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ऑल इंडिया रोड़ ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के अंतिम दिन नेपाल देव भट्टाचार्य के चुना राष्ट्रीय अध्यक्ष
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ऑल इंडिया रोडवेज ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन पर मीडिया
- फोटो : Hisar
हिसार। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन के अंतिम सत्र में सर्वसहमति से नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का चुनाव किया गया। इसमें नेपाल देव भट्टाचार्य को प्रधान, केके दिवाकरण को कार्यकारी प्रधान, आर लक्ष्मइयां को महासचिव व हरिकृष्णनन को कोषाध्यक्ष चुना गया।
केंद्रीय कार्यसमिति के चुने गए पदाधिकारियों को स्वागत समिति के प्रधान एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सीआईटीयू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने सम्मेलन का समापन किया। उन्होंने प्रतिनिधियों से एकता व संगठन को मजबूत करते हुए नव उदारवादी आर्थिक नीतियों, जनतांत्रिक आधिकारों, धर्मनिरपेक्षता पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ और सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवाओं को बचाने के लिए निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया। फेडरेशन के नवनिर्वाचित महासचिव आर लक्ष्मईयां, उप प्रधान सरबत सिंह पूनिया व सचिव इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि सार्वजनिक एवं निजी परिवहन सेवाओं में में कार्यरत मजदूरों एवं कर्मचारियों का भारी शोषण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ओला उबर में गाड़ी, ड्राइवर व डीजल व पेट्रोल मालिक का है। इनके मालिक घर बैठे 25 से 30 प्रतिशत कमीशन लेकर करोड़ों रुपये कमाई कर रहे हैं। टैक्सी चालक को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मालिक ड्राइवर व कंडक्टर के वेतन में कटौती कर रहे हैं। कल्याणकारी राज्य में परिवहन सेवाओं सहित सभी जन सुविधाएं प्रदान करने का काम राज्य का है। सरकार परिवहन सेवाओं का निजीकरण कर रही है। उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 को परिवहन क्षेत्र को बर्बाद करने वाला काला कानून क़रार दिया। उन्होंने कहा कि लाइट, गुड्स, पैसेंजर व सार्वजनिक बस सर्विस के मजदूरों एवं कर्मचारियों की मांगों और मोटर व्हीकल एक्ट को रद्द करवाने की मांग को लेकर देशभर में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले तमाम संगठनों को लामबंद कर सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से दिन रात जुटे अलग-अलग कमेटियों के इंचार्जो के नेतृत्व में वालंटियर ने सम्मेलन हाल में मार्च किया। स्वागत समिति के प्रधान सुभाष लांबा ने सम्मेलन के सफल आयोजन में कर्मचारियों, मजदूरों, नौजवानों, छात्रों, किसान संगठनों सहित आम नागरिकों का हार्दिक आभार प्रकट किया।
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नई कार्यकारिणी में चुने गए पदाधिकारी
सरबत सिंह पूनिया, केवी हरिदास, एस विनोद, ए सुंदर राजन, के अगमुघा नयनार, मुजफर अहमद, केपी राय, चंद्र शेखर, एमआरजी पिल्लई, सुभाष मुखर्जी व जाहर घोपाल को उप प्रधान, इंद्र सिंह बधाना, टीके राजन, इब्राहिम कुट्टी, उन्नीकृष्णन, केपी सुरेंद्रन, केएस सुनील कुमार, वी कुप्पू स्वामी, एम शिवाजी, वीएसएस राव, जनार्दन पति, अमोल चक्रवर्ती, हरेश्वर दास, राज कुमार झा, अनादि साहू, जीवन शाह, रविप्रसाद सेन गुप्ता व अलोकेश दास को सचिव चुना गया।
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केंद्रीय कार्यसमिति के चुने गए पदाधिकारियों को स्वागत समिति के प्रधान एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सीआईटीयू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने सम्मेलन का समापन किया। उन्होंने प्रतिनिधियों से एकता व संगठन को मजबूत करते हुए नव उदारवादी आर्थिक नीतियों, जनतांत्रिक आधिकारों, धर्मनिरपेक्षता पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ और सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवाओं को बचाने के लिए निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया। फेडरेशन के नवनिर्वाचित महासचिव आर लक्ष्मईयां, उप प्रधान सरबत सिंह पूनिया व सचिव इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि सार्वजनिक एवं निजी परिवहन सेवाओं में में कार्यरत मजदूरों एवं कर्मचारियों का भारी शोषण हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि ओला उबर में गाड़ी, ड्राइवर व डीजल व पेट्रोल मालिक का है। इनके मालिक घर बैठे 25 से 30 प्रतिशत कमीशन लेकर करोड़ों रुपये कमाई कर रहे हैं। टैक्सी चालक को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मालिक ड्राइवर व कंडक्टर के वेतन में कटौती कर रहे हैं। कल्याणकारी राज्य में परिवहन सेवाओं सहित सभी जन सुविधाएं प्रदान करने का काम राज्य का है। सरकार परिवहन सेवाओं का निजीकरण कर रही है। उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 को परिवहन क्षेत्र को बर्बाद करने वाला काला कानून क़रार दिया। उन्होंने कहा कि लाइट, गुड्स, पैसेंजर व सार्वजनिक बस सर्विस के मजदूरों एवं कर्मचारियों की मांगों और मोटर व्हीकल एक्ट को रद्द करवाने की मांग को लेकर देशभर में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले तमाम संगठनों को लामबंद कर सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से दिन रात जुटे अलग-अलग कमेटियों के इंचार्जो के नेतृत्व में वालंटियर ने सम्मेलन हाल में मार्च किया। स्वागत समिति के प्रधान सुभाष लांबा ने सम्मेलन के सफल आयोजन में कर्मचारियों, मजदूरों, नौजवानों, छात्रों, किसान संगठनों सहित आम नागरिकों का हार्दिक आभार प्रकट किया।
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नई कार्यकारिणी में चुने गए पदाधिकारी
सरबत सिंह पूनिया, केवी हरिदास, एस विनोद, ए सुंदर राजन, के अगमुघा नयनार, मुजफर अहमद, केपी राय, चंद्र शेखर, एमआरजी पिल्लई, सुभाष मुखर्जी व जाहर घोपाल को उप प्रधान, इंद्र सिंह बधाना, टीके राजन, इब्राहिम कुट्टी, उन्नीकृष्णन, केपी सुरेंद्रन, केएस सुनील कुमार, वी कुप्पू स्वामी, एम शिवाजी, वीएसएस राव, जनार्दन पति, अमोल चक्रवर्ती, हरेश्वर दास, राज कुमार झा, अनादि साहू, जीवन शाह, रविप्रसाद सेन गुप्ता व अलोकेश दास को सचिव चुना गया।