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निगम की सभी ब्रांचों में सवा चार घंटे तालाबंदी
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:01 AM IST
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nagar nigam
- फोटो : Bureau
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नगर निगम में सफाई कर्मियों और हुडा से डेेपुटेेशन पर आए कर्मचारियों ने मांगों को लेकर बुधवार को सभी ब्रांचों में ताले जड़ दिए। नगरपालिका कर्मचारी संघ के नेता सुबह सवा छह बजे ही चौकीदार से सभी ब्रांचों को ताला जड़कर चाबी साथ लेकर चले गए। नौ बजे जब अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे तो ताले नहीं खुले। करीब सवा चार घंटे तक निगम में अधिकारी कर्मचारी और कार्यालय में काम के लिए आने वाली आम जनता सड़कों पर रही। मामले के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचना मिली। सूचना मिलते ही महिला और पुरुष पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। बार-बार कर्मचारियों से सीटीएम सरजीत नैन और अधिकारियों ने बातचीत की, लेकिन वार्ता विफल हो गई। आखिर में दोपहर को अधिकारियों द्वारा एक महीने के अंदर उनकी मांगों को पूरा करने के दिए आश्वासन पर कर्मचारी यूनियन ने निगम के सभी ब्रांचों के ताले खोल दिए।
कोई कैथल से आया तो कोई जींद से, लौटे बैरंग
पिछले नौ दिन से निगम कार्यालय के गेट पर धरना दिए बैठे कर्मचारियों की मांगें न माने जाने के चलते रोष स्वरूप कर्मचारियों ने शहर में पूरा दिन सफाई नहीं की और निगम में पहुंचकर सभी ब्रांचों में ताला लगा दिया। ब्रांचों में ताला लगाए जाने के कारण कोई भी कर्मचारी और अधिकारी काम नहीं कर पाए। दूसरे जिलों से आने वाले लोग भी पूरा दिन परेशान होते रहे। कोई कैथल से तो कोई जींद से नगर निगम कार्यालय में डेथ-बर्थ सर्टिफिकेट लेने आया हुआ था। रूटीन के काम भी निगम में नहीं हो पाया। आम जन को इस हड़ताल में खूब परेेशानी हुई।
दो दौर की हुई वार्ता, पहली में हेड क्लर्क-अधीक्षक ही उलझे
कर्मचारी यूनियन से बातचीत करने के लिए सचिव राजेश महता ने प्रयास किए। उन्होंने सीटीएम से बातचीत करने का आश्वासन देकर उन्हें मीटिंग हॉल में बुलाया। बातचीत के लिए यूनियन ने मीटिंग हॉल का ताला खोल दिया। कर्मचारी यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत करने पहुंचा। सीटीएम, सचिव, एक्सईएन रामजीलाल सहित कई अधिकारियों ने बातचीत की। इस बीच हेड क्लर्क राजकुमार और अधीक्षक आपस में उलझ गए। उन्होंने अधिकारियों के सामने ही एक-दूसरे को कहा कि एरियर बनाने का काम मेरा नहीं। इस पर यूनियन के नेता भड़क गए और मीटिंग छोड़कर बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि पहले आप अपना समझौता कर लो, फिर हमें बुला लेना।
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इन मांगों पर बनी सहमति
-1999 से 2004 तक के जीपीएफ के एरियर मामले में बनी सहमति।
-एसीपी एरियर पर भी बनी सहमति।
- कच्चे कर्मचारियों को डीसी रेट पर रखने के लिए प्रोसेस शुरू करना।
- 20 साल से लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
- पीएफ, ईएसआई के मुद्दे पर उपायुक्त के निर्देश पर तीन अधिकारियों की एक कमेटी जांच करेगी कि 440 कर्मचारियों का पिछले दो वर्ष का ईपीएफ और ईएसआई का हिसाब का नहीं बना।
-कमेटी इसमें आर्थिक अपराध की भी जांच करेगी।
- कच्चे कर्मचारियों को हर माह निश्चित तारीख पर वेतन देने पर सहमति
- हुडा कर्मचारियों को जल्द ही एक महीने का वेतन जारी करने।
नहीं उठा शहर से 130 टन कचरा
शहर में बुधवार को पूरा दिन सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल रखी। पूरा दिन न कहीं झाड़ूू लगाई और न ही कचरा उठाया। शहर में करीब 130 टन कचरा मकानों, दुकानों के आगे सड़कों पर ही अटा रहा।
नहीं निकालने दी कोर्ट की फाइल
यूनियन नेताओं ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कोर्ट से संबंधित कोई फाइल तक नहीं निकालने दी। उन्होंने सभी ब्रांचों को ताला लगाए रखा। अधिकारी कर्मचारी रिक्वेस्ट करते रहे कि कुछ मामलों संबंधित कोर्ट में तारीख है, जिसके तहत रिकॉर्ड लेकर जाना है, लेकिन पालिका कर्मचारी संघ ने ताला नहीं खोला।
ये रहे बैठक में मौजूद
मुख्य सफाई निरीक्षक सुभाष सैनी, कार्यकारी अभियंता रामजीलाल, एसओ परमार और यूनियन की ओर से अशोक बोहत, राजेश बागड़ी, सुनील कुमार कांगड़ा, सुंदर सिंह, बिशन सिंह, प्रवीण कुमार, सुरेश बिढलान, रामकिशन राणा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव अनिल शर्मा, ब्लॉक प्रधान दीपक लोट, वित्त सचिव सूरज प्रकाश भाटिया शामिल थे।
मांगों को पूरा करने के लिए निगम ने एक महीने का समय मांगा है। इसी आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया है।
- अशोक बोहत, प्रधान नगरपालिका कर्मचारी यूनियन नगर निगम हिसार
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कोई कैथल से आया तो कोई जींद से, लौटे बैरंग
पिछले नौ दिन से निगम कार्यालय के गेट पर धरना दिए बैठे कर्मचारियों की मांगें न माने जाने के चलते रोष स्वरूप कर्मचारियों ने शहर में पूरा दिन सफाई नहीं की और निगम में पहुंचकर सभी ब्रांचों में ताला लगा दिया। ब्रांचों में ताला लगाए जाने के कारण कोई भी कर्मचारी और अधिकारी काम नहीं कर पाए। दूसरे जिलों से आने वाले लोग भी पूरा दिन परेशान होते रहे। कोई कैथल से तो कोई जींद से नगर निगम कार्यालय में डेथ-बर्थ सर्टिफिकेट लेने आया हुआ था। रूटीन के काम भी निगम में नहीं हो पाया। आम जन को इस हड़ताल में खूब परेेशानी हुई।
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दो दौर की हुई वार्ता, पहली में हेड क्लर्क-अधीक्षक ही उलझे
कर्मचारी यूनियन से बातचीत करने के लिए सचिव राजेश महता ने प्रयास किए। उन्होंने सीटीएम से बातचीत करने का आश्वासन देकर उन्हें मीटिंग हॉल में बुलाया। बातचीत के लिए यूनियन ने मीटिंग हॉल का ताला खोल दिया। कर्मचारी यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत करने पहुंचा। सीटीएम, सचिव, एक्सईएन रामजीलाल सहित कई अधिकारियों ने बातचीत की। इस बीच हेड क्लर्क राजकुमार और अधीक्षक आपस में उलझ गए। उन्होंने अधिकारियों के सामने ही एक-दूसरे को कहा कि एरियर बनाने का काम मेरा नहीं। इस पर यूनियन के नेता भड़क गए और मीटिंग छोड़कर बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि पहले आप अपना समझौता कर लो, फिर हमें बुला लेना।
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इन मांगों पर बनी सहमति
-1999 से 2004 तक के जीपीएफ के एरियर मामले में बनी सहमति।
-एसीपी एरियर पर भी बनी सहमति।
- कच्चे कर्मचारियों को डीसी रेट पर रखने के लिए प्रोसेस शुरू करना।
- 20 साल से लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
- पीएफ, ईएसआई के मुद्दे पर उपायुक्त के निर्देश पर तीन अधिकारियों की एक कमेटी जांच करेगी कि 440 कर्मचारियों का पिछले दो वर्ष का ईपीएफ और ईएसआई का हिसाब का नहीं बना।
-कमेटी इसमें आर्थिक अपराध की भी जांच करेगी।
- कच्चे कर्मचारियों को हर माह निश्चित तारीख पर वेतन देने पर सहमति
- हुडा कर्मचारियों को जल्द ही एक महीने का वेतन जारी करने।
नहीं उठा शहर से 130 टन कचरा
शहर में बुधवार को पूरा दिन सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल रखी। पूरा दिन न कहीं झाड़ूू लगाई और न ही कचरा उठाया। शहर में करीब 130 टन कचरा मकानों, दुकानों के आगे सड़कों पर ही अटा रहा।
नहीं निकालने दी कोर्ट की फाइल
यूनियन नेताओं ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कोर्ट से संबंधित कोई फाइल तक नहीं निकालने दी। उन्होंने सभी ब्रांचों को ताला लगाए रखा। अधिकारी कर्मचारी रिक्वेस्ट करते रहे कि कुछ मामलों संबंधित कोर्ट में तारीख है, जिसके तहत रिकॉर्ड लेकर जाना है, लेकिन पालिका कर्मचारी संघ ने ताला नहीं खोला।
ये रहे बैठक में मौजूद
मुख्य सफाई निरीक्षक सुभाष सैनी, कार्यकारी अभियंता रामजीलाल, एसओ परमार और यूनियन की ओर से अशोक बोहत, राजेश बागड़ी, सुनील कुमार कांगड़ा, सुंदर सिंह, बिशन सिंह, प्रवीण कुमार, सुरेश बिढलान, रामकिशन राणा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव अनिल शर्मा, ब्लॉक प्रधान दीपक लोट, वित्त सचिव सूरज प्रकाश भाटिया शामिल थे।
मांगों को पूरा करने के लिए निगम ने एक महीने का समय मांगा है। इसी आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया है।
- अशोक बोहत, प्रधान नगरपालिका कर्मचारी यूनियन नगर निगम हिसार