{"_id":"5d657fd48ebc3e93cd669575","slug":"kuldeep-bisnoi-hisar-news-rtk5143187170","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्ष 2014 में 58 करोड़ से अधिक की चल संपत्ति थी कुलदीप के पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ष 2014 में 58 करोड़ से अधिक की चल संपत्ति थी कुलदीप के पास
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पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के बेटे और आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई के आवास पर पिछले महीने इनकम टैक्स की रेड के बाद मंगलवार को आयकर विभाग ने कुलदीप और उनके बड़े भाई चंद्र मोहन के गुरुग्राम में करीब 150 करोड़ रुपये के बेनामी होटल को अटैच कर लिया। इस कार्रवाई के बाद हिसार में उनके करीबियों के फोन सुबह से बंद हो गए और किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। कुुुलदीप द्वारा वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान दिए एफिडेविट के अनुसार उनके पासा 58 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति थी, जबकि उनकी सालाना आय 98 लाख 53 हजार 777 रुपये थी।
कुलदीप की पारिवारिक पृष्ठभूमि
प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्व. भजनलाल के बड़े बेटे चंद्र मोहन हैं तो छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई। कुलदीप बिश्नोई ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। कुलदीप वर्तमान में आदमपुर से विधायक हैं और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई भी वर्तमान में हांसी से विधायक हैं। दोनों हरियाणा जनहित कांग्रेस से विधायक बने थे, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा भव्य बिश्नोई भी राजनीति में कदम रख चुुका है और हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में हिसार से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। छोटा बेटा चैतन्य बिश्नोई क्रिकेटर है और चेन्नई सुपर किंग्स टीम की ओर से आईपीएल और हरियाणा से रणजी खेल चुका है। बेटी सिया बिश्नोई न्यूयार्क में डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं।
कुलदीप बिश्नोई का राजनीतिक करियर
कुलदीप बिश्नोई पहली बार वर्ष 1998 में आदमपुर सीट से विधायक चुनकर आए थे। आदमपुर सीट पर उनके परिवार का 1968 से कब्जा रहा है। वर्ष 2004 में उन्होंने भिवानी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र को हराया था। उसके बाद वर्ष 2009 में भजनलाल हिसार से सांसद बने और कुलदीप आदमपुर से विधायक के रूप में चुनाव जीते। वर्ष 2011 में भजनलाल के निधन के कारण हिसार सीट पर हुए उपचुनाव में कुलदीप ने अजय चौटाला को हराकर चुनाव जीता था और आदमपुर से उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई उपचुनाव में जीतकर विधायक चुनी गईं। वर्ष 2014 में वे दुष्यंत चौटाला से लोकसभा का चुनाव हार गए थे और वर्ष 2019 में उनके बेटे भव्य बिश्नोई बृजेंद्र सिंह से चुनाव हारे। वर्ष 2005 में कांग्रेस द्वारा भूपेंद्र हुडा को मुख्यमंत्री बनाने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने वर्ष 2007 में कांग्रेस से किनारा करते हुए हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) की स्थापना की थी। वर्ष 2009 के चुनाव में हजकां ने 90 में से 89 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे, जिनमें से छह ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा से गठबंधन तोड़ अकेले चुनाव लड़ा और वर्ष 2016 में अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था।
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बेटे भव्य बिश्नोई ने 2017-18 के अनुसार 13 लाख 52 हजार 930 रुपये दिखाई कुल आय
वर्ष 2014 के चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने संपत्ति का जो ब्योरा दिया था, उसके अनुसार उन्होंने वित्त वर्ष 2012-13 में अपनी कुल आय 98 लाख 53 हजार 777 रुपये दिखाई थी। इसी तरह रेणुका बिश्नोई की कुल आय 3 लाख 90 हजार 530 रुपये दर्शाई थी। वर्ष 2019 के चुनाव में कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई ने वित्त वर्ष 2017-18 के अनुसार कुल आय 13 लाख 52 हजार 930 रुपये दिखाई है और उनकी वर्ष 2016-17 की सालाना आय में 2 लाख 40 हजार 330 रुपये का इजाफा हुआ है। वर्ष 2014 के चुनाव में दिए एफिडेविट के अनुसार कुलदीप के पास नकदी के रूप में 4 लाख 85 हजार 200 रुपये, जबकि रेणुका के पास 15 हजार 340 रुपये थे। बैंकों में विभिन्न जमा स्कीमों के अंतर्गत कुलदीप के पास 18 करोड़ 39 लाख 81 हजार 508 रुपये थे और रेणुका के पास 27 लाख 83 हजार 980 रुपये थे। उनकी हिसार के सेक्टर-15 में 35000 वर्ग की कोठी है, जबकि गुरुग्राम में 2000 स्क्वेयर फुट का रिहायशी भवन है, जो वर्ष 2012 में खरीदा गया था। कुलदीप की वर्ष 2014 के चुनाव में दिए ब्योरे के अनुसार कुल चल संपत्ति 58 करोड़ 70 लाख 73 हजार 139 रुपये की थी, जबकि अचल संपत्ति 16 करोड़ 52 लाख 50 हजार रुपये की थी।
कुलदीप का बिजनेस
कुलदीप बिश्नोई के बिजनेस की बात की जाए तो उनकी आदमपुर में आढ़त की पुरानी दुकान है। इसके अलावा हिसार में एक ऑटोमोबाइल एजेंसी है। वैसे उनका हीरे का कारोबार भी बताया जाता है और विदेश में एक मार्केट उनके पारिवारिक सदस्य के नाम पर है। गुरुग्राम में कुलदीप और उनके भाई चंद्रमोहन का होटल है, जिसे आयकर विभाग ने अटैच किया है।
23 जुलाई को पड़ी थी रेड
कुलदीप बिश्नोई के ठिकानों पर आयकर विभाग ने पिछले माह 23 जुुलाई को एक साथ छापा मारा था। आदमपुर आवास व आढ़त दुकान पर, हिसार सेक्टर-15 कोठी पर और हिसार ऑटोमोबाइल के अलावा दिल्ली-गुरुग्राम में भी एकसाथ छापामार कार्रवाई की गई थी। बाकी सभी जगह कार्रवाई एक ही दिन में पूरी हो गई थी, जबकि हिसार सेक्टर-15 कोठी और ग्ररुग्राम में कार्रवाई तीन दिनों तक चली थी।
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कुलदीप की पारिवारिक पृष्ठभूमि
प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्व. भजनलाल के बड़े बेटे चंद्र मोहन हैं तो छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई। कुलदीप बिश्नोई ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। कुलदीप वर्तमान में आदमपुर से विधायक हैं और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई भी वर्तमान में हांसी से विधायक हैं। दोनों हरियाणा जनहित कांग्रेस से विधायक बने थे, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा भव्य बिश्नोई भी राजनीति में कदम रख चुुका है और हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में हिसार से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। छोटा बेटा चैतन्य बिश्नोई क्रिकेटर है और चेन्नई सुपर किंग्स टीम की ओर से आईपीएल और हरियाणा से रणजी खेल चुका है। बेटी सिया बिश्नोई न्यूयार्क में डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं।
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कुलदीप बिश्नोई का राजनीतिक करियर
कुलदीप बिश्नोई पहली बार वर्ष 1998 में आदमपुर सीट से विधायक चुनकर आए थे। आदमपुर सीट पर उनके परिवार का 1968 से कब्जा रहा है। वर्ष 2004 में उन्होंने भिवानी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र को हराया था। उसके बाद वर्ष 2009 में भजनलाल हिसार से सांसद बने और कुलदीप आदमपुर से विधायक के रूप में चुनाव जीते। वर्ष 2011 में भजनलाल के निधन के कारण हिसार सीट पर हुए उपचुनाव में कुलदीप ने अजय चौटाला को हराकर चुनाव जीता था और आदमपुर से उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई उपचुनाव में जीतकर विधायक चुनी गईं। वर्ष 2014 में वे दुष्यंत चौटाला से लोकसभा का चुनाव हार गए थे और वर्ष 2019 में उनके बेटे भव्य बिश्नोई बृजेंद्र सिंह से चुनाव हारे। वर्ष 2005 में कांग्रेस द्वारा भूपेंद्र हुडा को मुख्यमंत्री बनाने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने वर्ष 2007 में कांग्रेस से किनारा करते हुए हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) की स्थापना की थी। वर्ष 2009 के चुनाव में हजकां ने 90 में से 89 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे, जिनमें से छह ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा से गठबंधन तोड़ अकेले चुनाव लड़ा और वर्ष 2016 में अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था।
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बेटे भव्य बिश्नोई ने 2017-18 के अनुसार 13 लाख 52 हजार 930 रुपये दिखाई कुल आय
वर्ष 2014 के चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने संपत्ति का जो ब्योरा दिया था, उसके अनुसार उन्होंने वित्त वर्ष 2012-13 में अपनी कुल आय 98 लाख 53 हजार 777 रुपये दिखाई थी। इसी तरह रेणुका बिश्नोई की कुल आय 3 लाख 90 हजार 530 रुपये दर्शाई थी। वर्ष 2019 के चुनाव में कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई ने वित्त वर्ष 2017-18 के अनुसार कुल आय 13 लाख 52 हजार 930 रुपये दिखाई है और उनकी वर्ष 2016-17 की सालाना आय में 2 लाख 40 हजार 330 रुपये का इजाफा हुआ है। वर्ष 2014 के चुनाव में दिए एफिडेविट के अनुसार कुलदीप के पास नकदी के रूप में 4 लाख 85 हजार 200 रुपये, जबकि रेणुका के पास 15 हजार 340 रुपये थे। बैंकों में विभिन्न जमा स्कीमों के अंतर्गत कुलदीप के पास 18 करोड़ 39 लाख 81 हजार 508 रुपये थे और रेणुका के पास 27 लाख 83 हजार 980 रुपये थे। उनकी हिसार के सेक्टर-15 में 35000 वर्ग की कोठी है, जबकि गुरुग्राम में 2000 स्क्वेयर फुट का रिहायशी भवन है, जो वर्ष 2012 में खरीदा गया था। कुलदीप की वर्ष 2014 के चुनाव में दिए ब्योरे के अनुसार कुल चल संपत्ति 58 करोड़ 70 लाख 73 हजार 139 रुपये की थी, जबकि अचल संपत्ति 16 करोड़ 52 लाख 50 हजार रुपये की थी।
कुलदीप का बिजनेस
कुलदीप बिश्नोई के बिजनेस की बात की जाए तो उनकी आदमपुर में आढ़त की पुरानी दुकान है। इसके अलावा हिसार में एक ऑटोमोबाइल एजेंसी है। वैसे उनका हीरे का कारोबार भी बताया जाता है और विदेश में एक मार्केट उनके पारिवारिक सदस्य के नाम पर है। गुरुग्राम में कुलदीप और उनके भाई चंद्रमोहन का होटल है, जिसे आयकर विभाग ने अटैच किया है।
23 जुलाई को पड़ी थी रेड
कुलदीप बिश्नोई के ठिकानों पर आयकर विभाग ने पिछले माह 23 जुुलाई को एक साथ छापा मारा था। आदमपुर आवास व आढ़त दुकान पर, हिसार सेक्टर-15 कोठी पर और हिसार ऑटोमोबाइल के अलावा दिल्ली-गुरुग्राम में भी एकसाथ छापामार कार्रवाई की गई थी। बाकी सभी जगह कार्रवाई एक ही दिन में पूरी हो गई थी, जबकि हिसार सेक्टर-15 कोठी और ग्ररुग्राम में कार्रवाई तीन दिनों तक चली थी।