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शहीद के पिता बोले : देश के लिए लड़ते हुए गया है बेटा, रोऊंगा नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 12:39 AM IST
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Martyr's father said: Son has gone fighting for the country, I will not cry
हिसार। गांव खरकड़ी मंगलवार को शहीद सुरेंद्र कालीरामण अमर रहे के नारों से गूूंजता रहा। सैन्य सम्मान के साथ सुरेंद्र कालीरामण का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पिता बलबीर बोले बेटा देश के लिए लड़ते हुए गया है, मैं रोऊंगा नहीं। हर परिवार को ऐसा सपूत मिले जो देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हो।
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शहीद सुरेंद्र का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह 9:15 बजे गांव पहुंचा। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। आर्मी की एंबुलेंस के जरिये शव को हिसार बाईपास से होते हुए मिर्जापुर फाटक से लेकर गांव तक लाया गया। एंबुलेंस के आगे युवाओं ने बाइक तिरंगा यात्रा निकाली। पुलिस के जवानों ने अंतिम सलामी दी।
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जिला प्रशासन की ओर एसडीएम जयबीर सिंह और तहसीलदार एचके गुप्ता ने अंतिम विदाई दी। इस मौके पर
बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग, भाजपा जिला अध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र, डीएसपी राजबीर सैनी, आर्य नगर गुरुकुल के आचार्य मान सिंह पाठक, इनेलो जिला अध्यक्ष सतबीर सिसाय, रघुविंदर खोखा, सुरेंद्र सूबेदार, हरिसिंह बूरा, आजाद खरकड़ी, पूर्व सैनिक अजीत बूरा, पूर्व सैनिक राजमल बूरा, सरपंच प्रतिनिधि मंजीत बूरा, सूबे सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
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बेटा दुश्मनों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ है, मैं रोऊंगा नहीं। मुझे अपने बेटे पर गर्व है। हर परिवार को ऐसा सपूत मिले जो देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हो। सुरेंद्र सिंह 12वीं की परीक्षा पास करने के पश्चात वर्ष 2016 में जाट रेजिमेंट सेंटर बरेली में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। अभी वह जम्मू कश्मीर के लखीपुरा (उरी) में तैनात था। 5 अगस्त को ही छुट्टी पूरी होने के बाद ड्यूटी पर लौटा था।

- बलबीर सिंह, शहीद के पिता
शव देखकर बेहोश हुई पत्नी प्रीति
आठ महीने पहले ही सुरेंद्र की शादी जींद जिले के गांव खटकड़ की प्रीति से हुई थी। प्रीति एमए पास है। शहीद पति का शव को देखकर प्रीति बेहोश हो गई। परिजनों ने उसे पानी के छींटे देकर उठाया। बाद में चिकित्सक को भी बुलाना पड़ा।
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