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Hisar News: नो एंट्री बेअसर...मैन गेट पर जाम हुआ आम
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बस स्टैंड के मैन गेट पर जिला नागरिक रोड पर लगा जाम।
हिसार। बस स्टैंड के मैन गेट पर नो एंट्री के बावजूद कई रूटों की बसों का आवागमन जारी है, जिससे सिविल अस्पताल मार्ग पर रोजाना जाम आम हो गया है। कर्मचारियों की कमी के चलते प्राइवेट बसों की एंट्री पर रोक नहीं लग पा रही। हालत यह है कि एंबुलेंस को भी कई बार रास्ता नहीं मिल पाता और ट्रैफिक कर्मियों को जाम खुलवाने में पसीने छूट जाते हैं।
वीरवार को भी रोडवेज कर्मचारियों और प्राइवेट बस चालकों के बीच विवाद हो गया। रोडवेज डिपो कर्मचारियों ने बसों को मैन गेट से प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी और तू-तड़ाक हो गई।
बस स्टैंड के मुख्य मार्ग की ओर जिला नागरिक अस्पताल स्थित है, जिसके कारण इस सड़क पर पहले ही वाहनों का दबाव अधिक रहता है। इसी को देखते हुए करीब एक वर्ष पूर्व जिला प्रशासन के आदेश पर रोडवेज डिपो ने मैन गेट से नरवाना, भूना, टोहाना, अग्रोहा सहित अन्य रूटों पर जाने-आने वाली रोडवेज और प्राइवेट बसों के आवागमन पर पाबंदी लगा दी थी, ताकि ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने।
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इसके बावजूद इन रूटों की बसें मुख्य गेट से ही प्रवेश और निकास कर रही हैं। हिसार डिपो में 259 रोडवेज बसें संचालित हैं, जबकि 87 प्राइवेट बसों का भी यहां से आवागमन होता है। कुल मिलाकर करीब 400 बसें इसी गेट से गुजर रही हैं।
यहां से होना था आवागमन
सिरसा, टोहाना, भूना, नरवाना, अग्रोहा सहित कई रूटों की बसें काउंटर नंबर 5 से 14 तक लगती हैं। इन बसों की सेवा हर तीन से पांच मिनट के अंतराल पर है। पहले इन बसों की एंट्री और निकासी मैन गेट से ही होती थी। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए एक वर्ष पूर्व योजना बनाई गई थी कि इन रूटों की रोडवेज और प्राइवेट बसों को बस स्टैंड के पीछे स्थित साउथ बाईपास गेट से ही निकाला जाएगा और वहीं से प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था अब फेल होती नजर आ रही है।
डिपो स्टैंड पर केवल 7 कर्मचारी
बस स्टैंड पर पहले 18 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर तैनात थे, लेकिन वर्तमान में 11 को अन्य कार्यों पर लगा दिया गया है। ऐसे में बसों के संचालन के लिए केवल सात कर्मचारी ही बचे हैं। इन्हीं कर्मचारियों पर नो एंट्री गेट से बसों का आवागमन रोकने की जिम्मेदारी भी है। मैन गेट पर यदि एक-दो कर्मचारियों को तैनात किया भी जाता है तो उनका अधिकांश समय प्राइवेट बस चालकों से विवाद में ही निकल जाता है। लाख प्रयास के बावजूद बसों की एंट्री और निकासी रोकी नहीं जा पा रही।
व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए डिपो को अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। रोडवेज चालक कुछ हद तक नियम मान लेते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक सहयोग नहीं कर रहे। मैन गेट पर व्यवस्था लागू करने के लिए कम से कम पांच कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि इस कार्य के लिए एक भी अलग से कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है।
- रघुबीर सिंह जेवली, एसएस, बस स्टैंड हिसार।
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वीरवार को भी रोडवेज कर्मचारियों और प्राइवेट बस चालकों के बीच विवाद हो गया। रोडवेज डिपो कर्मचारियों ने बसों को मैन गेट से प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी और तू-तड़ाक हो गई।
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बस स्टैंड के मुख्य मार्ग की ओर जिला नागरिक अस्पताल स्थित है, जिसके कारण इस सड़क पर पहले ही वाहनों का दबाव अधिक रहता है। इसी को देखते हुए करीब एक वर्ष पूर्व जिला प्रशासन के आदेश पर रोडवेज डिपो ने मैन गेट से नरवाना, भूना, टोहाना, अग्रोहा सहित अन्य रूटों पर जाने-आने वाली रोडवेज और प्राइवेट बसों के आवागमन पर पाबंदी लगा दी थी, ताकि ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने।
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इसके बावजूद इन रूटों की बसें मुख्य गेट से ही प्रवेश और निकास कर रही हैं। हिसार डिपो में 259 रोडवेज बसें संचालित हैं, जबकि 87 प्राइवेट बसों का भी यहां से आवागमन होता है। कुल मिलाकर करीब 400 बसें इसी गेट से गुजर रही हैं।
यहां से होना था आवागमन
सिरसा, टोहाना, भूना, नरवाना, अग्रोहा सहित कई रूटों की बसें काउंटर नंबर 5 से 14 तक लगती हैं। इन बसों की सेवा हर तीन से पांच मिनट के अंतराल पर है। पहले इन बसों की एंट्री और निकासी मैन गेट से ही होती थी। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए एक वर्ष पूर्व योजना बनाई गई थी कि इन रूटों की रोडवेज और प्राइवेट बसों को बस स्टैंड के पीछे स्थित साउथ बाईपास गेट से ही निकाला जाएगा और वहीं से प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था अब फेल होती नजर आ रही है।
डिपो स्टैंड पर केवल 7 कर्मचारी
बस स्टैंड पर पहले 18 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर तैनात थे, लेकिन वर्तमान में 11 को अन्य कार्यों पर लगा दिया गया है। ऐसे में बसों के संचालन के लिए केवल सात कर्मचारी ही बचे हैं। इन्हीं कर्मचारियों पर नो एंट्री गेट से बसों का आवागमन रोकने की जिम्मेदारी भी है। मैन गेट पर यदि एक-दो कर्मचारियों को तैनात किया भी जाता है तो उनका अधिकांश समय प्राइवेट बस चालकों से विवाद में ही निकल जाता है। लाख प्रयास के बावजूद बसों की एंट्री और निकासी रोकी नहीं जा पा रही।
व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए डिपो को अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। रोडवेज चालक कुछ हद तक नियम मान लेते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक सहयोग नहीं कर रहे। मैन गेट पर व्यवस्था लागू करने के लिए कम से कम पांच कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि इस कार्य के लिए एक भी अलग से कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है।
- रघुबीर सिंह जेवली, एसएस, बस स्टैंड हिसार।