हिसार: सिसाय का स्व. मास्टर चंदगीराम अखाड़ा सील, नगरपालिका की जमीन पर होने की शिकायत कार्रवाई
नगरपालिका की जमीन पर बने होने की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई की। क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने इसकी शिकायत की थी।
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हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र में सिसाय में मास्टर चंदगीराम अखाड़े को गुरुवार को प्रशासन ने सील कर दिया। पालिका की जमीन पर बनाए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई की। क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने इसकी शिकायत की थी।
सिसाय में मास्टर चंदगीराम के पालिका की भूमि पर बनाए जाने की क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत पर वीरवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में अखाड़े को सील कर दिया गया। इस दौरान सिसाय नगरपालिका के सचिव गौरव शर्मा और नगर पालिका के एसडीओ पंकज गर्ग भी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सीलिंग की कार्रवाई किए जाने से यहां रहने वाले सभी खिलाड़ियों के चेहरों पर मायूसी छा गई। इस दौरान सदर थाना प्रभारी रामफल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
बता दें कि भारत को कुश्ती में पहचान दिलाने वाले मास्टर चंदगीराम ने सिसाय में करीब 32 साल पहले अखाड़े की नींव रखी थी। इस अखाड़े से तैयार पहलवानों ने देश में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीयस्तर पर अपना परचम लहराया। वर्तमान में अखाड़े में लगभग 125 युवा कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अखाड़े को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। अखाड़ा संचालक के खिलाफ कुछ खिलाड़ियों ने शिकायतें दी हैं। सीएम विंडो पर भी दो मामले चल रहे हैं। -मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। -गौरव शर्मा, सचिव नगरपालिका सिसाय
एक साल पहले दो-तीन शरारती किस्म के लोग अखाड़े में आने लगे थे। उन लोगों को अखाड़े से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उनके द्वारा अखाड़े का अवैध रूप से बनाने की शिकायत की गई थी। अखाड़े का निर्माण चंदगीराम ने किया था। मैं सीआईएसएफ से रिटायर हूं। पेंशन आने के बाद मैंने अपने पैसों व गांव के सहयोग से यहां खिलाड़ियो के लिए व्यवस्था की थी लेकिन अब प्रशासन द्वारा अखाड़े का सील कर दिया गया है। मैं मामले को लेकर अदालत जाऊंगा। -सुभाष कोच, मास्टर चंदगीराम अखाड़ा, सिसाय
अखाड़े में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के बीच विवाद है। अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन की ओर से कदम उठाया गया है। अखाड़े पर गांव की कमेटी का अधिकार होना चाहिए। अखाड़े का निर्माण पंचायती जमीन पर किया गया है। सरकार की ओर से भी अखाड़े के नाम पर ग्रांट आती रही है। -पूर्व सरपंच बलबीर सिहाग, सिसाय बोलान