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मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने डाल दिया महापडा़व
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:00 AM IST
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मंडल के हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी जिले के किसानों को फसलों का मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा व खेत मजदूर यूनियन ने लघु सचिवालय परिसर के बाहर महापडाव डाल दिया है। किसानों ने क्रांतिमान पार्क से लेकर लघु सचिवालय तक पैदल मार्च किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य प्रधान मा. शेरसिंह व रामकुमार बहबहलपूरिया ने संयुक्त रुप से की।बृहस्पतिवार की सुबह पांचों जिले के किसान क्रांतिमान पार्क में एकत्रित होने शुरु हो गए थे। यहां से किसान-मजदूरों ने जुल़ूस की शक्ल में लघु सचिवालय की तरफ कूच किया। किसान सभा के राज्य महासचिव का. हरपाल सिंह ने तुरंत बर्बाद फसलों का मुआवजा, आवारा पशुओं पर रोक, बिजली के बढ़े हुए रेट वापिस लेना, टेलों तक नहर के पानी का प्रबंध , डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिर्पोट को लागू कराना हमारी मांग है। इस बार आश्वासन नहीं समाधान लेकर जाएंगे।
रामकुमार बहबलपूरिया ने मनरेगा को लागू करना व खाद्य सुरक्षा की बात को प्रमुखता से रखा। यहां मुख्य तौर पर राज्य उपाध्यक्ष का. इन्द्रजीत सिंह, फूलसिंह श्योकंद, प्रदीप सिंह जिला सचिव, दयानंद पूनियां, रामस्वरुप भूना, राजकुमार सिरसा, रामअवतार सुलवानी, पार्षद बलवान बागड़ी, कै. प्रेम प्रकाश, रोहताश नगुरा, कैथल के प्रधान महेन्द्र सिंह, सुनीता कुंगड़ ने संबोधित किया।
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पड़ाव का मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव का. सुरेन्द्र मलिक ने भी जोरदार तरीके से समर्थन किया। मजदूरों के नेता सुरेश कुमार, सुखबीर सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता आरसी जग्गा ने संबोधित किया।
......
साढे तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके- हन्नान मौला
आठ बार सांसद रहे हन्नान मौला ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में साढे तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। अब तक हरियाणा में किसान आत्महत्या नहीं करते थे। अब बदहाली इतनी ज्यादा हो गई कि हरियाणा का मजबूत किसान भी आर्थिक तौर पर टूट गया। देश के 70 प्रतिशत लोग खेती से जुडे हैं। 50 प्रतिशत रोजगार कृषि से संबंधित है। इसके बावजूद केंद्र की सरकार किसानों को राहत देने की बजाए बडे बडे पूंजीपतियों के हजारों करोडों के कर्ज माफ कर रही है। किसानों की खाद बीज की सब्सीडी तक छीनी जा रही है। इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमत पांच गुना कम हो गई। यहां पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं करके सरकार अपनी जेब भर रही है। चाहे भूमि अधिग्रहण का सवाल हो या नया बिजली बिल लाकर खेती को कंपनियों के हवाले करने की बात हो भाजपा सरकार किसान विरोधी सबित हुई है। इसका हल मैदान में मजबूत लड़ाई लड़ कर हासिल हो सकता है। आज किसान लड़कर मरेंगे लेकिन आत्महत्या नही करेंगे।
.......
मंत्री बिरेंद्र सिंह का आवास घेराव करने के लिए 28 को जींद में जुटेंगे
कामरेड इंद्रजीत ने सरकार को विश्वासघाती बताया क्योंकि पहले सरकार ने आश्वासन दिया था कि पंचायत चुनाव के बाद मुआवजा देंगे । अब गिरदावरी की बात कहकर किसानों को अपमानित किया जा रहा है जिसको बर्दाश्त नही किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह का आवास घेराव करने के लिए 28 को जींद में जुटेंगे।
चूल्हे- पतीले लेकर डेरा डाला ...
पडाव डालने वाले किसान अपने साथ बडे बडे पतीले, परात, गैस सिलेंडर, चूल्हे लेकर पहुंचे। यहां प्रदर्शन के साथ ही चाय बनना शुरू हो गई। देर शाम तक यहां सब्जी रोटी बनाना शुरू किया। किसानों ने एलान किया कि पडाव रहने तक अब यहां पर ही रहेंगे। यहां खाएंगे, पीएंगे, सोएंगे।
आरक्षण से पहले निजीकरण के खिलाफ जुटो...
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने आरक्षण की मांग करने वालों पर बोलते हुए कहा कि आरक्षण की मांग करने वाले पहले निजीकरण को बंद कराने के लिए आवाज बुलंद करो। निजीकरण हो गया तो किसी को कुछ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने अप्रत्यक्ष तरीके से राजकुमार सैनी और जाट नेताओं को इसके लिए आवाज उठाने को कहा।
50 प्रतिशत की सीमा को बढाने से निकलेगा समाधान...
इंद्रजीत ने कहा कि संविधान में संशोधन कर आरक्षण के विवाद को खत्म किया जा सकता है। जिसको जो मिल रहा है उसे कम न किया जाए। जो आरक्षण मांग रहे है उनको दस बारह प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। संविधान संसोधन कर 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को बढाया जाए।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य प्रधान मा. शेरसिंह व रामकुमार बहबहलपूरिया ने संयुक्त रुप से की।बृहस्पतिवार की सुबह पांचों जिले के किसान क्रांतिमान पार्क में एकत्रित होने शुरु हो गए थे। यहां से किसान-मजदूरों ने जुल़ूस की शक्ल में लघु सचिवालय की तरफ कूच किया। किसान सभा के राज्य महासचिव का. हरपाल सिंह ने तुरंत बर्बाद फसलों का मुआवजा, आवारा पशुओं पर रोक, बिजली के बढ़े हुए रेट वापिस लेना, टेलों तक नहर के पानी का प्रबंध , डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिर्पोट को लागू कराना हमारी मांग है। इस बार आश्वासन नहीं समाधान लेकर जाएंगे।
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रामकुमार बहबलपूरिया ने मनरेगा को लागू करना व खाद्य सुरक्षा की बात को प्रमुखता से रखा। यहां मुख्य तौर पर राज्य उपाध्यक्ष का. इन्द्रजीत सिंह, फूलसिंह श्योकंद, प्रदीप सिंह जिला सचिव, दयानंद पूनियां, रामस्वरुप भूना, राजकुमार सिरसा, रामअवतार सुलवानी, पार्षद बलवान बागड़ी, कै. प्रेम प्रकाश, रोहताश नगुरा, कैथल के प्रधान महेन्द्र सिंह, सुनीता कुंगड़ ने संबोधित किया।
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पड़ाव का मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव का. सुरेन्द्र मलिक ने भी जोरदार तरीके से समर्थन किया। मजदूरों के नेता सुरेश कुमार, सुखबीर सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता आरसी जग्गा ने संबोधित किया।
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साढे तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके- हन्नान मौला
आठ बार सांसद रहे हन्नान मौला ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में साढे तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। अब तक हरियाणा में किसान आत्महत्या नहीं करते थे। अब बदहाली इतनी ज्यादा हो गई कि हरियाणा का मजबूत किसान भी आर्थिक तौर पर टूट गया। देश के 70 प्रतिशत लोग खेती से जुडे हैं। 50 प्रतिशत रोजगार कृषि से संबंधित है। इसके बावजूद केंद्र की सरकार किसानों को राहत देने की बजाए बडे बडे पूंजीपतियों के हजारों करोडों के कर्ज माफ कर रही है। किसानों की खाद बीज की सब्सीडी तक छीनी जा रही है। इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमत पांच गुना कम हो गई। यहां पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं करके सरकार अपनी जेब भर रही है। चाहे भूमि अधिग्रहण का सवाल हो या नया बिजली बिल लाकर खेती को कंपनियों के हवाले करने की बात हो भाजपा सरकार किसान विरोधी सबित हुई है। इसका हल मैदान में मजबूत लड़ाई लड़ कर हासिल हो सकता है। आज किसान लड़कर मरेंगे लेकिन आत्महत्या नही करेंगे।
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मंत्री बिरेंद्र सिंह का आवास घेराव करने के लिए 28 को जींद में जुटेंगे
कामरेड इंद्रजीत ने सरकार को विश्वासघाती बताया क्योंकि पहले सरकार ने आश्वासन दिया था कि पंचायत चुनाव के बाद मुआवजा देंगे । अब गिरदावरी की बात कहकर किसानों को अपमानित किया जा रहा है जिसको बर्दाश्त नही किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह का आवास घेराव करने के लिए 28 को जींद में जुटेंगे।
चूल्हे- पतीले लेकर डेरा डाला ...
पडाव डालने वाले किसान अपने साथ बडे बडे पतीले, परात, गैस सिलेंडर, चूल्हे लेकर पहुंचे। यहां प्रदर्शन के साथ ही चाय बनना शुरू हो गई। देर शाम तक यहां सब्जी रोटी बनाना शुरू किया। किसानों ने एलान किया कि पडाव रहने तक अब यहां पर ही रहेंगे। यहां खाएंगे, पीएंगे, सोएंगे।
आरक्षण से पहले निजीकरण के खिलाफ जुटो...
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने आरक्षण की मांग करने वालों पर बोलते हुए कहा कि आरक्षण की मांग करने वाले पहले निजीकरण को बंद कराने के लिए आवाज बुलंद करो। निजीकरण हो गया तो किसी को कुछ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने अप्रत्यक्ष तरीके से राजकुमार सैनी और जाट नेताओं को इसके लिए आवाज उठाने को कहा।
50 प्रतिशत की सीमा को बढाने से निकलेगा समाधान...
इंद्रजीत ने कहा कि संविधान में संशोधन कर आरक्षण के विवाद को खत्म किया जा सकता है। जिसको जो मिल रहा है उसे कम न किया जाए। जो आरक्षण मांग रहे है उनको दस बारह प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। संविधान संसोधन कर 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को बढाया जाए।