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बस अड्डे से लेकर 79 रोडवेज बसों में नहीं अग्निशमन यंत्र, यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे
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रोडवेज महाप्रबंधक कार्यालय के पास खराब पड़े अग्निशमन यंत्र। संवाद
- फोटो : Hisar
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हिसार। बस अड्डे पर यात्रियों की सुरक्षा भी रामभरोसे है। रोजाना 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को आवागमन होने के बावजूद बस अड्डे पर आग से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। बस अड्डे पर बने 18 बूथों पर एक भी अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगाए गए हैं। बस अड्डे के पूछताछ कार्यालय में घरेलू गैस सिलिंडर तक रखा हुआ है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों की इस सिलिंडर पर नजर तक नहीं पड़ी।
बता दें, कि हिसार और हांसी सब डिपो में 225 बसें हैं जिनमें से 175 बसें ऑन रूट हैं। इनमें से 79 बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बस में सफर कर रहे यात्री आगजनी के समय कितने सुरक्षित हैं। अधिकतर बसों से सीट बेल्ट तक गायब हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा कैसे करेगा।
रोडवेज अधिकारियों के कार्यालय में इंतजाम पूरे तो यात्रियों के लिए क्यों नहीं
रोडवेज अधिकारियों के अधिकतर कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगे हैं। वर्कशॉप के सामने बने पेट्रोल पंप पर भी इंतजाम पूरे दिखाई दिए गए। मगर बस अड्डे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। यदि आग लग जाए तो रोडवेज विभाग के पास आग से निपटने के लिए कोई साधन नहीं है।
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96 रोडवेज बसों में लगाए अग्निशमन यंत्र
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार हिसार और हांसी सब डिपो की 175 बसें दौड़ रही हैं। करीब एक माह पहले 96 बसों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे। मगर अब 79 बसों में यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है। अभी तक रोडवेज अधिकारियों ने इन बसों में अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए जहमत तक नहीं उठाई। उल्लेखनीय है कि गर्मियों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। मगर बस अड्डे पर कोई इंतजाम नहीं है।
बस अड्डे पर सर्वे करवाया जाएगा। जहां-जहां अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, वहां लगाए जाएंगे। पूछताछ कार्यालय में गैस सिलिंडर रखने की बात है तो संबंधित अधिकारी को बुलाकर पूछा जाएगा कि यह सिलिंडर किसका है और किसने रखवाया है। कार्यालय में सिलिंडर रखने की किसी को अनुमति नहीं है। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
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बता दें, कि हिसार और हांसी सब डिपो में 225 बसें हैं जिनमें से 175 बसें ऑन रूट हैं। इनमें से 79 बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बस में सफर कर रहे यात्री आगजनी के समय कितने सुरक्षित हैं। अधिकतर बसों से सीट बेल्ट तक गायब हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा कैसे करेगा।
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रोडवेज अधिकारियों के कार्यालय में इंतजाम पूरे तो यात्रियों के लिए क्यों नहीं
रोडवेज अधिकारियों के अधिकतर कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगे हैं। वर्कशॉप के सामने बने पेट्रोल पंप पर भी इंतजाम पूरे दिखाई दिए गए। मगर बस अड्डे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। यदि आग लग जाए तो रोडवेज विभाग के पास आग से निपटने के लिए कोई साधन नहीं है।
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96 रोडवेज बसों में लगाए अग्निशमन यंत्र
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार हिसार और हांसी सब डिपो की 175 बसें दौड़ रही हैं। करीब एक माह पहले 96 बसों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे। मगर अब 79 बसों में यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है। अभी तक रोडवेज अधिकारियों ने इन बसों में अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए जहमत तक नहीं उठाई। उल्लेखनीय है कि गर्मियों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। मगर बस अड्डे पर कोई इंतजाम नहीं है।
बस अड्डे पर सर्वे करवाया जाएगा। जहां-जहां अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, वहां लगाए जाएंगे। पूछताछ कार्यालय में गैस सिलिंडर रखने की बात है तो संबंधित अधिकारी को बुलाकर पूछा जाएगा कि यह सिलिंडर किसका है और किसने रखवाया है। कार्यालय में सिलिंडर रखने की किसी को अनुमति नहीं है। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो