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कैमरी में महिलाएं लठ लेकर आधी रात तक बैठीं शराब ठेके के बाहर
amar ujala/ Hisar
Updated Sat, 01 Apr 2017 12:51 AM IST
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Women outside wine Shop
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सीपीएस डॉ. कमल गुुप्ता की ओर से गोद लिए आदर्श गांव कैमरी में महिलाओं ने शराब ठेका बंद कराने के लिए लठ उठा लिए। महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर शराब ठेके के बाहर पहुंच गईं। सात बजे से धरने पर बैठी महिलाएं आधी रात तक धरने पर जमी हुईं थीं।
सरपंच पद के लिए योग्यता तय करने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली कमलेश कैमरी के नेतृत्व में गांव की महिलाएं एकत्र होकर शराब ठेके के पास पहुंच गईं। पेट्रोल पंप के नजदीक बने इस शराब ठेके का महिलाओं ने विरोध किया। हाथों में लठ लेकर पहुंची महिलाओं ने एलान किया कि एक अप्रैल से यहां शराब ठेका नहीं खोलने देंगी। महिलाओं के विरोध के बाद पुराने ठेकेदार ने ठेके को अंदर से बंद कर लिया। यहां काम करने वाले कर्मचारी ठेके के अंदर ही दुबक गए। महिलाओं ने कहा कि पहले भी शराब ठेका बंद करने की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने एक अप्रैल से यहां ठेका न खोलने का भरोसा दिया था। महिलाएं एकत्र होकर लघु सचिवालय में आबकारी विभाग के अधिकारियों से भी मिलीं। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने दुर्व्यवहार करते हुए लौटा दिया। शराब ठेके के खिलाफ एसपी, डीसी कार्यालय के अलावा आबकारी विभाग में भी शिकायत दे रखी है। इस मौके पर महिला प्रधान शारदा, मजदूर बहू निर्माण नेता निर्मला, फूलपत्ती व सुमित्रा सहित अन्य मौजूद रहे।
महिलाओं की ओर से पहले भी विरोध किया गया था। ठेकेदार से मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे। महिलाओं से भी बातचीत की जाएगी। अगर ठेका गांव से बाहर शिफ्ट हो जाए तो बेहतर होगा।
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- भरत सिंह, सरपंच, कैमरी
कुछ महिलाएं शराब ठेके के बाहर बैठी हैं। हम शराब ठेके की जगह को नहीं बदलवा सकते। इस बारे में तो आबकारी विभाग के अधिकारी ही फैसला ले सकते हैं।
- राजेश कुमार, चौकी इंचार्ज, मंगाली
विरोध क्यों
महिलाओं ने कहा कि ठेके के एक तरफ लड़कियों का स्कूल है। स्कूल जाने वाली लड़कियों को शराबी बुरी नजर से घूरते हैं। पानी लाने के लिए भी महिलाओं को इस ठेके के सामने से गुजरना पड़ता है।
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सरपंच पद के लिए योग्यता तय करने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली कमलेश कैमरी के नेतृत्व में गांव की महिलाएं एकत्र होकर शराब ठेके के पास पहुंच गईं। पेट्रोल पंप के नजदीक बने इस शराब ठेके का महिलाओं ने विरोध किया। हाथों में लठ लेकर पहुंची महिलाओं ने एलान किया कि एक अप्रैल से यहां शराब ठेका नहीं खोलने देंगी। महिलाओं के विरोध के बाद पुराने ठेकेदार ने ठेके को अंदर से बंद कर लिया। यहां काम करने वाले कर्मचारी ठेके के अंदर ही दुबक गए। महिलाओं ने कहा कि पहले भी शराब ठेका बंद करने की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने एक अप्रैल से यहां ठेका न खोलने का भरोसा दिया था। महिलाएं एकत्र होकर लघु सचिवालय में आबकारी विभाग के अधिकारियों से भी मिलीं। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने दुर्व्यवहार करते हुए लौटा दिया। शराब ठेके के खिलाफ एसपी, डीसी कार्यालय के अलावा आबकारी विभाग में भी शिकायत दे रखी है। इस मौके पर महिला प्रधान शारदा, मजदूर बहू निर्माण नेता निर्मला, फूलपत्ती व सुमित्रा सहित अन्य मौजूद रहे।
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महिलाओं की ओर से पहले भी विरोध किया गया था। ठेकेदार से मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे। महिलाओं से भी बातचीत की जाएगी। अगर ठेका गांव से बाहर शिफ्ट हो जाए तो बेहतर होगा।
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- भरत सिंह, सरपंच, कैमरी
कुछ महिलाएं शराब ठेके के बाहर बैठी हैं। हम शराब ठेके की जगह को नहीं बदलवा सकते। इस बारे में तो आबकारी विभाग के अधिकारी ही फैसला ले सकते हैं।
- राजेश कुमार, चौकी इंचार्ज, मंगाली
विरोध क्यों
महिलाओं ने कहा कि ठेके के एक तरफ लड़कियों का स्कूल है। स्कूल जाने वाली लड़कियों को शराबी बुरी नजर से घूरते हैं। पानी लाने के लिए भी महिलाओं को इस ठेके के सामने से गुजरना पड़ता है।