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स्वच्छता पैमाने पर निकाय मंत्री के शहर ने लगाई 50 पायदान की छलांग
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हिसार। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम घोषित हो गया है। शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के शहर हिसार को इस बार 115वीं रैंक मिली है। पिछले वर्ष के मुकाबले 50 पायदान का सुधार हुआ है। पिछले वर्ष हिसार की 165वीं रैंक थी। वहीं प्रदेश भर में हिसार को 8वां स्थान मिला है। नगर नगम अधिकारियों की मानें तो शहर में प्रोसेसिंग प्लांट न होने व लीगेसी वेस्ट का पूरी तरह निपटान न होने के कारण अंक कम मिले हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। उस समय देश के 73 शहरों को सर्वे में शामिल किया गया था। हिसार 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की सूची में शामिल है।
सर्वेक्षण में मिले 53 प्रतिशत अंक
सर्वेक्षण में हिसार को 53 प्रतिशत अंक मिले हैं। सर्वेक्षण कुल 7500 अंकों का था, जिसमें से हिसार को 4020 अंक मिले हैं। इसमें तीन अलग-अलग कैटेगरी थी, जिसमें सर्टिफिकेशन, सिटीजन वॉयस व सर्विस लेवल प्रोग्रेस शामिल है। सर्टिफिकेशन व सिटीजन वॉयस के 2250-2250 और सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 3000 अंक थे।
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इन कारणों से कटे अंक
स्टार रेटिंग : सर्टिफिकेशन में ही स्टार रेटिंग को शामिल किया गया है। स्टार रेटिंग के 1250 अंक थे, चूंकि हिसार के पास स्टार रेटिंग नहीं थी, जिस कारण उसे इस कैटेगरी में एक भी अंक नहीं मिला।
वाटर प्लस प्लस : सर्टिफिकेशन में ही वाटर प्लस प्लस भी है। ओडीएफ प्लस प्लस व वाटर प्लस प्लस के एक हजार अंक थे। हिसार के पास वाटर प्लस प्लस नहीं था, जिस कारण इसके अंक भी नहीं मिले।
लीगेसी वेस्ट : शहर में लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) का ढेर लगा हुआ है। जिसका अभी तक निपटान नहीं हो सका है। इस कारण भी सर्वेक्षण में अंक कम मिले।
प्रोसेसिंग प्लांट : शहर में प्रोसेसिंग प्लांट भी नहीं है, जहां कचरे का निपटान हो सके। इस वजह से भी सर्वेक्षण में अंक कटे हैं। प्रोसेसिंग व डिस्पोजल के 1200 अंक थे।
अभी तक हिसार की स्थिति
वर्ष 2022 115वीं रैंक
वर्ष 2021 165वीं रैंक
वर्ष 2020 105वीं रैंक
वर्ष 2019 173वीं रैंक
वर्ष 2018 146वीं रैंक
वर्ष 2017 291वीं रैंक
वर्ष 2023 के सर्वेक्षण में इनका मिल सकता है फायदा
- नगर निगम अधिकारियों की मानें तो शहर में सात एमआरएफ सेंटर शुरू किए गए हैं, जहां गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाता है।
- डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए 50 और गाड़ियां खरीदी जाएंगी, जिससे सफाई व्यवस्था में और सुधार आएगा।
- इस साल लीगेसी वेस्ट का पूरी तरह से निपटान होने की संभावना है। इस स्थिति में सर्वेक्षण में अंक बढेंगे।
अन्य शहरों को ये मिली रैंक
शहर वर्ष 2021 वर्ष 2022
बरवाला 90वीं रैंक 43वीं रैंक
हांसी 87वीं रैंक 44वीं रैंक
नारनौंद 652वीं रैंक 241वीं रैंक
उकलाना मंडी 478वीं रैंक 241वीं रैंक
बास 703वीं रैंक 282वीं रैंक
इंदौर भी गए थे निगम के अधिकारी
पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारी इंदौर भी गए थे ताकि वहां लागू की गई सफाई व्यवस्था को हिसार में भी लागू किया जा सके। हालांकि वहां से लौटने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
सफाई व्यवस्था पर हर माह लाखों रुपये हो रहे खर्च
शहर की सफाई व्यवस्था पर हर माह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के तेल पर करीब 13 लाख रुपये, डोर-टू-डोर कचरा उठान पर 17.50 लाख रुपये, स्वीपिंग मशीन का खर्च 4.70 लाख रुपये, सुलभ शौचालयों पर खर्च 3 लाख रुपये किया जाता है।
हमारे पास जिस हिसाब से संसाधन है, उस हिसाब से यह रैंक ठीक है। अगर अच्छी रैंक लानी है तो हमें और संसाधनों की जरूरत होगी। साथ ही शहरवासियों के सहयोग भी जरूरत होगी। इंदौर भी नंबर वन शहरवासियों के सहयोग से ही बना है। नंबर वन बनाने के लिए सभी को मिलकर तैयारी करनी होगी। हम प्रयास कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए योजनाएं बनाएंगे और उन पर कार्य करेंगे। - गौतम सरदाना, मेयर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अच्छी रैंकिंग को लेकर निगमायुक्त ने संभाली कमान
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अच्छी रैंकिंग को लेकर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कमान संभाल ली है। उन्होंने निगम अधिकारियों-कर्मचारियों को शहर को टॉप 25 में लाने के लक्ष्यके साथ काम करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने सफाई शाखा के साथ कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक की। इसमें टूल किट के अनुसार अलग-अलग ड्यूटी लगाने के लिए आदेश दिए गए। इस दौरान चीफ इंजीनियर रामजीलाल, सीएसआई राजकुमार, सीटीएल जसबीर कुंडू, एएसआई सुरेंद्र कुमार, एएसआई कमल कुमार , एएसआई राहुल, एएसआई रोहित, कपिल, रवि कुमार व सुनील कुमार उपस्थित रहे।
निगमायुक्त ने कहा कि सभी सहायक सफाई निरीक्षक वार्ड लेवल पर लोगों को घर-घर जाकर सेग्रीगेशन के बारे में जागरूक किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर घर-घर होम कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक करने के लिए बताया गया। शहर व्यापक कचरा पैदा करने वाले संस्थाओं को अपने कचरे का निपटान खुद करना होगा। मुख्य सफाई निरीक्षक को अलग से नोडल अधिकारी बनाया गया।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। उस समय देश के 73 शहरों को सर्वे में शामिल किया गया था। हिसार 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की सूची में शामिल है।
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सर्वेक्षण में मिले 53 प्रतिशत अंक
सर्वेक्षण में हिसार को 53 प्रतिशत अंक मिले हैं। सर्वेक्षण कुल 7500 अंकों का था, जिसमें से हिसार को 4020 अंक मिले हैं। इसमें तीन अलग-अलग कैटेगरी थी, जिसमें सर्टिफिकेशन, सिटीजन वॉयस व सर्विस लेवल प्रोग्रेस शामिल है। सर्टिफिकेशन व सिटीजन वॉयस के 2250-2250 और सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 3000 अंक थे।
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इन कारणों से कटे अंक
स्टार रेटिंग : सर्टिफिकेशन में ही स्टार रेटिंग को शामिल किया गया है। स्टार रेटिंग के 1250 अंक थे, चूंकि हिसार के पास स्टार रेटिंग नहीं थी, जिस कारण उसे इस कैटेगरी में एक भी अंक नहीं मिला।
वाटर प्लस प्लस : सर्टिफिकेशन में ही वाटर प्लस प्लस भी है। ओडीएफ प्लस प्लस व वाटर प्लस प्लस के एक हजार अंक थे। हिसार के पास वाटर प्लस प्लस नहीं था, जिस कारण इसके अंक भी नहीं मिले।
लीगेसी वेस्ट : शहर में लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) का ढेर लगा हुआ है। जिसका अभी तक निपटान नहीं हो सका है। इस कारण भी सर्वेक्षण में अंक कम मिले।
प्रोसेसिंग प्लांट : शहर में प्रोसेसिंग प्लांट भी नहीं है, जहां कचरे का निपटान हो सके। इस वजह से भी सर्वेक्षण में अंक कटे हैं। प्रोसेसिंग व डिस्पोजल के 1200 अंक थे।
अभी तक हिसार की स्थिति
वर्ष 2022 115वीं रैंक
वर्ष 2021 165वीं रैंक
वर्ष 2020 105वीं रैंक
वर्ष 2019 173वीं रैंक
वर्ष 2018 146वीं रैंक
वर्ष 2017 291वीं रैंक
वर्ष 2023 के सर्वेक्षण में इनका मिल सकता है फायदा
- नगर निगम अधिकारियों की मानें तो शहर में सात एमआरएफ सेंटर शुरू किए गए हैं, जहां गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाता है।
- डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए 50 और गाड़ियां खरीदी जाएंगी, जिससे सफाई व्यवस्था में और सुधार आएगा।
- इस साल लीगेसी वेस्ट का पूरी तरह से निपटान होने की संभावना है। इस स्थिति में सर्वेक्षण में अंक बढेंगे।
अन्य शहरों को ये मिली रैंक
शहर वर्ष 2021 वर्ष 2022
बरवाला 90वीं रैंक 43वीं रैंक
हांसी 87वीं रैंक 44वीं रैंक
नारनौंद 652वीं रैंक 241वीं रैंक
उकलाना मंडी 478वीं रैंक 241वीं रैंक
बास 703वीं रैंक 282वीं रैंक
इंदौर भी गए थे निगम के अधिकारी
पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारी इंदौर भी गए थे ताकि वहां लागू की गई सफाई व्यवस्था को हिसार में भी लागू किया जा सके। हालांकि वहां से लौटने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
सफाई व्यवस्था पर हर माह लाखों रुपये हो रहे खर्च
शहर की सफाई व्यवस्था पर हर माह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के तेल पर करीब 13 लाख रुपये, डोर-टू-डोर कचरा उठान पर 17.50 लाख रुपये, स्वीपिंग मशीन का खर्च 4.70 लाख रुपये, सुलभ शौचालयों पर खर्च 3 लाख रुपये किया जाता है।
हमारे पास जिस हिसाब से संसाधन है, उस हिसाब से यह रैंक ठीक है। अगर अच्छी रैंक लानी है तो हमें और संसाधनों की जरूरत होगी। साथ ही शहरवासियों के सहयोग भी जरूरत होगी। इंदौर भी नंबर वन शहरवासियों के सहयोग से ही बना है। नंबर वन बनाने के लिए सभी को मिलकर तैयारी करनी होगी। हम प्रयास कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए योजनाएं बनाएंगे और उन पर कार्य करेंगे। - गौतम सरदाना, मेयर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अच्छी रैंकिंग को लेकर निगमायुक्त ने संभाली कमान
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अच्छी रैंकिंग को लेकर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कमान संभाल ली है। उन्होंने निगम अधिकारियों-कर्मचारियों को शहर को टॉप 25 में लाने के लक्ष्यके साथ काम करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने सफाई शाखा के साथ कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक की। इसमें टूल किट के अनुसार अलग-अलग ड्यूटी लगाने के लिए आदेश दिए गए। इस दौरान चीफ इंजीनियर रामजीलाल, सीएसआई राजकुमार, सीटीएल जसबीर कुंडू, एएसआई सुरेंद्र कुमार, एएसआई कमल कुमार , एएसआई राहुल, एएसआई रोहित, कपिल, रवि कुमार व सुनील कुमार उपस्थित रहे।
निगमायुक्त ने कहा कि सभी सहायक सफाई निरीक्षक वार्ड लेवल पर लोगों को घर-घर जाकर सेग्रीगेशन के बारे में जागरूक किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर घर-घर होम कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक करने के लिए बताया गया। शहर व्यापक कचरा पैदा करने वाले संस्थाओं को अपने कचरे का निपटान खुद करना होगा। मुख्य सफाई निरीक्षक को अलग से नोडल अधिकारी बनाया गया।