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Hisar News: अपहरण कर युवक को लाठियों से पीटा
Fri, 13 Dec 2024 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:29 AM IST
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सहारनपुर। जिले में पांच साल से बिना फिटनेस कराए ही 6659 वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग ने इन वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी करते हुए दस दिन का समय दिया है। इनमें एंबुलेंस, स्कूली वाहन, निजी बस, ट्रक, ऑटो आदि शामिल हैं।
वाहनों को पलटने एवं हादसे का शिकार होने के बाद संभागीय परिवहन विभाग अभियान चलाता है, लेकिन समय बीतने के साथ ही मामला ठंडा पड़ जाता है। जिले में 6659 वाहन ऐसे हैं, जिनकी पांच साल से फिटनेस नहीं हुई है। बिना फिटनेस वाहनों में हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। आरआई वाहनों की फिटनेस जांच करते हैं। उसके बाद वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होता है। तभी वाहन को सुरक्षित माना जाता है।
संभागीय परिवहन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 70 सरकारी, अर्द्धसरकारी एंबुलेंस, 4179 ट्रक, मिनी ट्रक, 219 मैजिक, 1908 ऑटो, 136 निजी बस, 147 स्कूली वाहन एवं बसों की पांच साल से फिटनेस नहीं हुई है। यह वाहन बिना फिटनेस के ही दौड़ाए जा रहे हैं। इसमें एंबुलेंस भी शामिल हैं।
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एंबुलेंस को जीवनदायिनी माना जाता है, लेकिन बिना फिटनेस चलने वाली एंबुलेंस में मरीज की जान खतरे में रहती है। अब विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
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वाहनों को पलटने एवं हादसे का शिकार होने के बाद संभागीय परिवहन विभाग अभियान चलाता है, लेकिन समय बीतने के साथ ही मामला ठंडा पड़ जाता है। जिले में 6659 वाहन ऐसे हैं, जिनकी पांच साल से फिटनेस नहीं हुई है। बिना फिटनेस वाहनों में हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। आरआई वाहनों की फिटनेस जांच करते हैं। उसके बाद वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होता है। तभी वाहन को सुरक्षित माना जाता है।
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संभागीय परिवहन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 70 सरकारी, अर्द्धसरकारी एंबुलेंस, 4179 ट्रक, मिनी ट्रक, 219 मैजिक, 1908 ऑटो, 136 निजी बस, 147 स्कूली वाहन एवं बसों की पांच साल से फिटनेस नहीं हुई है। यह वाहन बिना फिटनेस के ही दौड़ाए जा रहे हैं। इसमें एंबुलेंस भी शामिल हैं।
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एंबुलेंस को जीवनदायिनी माना जाता है, लेकिन बिना फिटनेस चलने वाली एंबुलेंस में मरीज की जान खतरे में रहती है। अब विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नोटिस जारी कर दिए गए हैं।