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मन, शरीर और आत्मा के संतुलन के लिए ध्यान लाभकारी : आचार्य रविंद्र
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हिसार के कौशिकनगर स्थित साधना में शामिल साधक। स्रोत : संस्था
- फोटो : संवाद
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हिसार। समर्थगुरु धारा संघ की ओर से मिर्जापुर रोड स्थित कौशिक नगर के साधना केंद्र में प्रत्येक रविवार सुबह सात से नौ बजे तक साप्ताहिक ध्यान सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत आयोजित साप्ताहिक विशेष सत्र का संचालन करते हुए आचार्य रविंद्र ने साधकों को संजीवनी ध्यान की अनूठी विधि से परिचित करवाया।
आचार्य ने बताया कि संजीवनी ध्यान मन, शरीर और आत्मा के संतुलन के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस ध्यान विधि के माध्यम से साधकों ने आंतरिक शांति, ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता का अनुभव किया। सत्र के दौरान उपस्थित साधकों ने ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने नियमित साधना का संकल्प लिया।
आचार्य ने बताया कि साप्ताहिक ध्यान सत्र का उद्देश्य दैनिक जीवन की आपाधापी में मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति की अनुभूति कराना है। संजीवनी ध्यान के प्रकार और तकनीकें भिन्न हो सकती हैं। यह आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक शिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाता है। यह ध्यान प्रणाली शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी मानी जाती है, लेकिन इसे अनुभव करने के लिए धैर्य, समर्थन और प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
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ध्यान के बाद कार्यक्रम के समापन पर समर्थगुरु धारा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य सुभाष ने आचार्य गगन का आभार व्यक्त कर साधकों को आगामी ध्यान सत्रों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समर्थगुरु धारा संघ पांच से सात सितंबर तक देशभर के कई शहरों में तीन दिवसीय ध्यान योग कराएगा।
आचार्य ने बताया कि संजीवनी ध्यान मन, शरीर और आत्मा के संतुलन के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस ध्यान विधि के माध्यम से साधकों ने आंतरिक शांति, ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता का अनुभव किया। सत्र के दौरान उपस्थित साधकों ने ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने नियमित साधना का संकल्प लिया।
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आचार्य ने बताया कि साप्ताहिक ध्यान सत्र का उद्देश्य दैनिक जीवन की आपाधापी में मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति की अनुभूति कराना है। संजीवनी ध्यान के प्रकार और तकनीकें भिन्न हो सकती हैं। यह आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक शिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाता है। यह ध्यान प्रणाली शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी मानी जाती है, लेकिन इसे अनुभव करने के लिए धैर्य, समर्थन और प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
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ध्यान के बाद कार्यक्रम के समापन पर समर्थगुरु धारा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य सुभाष ने आचार्य गगन का आभार व्यक्त कर साधकों को आगामी ध्यान सत्रों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समर्थगुरु धारा संघ पांच से सात सितंबर तक देशभर के कई शहरों में तीन दिवसीय ध्यान योग कराएगा।