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Hisar News: कैंट के सामने सर्विस रोड बनवाने पहुंची एनएचएआई की टीम, कॉलोनीवासी बोले-पहले रोड की जमीन से दुकानें हटवाओ
Wed, 19 Jul 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 19 Jul 2023 12:54 AM IST
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हिसार। कैंट के सामने अधूरे पड़े सर्विस रोड को बनवाने के लिए मंगलवार सुबह एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सर्विस रोड निर्माण को लेकर खोदाई का कार्य भी शुरू कर दिया। इस दौरान आसपास के कॉलोनीवासियों ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले रोड की जमीन के बीच आ रही दुकानों को तोड़ा जाए। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने टीम का घेराव कर दिया। इस पर टीम बैरंग लौट गई। उधर दुकानदार का तर्क है कि एनएचएआई के नियमानुसार 8 मीटर में भी यह सर्विस रोड बन सकता है। मगर कुछ लोग जानबूझकर उनकी दुकानों को तुड़वाना चाहते हैं।
बता दें कि हिसार-रोहतक फोरलेन रोड के निर्माण के साथ ही कैंट के सामने सर्विस रोड भी बनाया जाना था। मगर उस समय 450 मीटर का सर्विस रोड का टुकड़ा अधूरा रह गया था। दिसंबर 2021 में तत्कालीन उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बचे हुए रोड का बनवाने को कहा था। इसके बाद एनएचएआई की तरफ से सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर लगाया गया। वर्क अलॉट होने के बाद 29 मई को एनएचएआई के अधिकारी रोड की जमीन में आ रही दुकानाें को तोड़ने पहुंचे तो दुकानदारों ने पहले मौके की पैमाइश करवाने की मांग की थी।
इस पर अधिकारियों ने पैमाइश करवाकर 46 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी कर दिया था। हालांकि दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। मगर एक ढाबा मालिक ने खुद ही अपने ढाबे को हटा दिया। इसके साथ ही दुकानदारों ने कहा था कि एनएचएआई सर्विस रोड का निर्माण शुरू कर सकता है। मौके पर रोड निर्माण के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध है। अगर फिर भी कुछ जगह की जरूरत पड़ती है तो वह जगह उपलब्ध करवा देंगे।
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एनएचएआई के अधिकारी 8 मीटर पर हैं सहमत
दुकानदारों की मानें तो एनएचएआई के अधिकारी 8 मीटर पर सहमत हो गए थे और नियम भी यही है। दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2018 में इस बात पर सहमति बनी थी कि साढ़े 5 मीटर का रोड, डेढ़ मीटर का फुटपाथ व एक मीटर की ड्रेन बना दी जाए। मंगलवार को अधिकारियों ने इसी के तहत निशानदेही भी कर दी थी। मगर गलती से उन्होंने 9 मीटर पर निशानदेही कर दी। जब उन्हें अपनी गलती का पता चला तो उन्होंने 8 मीटर के मुताबिक ही काम शुरू करवा दिया था।
हम तो सर्विस रोड बनाना चाहते हैं। मगर यहां लोग राजनीति कर रहे हैं। इस कारण से रोड बनाने में परेशानी आ रही है। - विपिन मंगला, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
यह रोड 8 मीटर में भी बन सकता है। वर्ष 2018 में इस पर मंत्रालय के साथ सहमति भी बनी थी। मगर कुछ लोग उनकी दुकानों को तुड़वाना चाहते हैं। - राजेश सिहाग, दुकानदार
जिस जगह पर दुकानें बनी हैं, उस जगह का अधिग्रहण किया जा चुका है। अब पैमाइश में भी ये दुकानें एनएचएआई की जगह में आई थी। यहां बसी कॉलोनियों के लोगों की मांग है कि इन दुकानों को तोड़कर ही इस रोड को बनाया जाए। - जीएल चाहर, प्रधान, आरडब्ल्यूए, चौधरी देवीलाल कॉलोनी
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बता दें कि हिसार-रोहतक फोरलेन रोड के निर्माण के साथ ही कैंट के सामने सर्विस रोड भी बनाया जाना था। मगर उस समय 450 मीटर का सर्विस रोड का टुकड़ा अधूरा रह गया था। दिसंबर 2021 में तत्कालीन उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बचे हुए रोड का बनवाने को कहा था। इसके बाद एनएचएआई की तरफ से सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर लगाया गया। वर्क अलॉट होने के बाद 29 मई को एनएचएआई के अधिकारी रोड की जमीन में आ रही दुकानाें को तोड़ने पहुंचे तो दुकानदारों ने पहले मौके की पैमाइश करवाने की मांग की थी।
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इस पर अधिकारियों ने पैमाइश करवाकर 46 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी कर दिया था। हालांकि दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। मगर एक ढाबा मालिक ने खुद ही अपने ढाबे को हटा दिया। इसके साथ ही दुकानदारों ने कहा था कि एनएचएआई सर्विस रोड का निर्माण शुरू कर सकता है। मौके पर रोड निर्माण के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध है। अगर फिर भी कुछ जगह की जरूरत पड़ती है तो वह जगह उपलब्ध करवा देंगे।
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एनएचएआई के अधिकारी 8 मीटर पर हैं सहमत
दुकानदारों की मानें तो एनएचएआई के अधिकारी 8 मीटर पर सहमत हो गए थे और नियम भी यही है। दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2018 में इस बात पर सहमति बनी थी कि साढ़े 5 मीटर का रोड, डेढ़ मीटर का फुटपाथ व एक मीटर की ड्रेन बना दी जाए। मंगलवार को अधिकारियों ने इसी के तहत निशानदेही भी कर दी थी। मगर गलती से उन्होंने 9 मीटर पर निशानदेही कर दी। जब उन्हें अपनी गलती का पता चला तो उन्होंने 8 मीटर के मुताबिक ही काम शुरू करवा दिया था।
हम तो सर्विस रोड बनाना चाहते हैं। मगर यहां लोग राजनीति कर रहे हैं। इस कारण से रोड बनाने में परेशानी आ रही है। - विपिन मंगला, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
यह रोड 8 मीटर में भी बन सकता है। वर्ष 2018 में इस पर मंत्रालय के साथ सहमति भी बनी थी। मगर कुछ लोग उनकी दुकानों को तुड़वाना चाहते हैं। - राजेश सिहाग, दुकानदार
जिस जगह पर दुकानें बनी हैं, उस जगह का अधिग्रहण किया जा चुका है। अब पैमाइश में भी ये दुकानें एनएचएआई की जगह में आई थी। यहां बसी कॉलोनियों के लोगों की मांग है कि इन दुकानों को तोड़कर ही इस रोड को बनाया जाए। - जीएल चाहर, प्रधान, आरडब्ल्यूए, चौधरी देवीलाल कॉलोनी