडीएफ हुए यह बताओ। सांसद ने सेक्टर 14 एरिया की एक वीडियो क्लिप प्रोजेक्टर पर चलाई, जिसमें लोगों को खुले में शौच जाते हुए दिखाया गया था। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर पिंकी यादव ने कहा कि फिलहाल ग्रामीण एरिया को ओडीएफ घोषित किया है। शहरी एरिया में काम करना बकाया है। जिले के 308 ग्राम पंचायत में से 306 पंचायत ओडीएफ हो चुकी हैं, जिसके लिए करीब 9 महीने तक अधिकारियों ने काम किया। जुलाई 2016 से यह अभियान शुरू किया गया था। डीसी निखिल गजराज ने कहा कि शहरी कुछ एरिया में दिक्कतें हैं। कुछ ऐसे एरिया हैं जहां बुजुर्ग लोग एक समय टायलेट प्रयोग करते हैं। एक टाइम गांव से बाहर खुले में जाते हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल टॉयलेट में सफाई व हाइजिनिक का इश्यू है। निगम के एक्सईन रामजीलाल ने बताया कि 16 टायलेट बनाए गए हैं। एक संस्था की ओर से दो टायलेट बनाकर शहर को गिफ्ट करने का प्रस्ताव आया है।
पीएम की योजनाओं का यह हाल बाकी का क्या होगा
सांसदों ने कहा कि प्रधानमंत्री की योजनाओं का यह हाल है तो दूसरी योजनाओं का क्या होता होगा। अधिकारी स्वच्छता मिशन को गंभीरता से नहीं ले रहे। ग्राउंड रियलिटी चेक करें तो आपको पता लग जाएगा। लोगों की आदत बदलने में लंबा समय लगता है।
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दुष्यंत ने चूरू का उदाहरण दिया
सांसद दुष्यंत ने बताया कि चूरू को देश का सबसे पहला ओडीएफ जिला घोषित किया था। वर्ल्ड बैंक ने उसकी रिपोर्ट दी तो पता लगा कि 80 प्रतिशत लोग ही टायलेट प्रयोग करते पाए गए। करीब 20 प्रतिशत लोग खुले में शौच जाते मिले।
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जिले को 1 मार्च को ओडीएफ घोषित करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने डीसी निखिल गजराज को सर्टिफिकेट जारी किया था। सांसद दुष्यंत चौटाला ने डीडीएमसी दिशा कमेटी की बैठक में जिला प्रशासन के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कितने गांव हकीकत में ओडीएफ हुए यह बताओ। सांसद ने सेक्टर 14 एरिया की एक वीडियो क्लिप प्रोजेक्टर पर चलाई, जिसमें लोगों को खुले में शौच जाते हुए दिखाया गया था। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर पिंकी यादव ने कहा कि फिलहाल ग्रामीण एरिया को ओडीएफ घोषित किया है। शहरी एरिया में काम करना बकाया है। जिले के 308 ग्राम पंचायत में से 306 पंचायत ओडीएफ हो चुकी हैं, जिसके लिए करीब 9 महीने तक अधिकारियों ने काम किया। जुलाई 2016 से यह अभियान शुरू किया गया था। डीसी निखिल गजराज ने कहा कि शहरी कुछ एरिया में दिक्कतें हैं। कुछ ऐसे एरिया हैं जहां बुजुर्ग लोग एक समय टायलेट प्रयोग करते हैं। एक टाइम गांव से बाहर खुले में जाते हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल टॉयलेट में सफाई व हाइजिनिक का इश्यू है। निगम के एक्सईन रामजीलाल ने बताया कि 16 टायलेट बनाए गए हैं। एक संस्था की ओर से दो टायलेट बनाकर शहर को गिफ्ट करने का प्रस्ताव आया है।
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पीएम की योजनाओं का यह हाल बाकी का क्या होगा
सांसदों ने कहा कि प्रधानमंत्री की योजनाओं का यह हाल है तो दूसरी योजनाओं का क्या होता होगा। अधिकारी स्वच्छता मिशन को गंभीरता से नहीं ले रहे। ग्राउंड रियलिटी चेक करें तो आपको पता लग जाएगा। लोगों की आदत बदलने में लंबा समय लगता है।
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दुष्यंत ने चूरू का उदाहरण दिया
सांसद दुष्यंत ने बताया कि चूरू को देश का सबसे पहला ओडीएफ जिला घोषित किया था। वर्ल्ड बैंक ने उसकी रिपोर्ट दी तो पता लगा कि 80 प्रतिशत लोग ही टायलेट प्रयोग करते पाए गए। करीब 20 प्रतिशत लोग खुले में शौच जाते मिले।