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Hisar News: दरकती बुनियाद पर जिंदगी आबाद, जर्जर क्वार्टरों में 55 परिवार खौफ के साये में रहने को मजबूर
Wed, 08 Jul 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:14 AM IST
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मार्केट कमेटी का जर्जरहाल क्वार्टर।
अशोक ढिकाव हिसार। नई अनाज मंडी परिसर में खंडहरनुमा आवासों की दरकती बुनियाद, जर्जर दीवारों और कमजोर छतों के साये में रह रहे 55 परिवारों पर हर पल खतरा मंडरा रहा है। करीब 46 साल पहले बने स्टाफ क्वार्टर गिरने की कगार पर हैं। इनमें मार्केटिंग बोर्ड और मार्केट कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी परिवार सहित रहते हैं।
शहर में अपना घर न होने की मजबूरी और हर महीने वेतन से किराया कटवाने के बावजूद इन कर्मचारियों को सुरक्षित आवास नसीब नहीं हो पा रहे हैं। हालत इतनी बदतर है कि बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता है और ढहने के डर से पूरा परिवार जागकर रातें काटता है। हिसार की नई अनाज मंडी और इन स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण वर्ष 1990-1995 के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के कार्यकाल में किया गया था।
सेक्टर-14 के पास 59 एकड़ भूमि पर किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस मंडी का निर्माण हुआ था। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड ने अपने स्टाफ के लिए यहां 55 आवास बनाए थे। विभिन्न श्रेणियों के लिए बने इन आवासों की स्थिति चार दशक बीतने के बाद अब बेहद खौफनाक हो चुकी है। मंडी में कुल 340 दुकानें बनाई गई हैं। संवाद
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शहर में अपना घर न होने की मजबूरी और हर महीने वेतन से किराया कटवाने के बावजूद इन कर्मचारियों को सुरक्षित आवास नसीब नहीं हो पा रहे हैं। हालत इतनी बदतर है कि बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता है और ढहने के डर से पूरा परिवार जागकर रातें काटता है। हिसार की नई अनाज मंडी और इन स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण वर्ष 1990-1995 के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के कार्यकाल में किया गया था।
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सेक्टर-14 के पास 59 एकड़ भूमि पर किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस मंडी का निर्माण हुआ था। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड ने अपने स्टाफ के लिए यहां 55 आवास बनाए थे। विभिन्न श्रेणियों के लिए बने इन आवासों की स्थिति चार दशक बीतने के बाद अब बेहद खौफनाक हो चुकी है। मंडी में कुल 340 दुकानें बनाई गई हैं। संवाद
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