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वार्डों में अनदेखी का कारण कमजोर मेयर, नहीं दिलवा पा रहीं हक : ढिल्लो
amarujala/Hisar
Updated Mon, 01 May 2017 12:34 AM IST
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20 करोड़ रुपये के एस्टिमेट मामले में वार्डों से अनदेखी के मामले को लेकर बीजेपी पार्षद कर्मबीर ढिल्लो ने मेयर पर निशाना साधा है। ढिल्लो ने कहा कि वे इस मामले में मेयर को जिम्मेवार मानते हैं। मेयर कमजोर हैं, इसलिए अपने पार्षदों का का हक नहीं दिलवा पा रहीं। उन्होंने कहा कि हालांकि वे इस मामले के बारे में सोमवार को विधायक एवं सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता और निगम कमिश्नर से भी बात करेंगे।
पार्षद नरेंद्र शर्मा ने कहा कि कोई पार्षद मिले न मिलें, मेरे वार्ड में कच्ची गलियां हैं, कमिश्नर से जरूर मिलूंगा। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी कहीं पर तो धोलपुर पत्थर लगा रहे हैं और कहीं पर सड़कें कच्ची हैं। इनसे कोई पूछे कि धोलपुर पत्थर जरूरी है या कच्ची सड़कों को पक्का करना।
अधिकारी और विधायक हमारे अधीन नहीं
ढिल्लो ने कहा कि ये जो कमी है, हमारे तीनों प्रतिनिधियों की कमी है। हमने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को चुना है, वे जनता की आवाज बने। ढिल्लो ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मेयर तो कुर्सी पर ही नहीं है। अधिकारी और विधायक हमारे अधीन नहीं है, इसलिए हम उनसे काम नहीं करवा सकते। हम तो इस जगह पर मेयर को कमजोर मानते हैं।
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यह नई बात नहीं, मंत्री जिंदल के समय भी हुआ था ऐसा
बीजेपी पार्षद कर्मबीर ढिल्लो ने कहा कि वार्डों के साथ अनदेखी करना कोई नई बात नहीं। सावित्री जिंदल के समय भी ऐसा हुआ था। यह तो एक तरह से रिवाज बनी हुई है। उस वक्त भी मैंने आवाज उठाई थी, लेकिन उस वक्त भी अनदेखी कर दी गई।
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पार्षद नरेंद्र शर्मा ने कहा कि कोई पार्षद मिले न मिलें, मेरे वार्ड में कच्ची गलियां हैं, कमिश्नर से जरूर मिलूंगा। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी कहीं पर तो धोलपुर पत्थर लगा रहे हैं और कहीं पर सड़कें कच्ची हैं। इनसे कोई पूछे कि धोलपुर पत्थर जरूरी है या कच्ची सड़कों को पक्का करना।
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अधिकारी और विधायक हमारे अधीन नहीं
ढिल्लो ने कहा कि ये जो कमी है, हमारे तीनों प्रतिनिधियों की कमी है। हमने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को चुना है, वे जनता की आवाज बने। ढिल्लो ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मेयर तो कुर्सी पर ही नहीं है। अधिकारी और विधायक हमारे अधीन नहीं है, इसलिए हम उनसे काम नहीं करवा सकते। हम तो इस जगह पर मेयर को कमजोर मानते हैं।
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यह नई बात नहीं, मंत्री जिंदल के समय भी हुआ था ऐसा
बीजेपी पार्षद कर्मबीर ढिल्लो ने कहा कि वार्डों के साथ अनदेखी करना कोई नई बात नहीं। सावित्री जिंदल के समय भी ऐसा हुआ था। यह तो एक तरह से रिवाज बनी हुई है। उस वक्त भी मैंने आवाज उठाई थी, लेकिन उस वक्त भी अनदेखी कर दी गई।