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Hisar News: सात दिन चलेगा राखीगढ़ी महोत्सव, 10 देशों के पुरातत्वविद् होंगे शामिल
Mon, 05 Oct 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:57 AM IST
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नारनौंद। राखीगढ़ी की करीब पांच हजार वर्ष पुरानी सभ्यता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए इस बार सात दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। हरियाणा के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से 19 से 25 अक्तूबर तक होने वाले महोत्सव में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरातत्वविद् सम्मेलन होगा।
इसमें अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, श्रीलंका और ईरान समेत 10 देशों के पुरातत्वविद् वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्रियों के भी महोत्सव में शामिल होने की संभावना है।
सम्मेलन में राखीगढ़ी सभ्यता से जुड़े शोध, नई खोजों और तत्कालीन जीवनशैली पर चर्चा होगी। तकनीक, डीएनए, पशुपालन, व्यापार, उद्योग, नगर नियोजन और शहरों के विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। इसका उद्देश्य राखीगढ़ी को वैश्विक शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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नौ टीलों की विरासत से रूबरू होंगे पर्यटक :
महोत्सव में पर्यटकों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों को राखीगढ़ी के नौ टीलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रत्येक टीले से जुड़ी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक जानकारी दी जाएगी। सभ्यता के इतिहास, जीवनशैली और महत्वपूर्ण खोजों पर आधारित 12 मिनट की विशेष फिल्म दिखाई जाएगी। प्रदर्शनी में खोदाई से मिले अवशेष और प्राचीन वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। कार्यशाला और मॉक खोदाई में विद्यार्थियों व शोधार्थियों को पुरातात्विक खुदाई, अवशेषों की पहचान और संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
पंजीकरण 12 अक्तूबर से होगा शुरू
महोत्सव में स्कूल स्तर पर हेरिटेज क्विज आयोजित होगी जबकि जिला और राज्य स्तर पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी होंगी। ग्रामीण खेलों में दंगल सहित पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हरियाणवी लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण 12 अक्तूबर से शुरू होगा।
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इस बार महोत्सव तीन दिन के बजाय सात दिन का होगा। इसके आठ प्रमुख आकर्षण हेरिटेज वॉक, प्रदर्शनी, फिल्म, कार्यशाला, मॉक खोदाई, क्विज, ग्रामीण खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। विभाग देश-विदेश से आने वाले विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को राखीगढ़ी की विरासत से रूबरू कराने की तैयारियों में जुटा है।
डॉ. नरेंद्र परमार, उप निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग।
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इसमें अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, श्रीलंका और ईरान समेत 10 देशों के पुरातत्वविद् वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्रियों के भी महोत्सव में शामिल होने की संभावना है।
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सम्मेलन में राखीगढ़ी सभ्यता से जुड़े शोध, नई खोजों और तत्कालीन जीवनशैली पर चर्चा होगी। तकनीक, डीएनए, पशुपालन, व्यापार, उद्योग, नगर नियोजन और शहरों के विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। इसका उद्देश्य राखीगढ़ी को वैश्विक शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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नौ टीलों की विरासत से रूबरू होंगे पर्यटक :
महोत्सव में पर्यटकों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों को राखीगढ़ी के नौ टीलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रत्येक टीले से जुड़ी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक जानकारी दी जाएगी। सभ्यता के इतिहास, जीवनशैली और महत्वपूर्ण खोजों पर आधारित 12 मिनट की विशेष फिल्म दिखाई जाएगी। प्रदर्शनी में खोदाई से मिले अवशेष और प्राचीन वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। कार्यशाला और मॉक खोदाई में विद्यार्थियों व शोधार्थियों को पुरातात्विक खुदाई, अवशेषों की पहचान और संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
पंजीकरण 12 अक्तूबर से होगा शुरू
महोत्सव में स्कूल स्तर पर हेरिटेज क्विज आयोजित होगी जबकि जिला और राज्य स्तर पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी होंगी। ग्रामीण खेलों में दंगल सहित पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हरियाणवी लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण 12 अक्तूबर से शुरू होगा।
इस बार महोत्सव तीन दिन के बजाय सात दिन का होगा। इसके आठ प्रमुख आकर्षण हेरिटेज वॉक, प्रदर्शनी, फिल्म, कार्यशाला, मॉक खोदाई, क्विज, ग्रामीण खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। विभाग देश-विदेश से आने वाले विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को राखीगढ़ी की विरासत से रूबरू कराने की तैयारियों में जुटा है।
डॉ. नरेंद्र परमार, उप निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग।