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ध्रुवीकरण हुआ तो जिला परिषद में जाट चेयरमैन बनना तय
हिसार
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:46 AM IST
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प्रदेश में जाट आंदोलन के समय उपजे जातीय तनाव का असर जिला परिषद, ब्लॉक समितियों के चेयरमैन चुनाव पर भी हो सकता है। जिला परिषद में जाट समाज के सदस्य एकजुट हुए तो चेयरमैन आसानी से बना लेंगे। कुल 30 सदस्यों वाली जिला परिषद में 16 जाट हैं। जिला परिषद के चेयरमैन चुनाव के लिए छह मार्च को बैठक होनी है। बैठक के लिए जिला परिषद सदस्यों को इसके लिए चिट्ठी भेजी गई है।
बैठक की जानकारी मिलने के बाद चेयरमैन के दावेदारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जिला परिषद में कुल 30 सदस्य हैं। इसमें आधे से ज्यादा 16 जाट बिरादरी के हैं। ओबीसी के चार सदस्य पार्षद बने हैं। सात सदस्य अनुसूचित वर्ग के जीतकर आए हैं।
आधे से ज्यादा जिला पार्षद जाट एकजुट हुए तो चेयरमैन बनाना बेहद आसान है। जाट, गैर जाट का ध्रुवीकरण किया तो इसका फायदा जाट पार्षदों को मिलेगा। अन्य सभी मिलकर प्रयास करेंगे तो भी चेयरमैन नहीं बना सकेंगे। इसके अलावा दो ब्राह्मण समाज के सदस्य पार्षद बनकर आए हैं। सबसे अधिक सदस्य भाजपा के आए हैं। इसके बाद इनेलो का नंबर आया। भाजपा की ओर से चार प्रत्याशी सीधे तौर पर दावेदारी जता रहे हैं, जिसमें अरुण दत्त शर्मा, कृष्ण सरसाना, मीना शर्मा व सुदेश शामिल हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भी अच्छी खासी है, जिसमें स्याहड़वा के ब्रह्मदेव की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
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वेट एंड वाच की पॉलिसी
ब्लॉक समितियों को लेकर अब तक खुलासा नहीं किया गया है। प्रदेश में बिगडे़ हालातों में कोई राजनेता आगे नहीं आ रहा। बडे़ नेताओं की सक्रियता कम होने के कारण फिलहाल चेयरमैन को लेकर संशय बन गया है। भाजपा की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर अभी कुछ हद तक ब्रेक लग गए हैं। इंडियन नेशनल लोकदल भी वेट एंड वाच की पॉलिसी पर काम कर रहा है।
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बैठक की जानकारी मिलने के बाद चेयरमैन के दावेदारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जिला परिषद में कुल 30 सदस्य हैं। इसमें आधे से ज्यादा 16 जाट बिरादरी के हैं। ओबीसी के चार सदस्य पार्षद बने हैं। सात सदस्य अनुसूचित वर्ग के जीतकर आए हैं।
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आधे से ज्यादा जिला पार्षद जाट एकजुट हुए तो चेयरमैन बनाना बेहद आसान है। जाट, गैर जाट का ध्रुवीकरण किया तो इसका फायदा जाट पार्षदों को मिलेगा। अन्य सभी मिलकर प्रयास करेंगे तो भी चेयरमैन नहीं बना सकेंगे। इसके अलावा दो ब्राह्मण समाज के सदस्य पार्षद बनकर आए हैं। सबसे अधिक सदस्य भाजपा के आए हैं। इसके बाद इनेलो का नंबर आया। भाजपा की ओर से चार प्रत्याशी सीधे तौर पर दावेदारी जता रहे हैं, जिसमें अरुण दत्त शर्मा, कृष्ण सरसाना, मीना शर्मा व सुदेश शामिल हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भी अच्छी खासी है, जिसमें स्याहड़वा के ब्रह्मदेव की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
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वेट एंड वाच की पॉलिसी
ब्लॉक समितियों को लेकर अब तक खुलासा नहीं किया गया है। प्रदेश में बिगडे़ हालातों में कोई राजनेता आगे नहीं आ रहा। बडे़ नेताओं की सक्रियता कम होने के कारण फिलहाल चेयरमैन को लेकर संशय बन गया है। भाजपा की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर अभी कुछ हद तक ब्रेक लग गए हैं। इंडियन नेशनल लोकदल भी वेट एंड वाच की पॉलिसी पर काम कर रहा है।