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Hisar News: झुग्गियों में पल रहीं प्रतिभाएं..कचरा बीनना छोड़ वंशिका ने रजत जीत कराटे में दिखाए हाथ
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सेक्टर 14 पार्ट-2 में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण देती आरूषि सै
हिसार। खिलाड़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना जरूरी होता है और सही मार्गदर्शन में ही वह बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसी सोच के साथ सूरज सेवा फाउंडेशन की वीरांगना यूनिट ने सेक्टर-14 पार्ट-2 की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और कचरा बीनने वाले बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण देने की पहल की, जो अब रंग ला रही है। मई में आयोजित इंटर डोजो कराटे प्रतियोगिता में झुग्गी में रहने वाली वंशिका ने रजत पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में 32 स्कूलों और एकेडमियों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
फाउंडेशन के निदेशक हरीश सिराधना ने बताया कि वे पहले से ही देवी भवन और बुधला संत मंदिर में कराटे की निशुल्क क्लास चला रहे थे। पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में उन्हें ‘भीख नहीं किताब दो’ संस्था की संचालिका अनु चिनिया से मिलने का अवसर मिला। उनके सुझाव पर झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे बच्चों को कराटे सिखाने का निर्णय लिया। अप्रैल 2025 से सेक्टर-14 पार्ट-2 में रोजाना कराटे प्रशिक्षण शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। यहां 7 से 15 वर्ष की उम्र के 20 से 25 बच्चों को कोच आरुषि सैनी और सहायक कोच खुशी जांगड़ा रोज डेढ़ घंटे निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
बच्चों की खेल के प्रति रुचि और संख्या बढ़ रही है। वंशिका का पदक जीतना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिले तो कोई भी बच्चा पीछे नहीं रह सकता। - आरुषि सैनी, कराटे कोच
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फाउंडेशन के निदेशक हरीश सिराधना ने बताया कि वे पहले से ही देवी भवन और बुधला संत मंदिर में कराटे की निशुल्क क्लास चला रहे थे। पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में उन्हें ‘भीख नहीं किताब दो’ संस्था की संचालिका अनु चिनिया से मिलने का अवसर मिला। उनके सुझाव पर झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे बच्चों को कराटे सिखाने का निर्णय लिया। अप्रैल 2025 से सेक्टर-14 पार्ट-2 में रोजाना कराटे प्रशिक्षण शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। यहां 7 से 15 वर्ष की उम्र के 20 से 25 बच्चों को कोच आरुषि सैनी और सहायक कोच खुशी जांगड़ा रोज डेढ़ घंटे निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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बच्चों की खेल के प्रति रुचि और संख्या बढ़ रही है। वंशिका का पदक जीतना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिले तो कोई भी बच्चा पीछे नहीं रह सकता। - आरुषि सैनी, कराटे कोच
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