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Hisar News: फर्जी हस्ताक्षर से निजी अस्पताल को एनओसी, प्राथमिकी की अनुशंसा
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हिसार। फर्जी दस्तावेज के सहारे सरकारी विभाग से एनओसी लेने का मामला सामने आया है। नगर निगम की जांच में नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की ओर से कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा कराई गई एनओसी को फर्जी बताया गया है।
निगम के अनुसार पत्र पर सचिव के हस्ताक्षर फर्जी हैं और कार्यालय के रिकॉर्ड में इसका कोई उल्लेख नहीं है। मामले में नगर निगम के सचिव ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हिसार क्षेत्रीय कार्यालय ने नगर निगम से जून 2023 में जारी एनओसी की सत्यता की पुष्टि मांगी। निगम ने संबंधित फाइलों और एचवीसी शाखा के पुराने व नए रिकॉर्ड की जांच की। इसमें ऐसा कोई पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
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रविवार को जारी दिखाया पत्र
जांच में सामने आया कि कथित एनओसी पर 11 जून 2023 की तारीख दर्ज है। यह रविवार का सार्वजनिक अवकाश था। पत्र में इस्तेमाल फॉन्ट भी निगम कार्यालय में नियमित रूप से उपयोग होने वाले फॉन्ट से अलग पाया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, पत्र पर सचिव के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
पहले भी दी थी चेतावनी
नगर निगम ने जुलाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर आगाह किया था। निगम ने कहा था कि सीटीओ के लिए ट्रेड लाइसेंस या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले अस्पतालों और संस्थानों के कागजात की सत्यता पहले निगम से जांची जाए। नगर निगम सचिव ने जांच रिपोर्ट में बताया कि संबंधित एनओसी उनके कार्यालय से जारी नहीं हुई थी। उनके हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर विभाग को गुमराह करने का प्रयास किया गया। इसी आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की गई है।
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हमें नोटिस मिला है। हमारे पास पूरे कागजात हैं। जल्द ही नोटिस का जवाब दे देंगे। इसमें कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है। - कर्ण, संचालक, नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, हिसार।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की एनओसी की वेरिफिकेशन के लिए पत्र मिलने पर हमने जांच की है। जांच में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला तो हमने पुलिस को पत्र लिखा है ताकि मामले की जांच करवाई जा सके। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।
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निगम के अनुसार पत्र पर सचिव के हस्ताक्षर फर्जी हैं और कार्यालय के रिकॉर्ड में इसका कोई उल्लेख नहीं है। मामले में नगर निगम के सचिव ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की है।
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मामले का खुलासा तब हुआ जब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हिसार क्षेत्रीय कार्यालय ने नगर निगम से जून 2023 में जारी एनओसी की सत्यता की पुष्टि मांगी। निगम ने संबंधित फाइलों और एचवीसी शाखा के पुराने व नए रिकॉर्ड की जांच की। इसमें ऐसा कोई पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
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रविवार को जारी दिखाया पत्र
जांच में सामने आया कि कथित एनओसी पर 11 जून 2023 की तारीख दर्ज है। यह रविवार का सार्वजनिक अवकाश था। पत्र में इस्तेमाल फॉन्ट भी निगम कार्यालय में नियमित रूप से उपयोग होने वाले फॉन्ट से अलग पाया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, पत्र पर सचिव के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
पहले भी दी थी चेतावनी
नगर निगम ने जुलाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर आगाह किया था। निगम ने कहा था कि सीटीओ के लिए ट्रेड लाइसेंस या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले अस्पतालों और संस्थानों के कागजात की सत्यता पहले निगम से जांची जाए। नगर निगम सचिव ने जांच रिपोर्ट में बताया कि संबंधित एनओसी उनके कार्यालय से जारी नहीं हुई थी। उनके हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर विभाग को गुमराह करने का प्रयास किया गया। इसी आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की गई है।
हमें नोटिस मिला है। हमारे पास पूरे कागजात हैं। जल्द ही नोटिस का जवाब दे देंगे। इसमें कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है। - कर्ण, संचालक, नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, हिसार।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की एनओसी की वेरिफिकेशन के लिए पत्र मिलने पर हमने जांच की है। जांच में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला तो हमने पुलिस को पत्र लिखा है ताकि मामले की जांच करवाई जा सके। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।