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टावर वैगन इंजन की चपेट में आए तीन मासूमों का हुआ अंतिम संस्कार

Thu, 14 May 2020 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 01:00 AM IST
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Last rites of three children caught in tower wagon engine
घोड़ा फार्म रोड पर सत्य नगर के पास रेलवे ट्रैक पर मंगलवार शाम टावर वेगन इंजन की चपेट में आए तीनों मासूम बच्चों के शवों का बुधवार को पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे का शिकार हुए चार वर्षीय गोलू को दफनाया गया, जबकि सात वर्षीय अजीत व 10 वर्षीय रवि का ऋषि नगर स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। गोलू और अजीत दोनों सगे भाई थे। जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। एरिया में गश्त बढ़ा दी गई है।
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अपना बेटा खोने वाले सुनील बोले - नहीं बजाया हॉर्न, करेंगे शिकायत
अपने दस साल के बेटे रवि को इस हादसे में खोने वाले सुनील कुमार ने कहा कि हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बताया है कि टावर वेगन इंजन के लोको पायलट ने हॉर्न नहीं बजाया था। अगर हॉर्न बजाते तो हादसा न होता। प्रशासन की यह लापरवाही भी रही कि पटरी के इर्द-गिर्द जो दीवार थी, वह भी लंबे समय से टूटी है, अगर वह दीवार भी सही होती तो शायद उनके बच्चे वहां नहीं जाते। सुनील ने कहा कि हॉर्न न बजाने पर टावर वेगन इंजन के लोको पायलट के खिलाफ और दीवार न बनाने पर इससे संबंधित अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करवाएंगे।
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दो वक्त की रोटी कमा रहे हैं साहब, बिहार में भी काम नहीं
सुनील का कहना है कि कई लोगों ने उन्हें कहा कि बिहार लौट जाओ, लेकिन बिहार में भी काम नहीं है। इसलिए बिहार नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां रहकर दो वक्त की रोटी कमा रहे हैं।
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इससे पहले भी हो चुके हादसे
पार्षद अनिल जैन ने बताया कि इससे पूर्व भी वर्ष 2018 में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी दीपक की यहां ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इससे करीब तीन वर्ष पूर्व भी यहां एक मजदूर की भी ऐसे ही मौत हो गई थी। पार्षद के अनुसार इन दोनों हादसों के दौरान भी यह दीवार टूटी थी।

निगम टीम ने मृतक बच्चों के परिवार को दी 50 हजार रुपये की मदद
रेलवे ट्रैक हादसे के एक दिन बाद बुधवार को मेयर गौतम सरदाना मजदूर के घर सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए पीएम मोदी, रेलमंत्री, मुख्यमंत्री, लोकसभा सांसद और हिसार के डीसी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि वह और एरिया के पार्षद अनिल जैन अपने एक-एक माह का मानदेय पीड़ित परिवार को देंगे। उनके साथ आई नगर निगम टीम ने भी पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये देने की बात कही। मेयर ने कहा कि पीड़ित परिवार को मुआवजे के लिए डीसी से भी मांग की जाएगी।
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