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Hisar News: रेलवे लाइन की क्लिप उखाड़ने के मामले में पुलिस के फाइल बंद करने के दस महीने बाद एनआईए टीम पहुंची बरवाला
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बरवाला थर्मल प्लांट खेदड़ को जाने वाली रेलवे लाईन पर मौजूद एनआईए की टीम।
बरवाला। राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ की रेल पटरी की क्लिप उखाड़े जाने के मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से मामला अनट्रेस लिखकर फाइल बंद किए जाने के करीब दस महीने बाद एएनआई की टीम बरवाला पहुंची। इस दौरान टीम में शामिल अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक की गहनता से जांच की जहां से सिख फॉर जस्टिस संगठन के सदस्यों ने थर्मल प्लांट को जाने वाली रेलवे लाइन की 64 क्लिप उखाड़ दी थी।
एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं किया। जांच करने के कुछ देर बाद ही टीम वापस लौट गई। यह मामला 16 जुलाई 2022 की अलसुबह का है। वारदात के अगले दिन मौके पर तत्कालीन एसपी लोकेंद्र सिंह, एएसपी पूजा वशिष्ठ, डीएसपी कप्तान सिंह, डीएसपी सीआईडी अजय कुमार शर्मा व पुलिस के अन्य अधिकारी तथा थर्मल के चीफ इंजीनियर जयप्रकाश धीमान पहुंचे थे। वहीं रेलवे के बड़े अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंच जांच की थी। कुछ महीने जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को अनट्रेस लिखकर फाइल को बंद कर दिया था।
घटना के करीब 16 माह बाद एनआईए की टीम चंडीगढ़ से डीएसपी सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में मौके का मुआयना करने के लिए पहुंची। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे रेलवे ट्रैक पर पहुंची एनआईए की टीम बाद में प्लांट में भी गई और कुछ ही समय में वापस लौट आई। टीम ने मौके पर न कोई फोटोग्राफी की न वीडियो बनाया। रेलवे अधिकारियों या स्थानीय पुलिस के किसी अधिकारी से कोई बातचीत नहीं की। बताया जा रहा है कि एनआईए की टीम केवल मौके का मुआयना करने आई थी। लोकेशन देखने के बाद टीम ने फाइलों में कुछ मिलान किया। इसके बाद वापस लौट गए।
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क्या कहा था वीडियो में
जिस समय घटना हुई उस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को गुरवंत सिंह पन्नू बताते हुए ने कहा था कि सिक्ख फॉर जस्टिस एसएफजे संगठन ने यह काम किया है। यह भी कहा था कि वह भारत विरोधी नहीं है और न ही एसएफजे हिंसा के खिलाफ हैं लेकिन सिख और पंजाबियों के साथ भेदभाव किये जाने के भारतीय सिस्टम के खिलाफ हैं। वीडियो में यह भी कहा गया था कि 15 अगस्त को देश के सभी थर्मल प्लांटों का कोयला बंद कर देश को अंधेरे में कर देंगे। वीडियो में देश में स्थित विभिन्न थर्मल प्लांटों को बंद करने की धमकी भी दी गई थी।
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एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं किया। जांच करने के कुछ देर बाद ही टीम वापस लौट गई। यह मामला 16 जुलाई 2022 की अलसुबह का है। वारदात के अगले दिन मौके पर तत्कालीन एसपी लोकेंद्र सिंह, एएसपी पूजा वशिष्ठ, डीएसपी कप्तान सिंह, डीएसपी सीआईडी अजय कुमार शर्मा व पुलिस के अन्य अधिकारी तथा थर्मल के चीफ इंजीनियर जयप्रकाश धीमान पहुंचे थे। वहीं रेलवे के बड़े अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंच जांच की थी। कुछ महीने जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को अनट्रेस लिखकर फाइल को बंद कर दिया था।
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घटना के करीब 16 माह बाद एनआईए की टीम चंडीगढ़ से डीएसपी सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में मौके का मुआयना करने के लिए पहुंची। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे रेलवे ट्रैक पर पहुंची एनआईए की टीम बाद में प्लांट में भी गई और कुछ ही समय में वापस लौट आई। टीम ने मौके पर न कोई फोटोग्राफी की न वीडियो बनाया। रेलवे अधिकारियों या स्थानीय पुलिस के किसी अधिकारी से कोई बातचीत नहीं की। बताया जा रहा है कि एनआईए की टीम केवल मौके का मुआयना करने आई थी। लोकेशन देखने के बाद टीम ने फाइलों में कुछ मिलान किया। इसके बाद वापस लौट गए।
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क्या कहा था वीडियो में
जिस समय घटना हुई उस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को गुरवंत सिंह पन्नू बताते हुए ने कहा था कि सिक्ख फॉर जस्टिस एसएफजे संगठन ने यह काम किया है। यह भी कहा था कि वह भारत विरोधी नहीं है और न ही एसएफजे हिंसा के खिलाफ हैं लेकिन सिख और पंजाबियों के साथ भेदभाव किये जाने के भारतीय सिस्टम के खिलाफ हैं। वीडियो में यह भी कहा गया था कि 15 अगस्त को देश के सभी थर्मल प्लांटों का कोयला बंद कर देश को अंधेरे में कर देंगे। वीडियो में देश में स्थित विभिन्न थर्मल प्लांटों को बंद करने की धमकी भी दी गई थी।