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पिता की मौत के बाद जिम्मेदारी बढ़ी: खर्चा चलाने के लिए अभ्यास के साथ गाड़ियों की वाशिंग कर रहा नेशनल फुटबालर पवन
Sun, 13 Feb 2022 02:04 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अश्वनी कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
अश्वनी कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 13 Feb 2022 02:04 AM IST
सार
पिता की मौत के बाद जिम्मेदारी बढ़ी तो ट्रेनिंग के साथ-साथ पवन ने काम शुरू कर दिया। पवन हिसार के कैमरी का रहने वाला है और चंडीगढ़ फुटबाल एकेडमी में प्रैक्टिस कर रहा है। पवन फुटबाल प्रतियोगिता खेलने के लिए चंडीगढ़ से हिसार अपने गांव कैमरी पहुंचा।
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नेशनल फुटबालर पवन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के हिसार के कैमरी के रहने वाले नेशनल फुटबालर खिलाड़ी पर खुद का खर्चा उठाने की जिम्मेदारी आई तो उसने प्रैक्टिस के साथ-साथ गाड़ियों की वाशिंग करनी शुरू कर दी। इस खर्चें से वह एकेडमी का खर्चा उठा रहा है। पवन कैमरी का रहने वाला है, लेकिन वह चंडीगढ़ फुटबाल एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहा है। वह अपने गांव कैमरी में चल रही फुटबाल प्रतियोगिता में दमखम दिखाने पहुंचा है। इस प्रतियोगिता में पवन न केवल शानदार प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि गोल भी कर रहा है।
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नेशनल खिलाड़ी पवन ने बातचीत में बताया कि वह चंडीगढ़ एकेडमी में फुटबाल का प्रशिक्षण ले रहा है और सुबह गाड़ियों की वाशिंग करता है। इस काम के लिए उसे चार से पांच हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। जिससे वह अपना खर्चा चलाता है। वहीं शाम को मैदान में किक का दम दिखाने निकल जाता है।
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पवन का कहना है कि उसके पिता भरत सिंह की मौत करीब 14 साल पहले हो गई थी, उस समय वह दो-ढाई साल का ही था। मगर अब खर्चा उठाने के लिए पांच साल से प्रैक्टिस के साथ गाड़ियों की वाशिंग भी कर रहा हूं। पवन का कहना है कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। ऐसे में मजबूरन होकर खेलने की उम्र में काम भी करना पड़ा रहा है।
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कैमरी से शुरू किया था फुटबाल खेलना
पवन ने फुटबाल की शुरुआत गांव कैमरी से ही की थी। उस समय वह कोच कुलदीप माक्कड़ के पास प्रशिक्षण ले रहा था। मगर पिछले पांच साल से वह चंडीगढ़ फुटबाल एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहा हैं। फुटबाल कोच कुलदीप माक्कड़ ने बताया कि पवन बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। वह कैमरी में चल रही प्रतियोगिता में भी अच्छा खेल रहा है।
प्रतियोगिता खेलने के बाद वापस जाएगा चंडीगढ़
पवन का कहना है कि इस प्रतियोगिता को खेलने के लिए स्पेशल चंडीगढ़ से हिसार आया है। प्रतियोगिता खत्म होने के बाद वह वापस चंडीगढ़ एकेडमी में जाएगा और प्रैक्टिस के साथ-साथ काम करेगा, ताकि खर्चा उठाने में कोई दिक्कत न हो।
पवन की उपलब्धियां
- 2016 में अंडर-14 स्कूली नेशनल में रजत पदक
- 2017 में अंडर-14 स्कूली नेशनल में स्वर्ण पदक
- दो बार सुब्रतो कप में रजत पदक