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जेईई में कुशाग्र का 474वां रैंक, चाय वाले के बेटे अमन की 2154वीं रैंक
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जेईई में कुशाग्र का 474वां रैंक, चाय वाले के बेटे अमन की 2154वीं रैंक
फोटो : 17
फोटो: 59
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। आजाद नगर के रहने वाले कुशाग्र गोयल ने अपनी कुशाग्र बुद्धि का परिचय देते हुए जेईई एडवांस में बेहतरीन रैंक हासिल किया है। कुशाग्र गोयल ने परीक्षा में 474वीं रैंक हासिल किया। वहीं चंदन नगर निवासी अमन तिवारी ने 2154 वीं रैंक पाई। अमन के पिता चाय स्टॉल चलाते हैं।
कुशाग्र गोयल बताते हैं कि उनका सपना किसी नामचीन आईआईटी में इंजीनियरिंग करने का रहा है। इसके लिए उन्होंने हर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। कोविड के दौरान ऑनलाइन व सेल्फ स्टडी तथा पिछले वर्षों के एग्जाम पैट्रर्न पर की गई तैयारी उसके लिए सहायक सिद्ध रही। वहीं उनके पिता डॉ. पुनीत गोयल व मां पूनम गोयल के प्रोत्साहन व स्काईकैम एजूकेशन से सतीश कुमार यादव, जो खुद आईआईटीएन रहे हैं, की अच्छी गाइडेंस उसकी अच्छी रैंक लाने में सहायक रही। कुशाग्र ने बताया कि सफलता के लिए बिना किसी तनाव, दबाव के पढ़ाई करें।
वहीं, चंदन नगर निवासी अमन तिवारी के पिता हरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस दौरान अमन हॉस्टल में रहता था और रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता था। उन्होंने बताया कि बेटे ने दसवीं कक्षा पास करने के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी। काफी खुशी की बात है कि बेटे की 2154वीं रैंक आई है। अमन तिवारी दो भाई और एक बहन हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। आजाद नगर के रहने वाले कुशाग्र गोयल ने अपनी कुशाग्र बुद्धि का परिचय देते हुए जेईई एडवांस में बेहतरीन रैंक हासिल किया है। कुशाग्र गोयल ने परीक्षा में 474वीं रैंक हासिल किया। वहीं चंदन नगर निवासी अमन तिवारी ने 2154 वीं रैंक पाई। अमन के पिता चाय स्टॉल चलाते हैं।
कुशाग्र गोयल बताते हैं कि उनका सपना किसी नामचीन आईआईटी में इंजीनियरिंग करने का रहा है। इसके लिए उन्होंने हर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। कोविड के दौरान ऑनलाइन व सेल्फ स्टडी तथा पिछले वर्षों के एग्जाम पैट्रर्न पर की गई तैयारी उसके लिए सहायक सिद्ध रही। वहीं उनके पिता डॉ. पुनीत गोयल व मां पूनम गोयल के प्रोत्साहन व स्काईकैम एजूकेशन से सतीश कुमार यादव, जो खुद आईआईटीएन रहे हैं, की अच्छी गाइडेंस उसकी अच्छी रैंक लाने में सहायक रही। कुशाग्र ने बताया कि सफलता के लिए बिना किसी तनाव, दबाव के पढ़ाई करें।
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वहीं, चंदन नगर निवासी अमन तिवारी के पिता हरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस दौरान अमन हॉस्टल में रहता था और रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता था। उन्होंने बताया कि बेटे ने दसवीं कक्षा पास करने के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी। काफी खुशी की बात है कि बेटे की 2154वीं रैंक आई है। अमन तिवारी दो भाई और एक बहन हैं।
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