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बाल सुधार गृह : सुरक्षा व्यवस्था को धता बता भागे थे 17 बंदी, फिर भी नहीं चेते अधिकारी

Fri, 25 Dec 2020 01:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2020 01:38 AM IST
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officer not aware after 17 juvenile run
बाल सुधार गृह की फाइल फोटो । - फोटो : Hisar
मुनीष कुमार
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हिसार। वर्ष 2020 में जिले में कई बड़ी घटनाएं हुईं, लेकिन बरवाला रोड स्थित जिला बाल सुधार गृह से 12 अक्तूबर को 17 बाल बंदियों के भागने की घटना पुलिस प्रशासन के लिए सबक देने वाली कही जा सकती है। पुुलिस 11 बाल बंदियों को तो पकड़ चुकी है, लेकिन छह अब भी फरार हैं। इससे पहले बाल सुधार गृह से वर्ष 2017 में भी बाल बंदी फरार हुए थे। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
बाल सुधार गृह से बंदी सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर वहां से भागे थे। इन बंदियों में से कुछ ने तो बाहर निकलकर पकड़े जाने से पहले आपराधिक घटनाओं तक को अंजाम दे दिया था, जिनमें झज्जर में एक बैंक लूट की घटना भी शामिल है। कुछ बंदी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। फिर भी जेल प्रशासन की ओर से भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। यहां तक ऐसी वारदात रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं।
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नहीं बढ़े सीसीटीवी कैमरे
बाल सुधार गृह से फरार होने से पूर्व बंदी वहां एक बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे के बिलकुल नीचे खड़े हुए थे, जिस कारण उनकी गतिविधि कैमरे में वह कैद नहीं हो सकी। इसके चलते उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था। इसे देखते हुए सीसीटीवी की संख्या 16 से बढ़ाकर 20 करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया था, लेकिन आज तक कैमरों की संख्या नहीं बढ़ सकी है।
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सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को बदला स्टाफ
बाल सुधार गृह में सुरक्षा में चूक पर यहां से बाल बंदियों के फरार होने के बाद यहां का पूरा स्टाफ बदल दिया गया। यहां तक कि अधीक्षक को भी बदला गया। बाल सुधार गृह के गेट पर जिला पुलिस गार्ड के अलावा अलग से एक चौकीदार भी तैनात किया गया, जो जेल के आसपास की सुरक्षा पर नजर रखेगा।
खिड़कियां सीमेंटेड बनाने का प्रस्ताव भी अटका
यहां पर बाल बंदियों ने खिड़कियों को तोड़कर उसकी लकड़ियों से हथियार बनाए थे। घटना के बाद जेल प्रशासन ने इन खिड़कियों को सीमेंट की बनाने का प्रस्ताव बनाया था, जो अभी कागजों में है। ये खिड़कियां ज्यों की त्यों हैं।
क्षमता 44 की, बंदी रखे 91
बाल सुधार गृह में बाल बंदियों की संख्या क्षमता कहीं अधिक है। इस सुधार गृह की क्षमता 44 बाल बंदियों की है, जबकि वर्तमान में इसमें 91 बंदी रखे गए हैं। जिस समय घटना हुई उस समय भी लगभग 88 बाल बंदी थे। ऐसे में बंदियों की संख्या के हिसाब से सुरक्षा कर्मियों की भी यहां बेहद कम है।

सीसीटीवी बढ़ाने के लिए लिखा है पत्र
सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा हुआ है, मंजूरी मिलते ही उस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। यहां का पूरा स्टाफ बदला जा चुका है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अब बाहर एक चौकीदार भी रखा गया है। सुरक्षा के अन्य उपायों पर भी प्रक्रिया जारी है।
- रोशन, अधीक्षक, बाल सुधार गृह, हिसार।
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