{"_id":"9dbff84a028aef64a2efa42e82b507a0","slug":"jaat-reservation-yashpal-malik-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"यशपाल मलिक गुट बोला, हमारी लड़ाई ओबीसी से नहीं सरकार से ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यशपाल मलिक गुट बोला, हमारी लड़ाई ओबीसी से नहीं सरकार से
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि कमेटी के आश्वासन की बजाय प्रदेश सरकार बजट सत्र में आरक्षण के लिए विधेयक लेकर आए।
विज्ञापन
हमें सरकार पर भरोसा नहीं, इसलिए हम 21 फरवरी को मय्यड़-रामायण में रैली करेंगे। अगली रणनीति रैली में ही घोषित होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई ओबीसी से नहीं सरकार से है।
विज्ञापन
जाट धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में रामभगत मलिक ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल में जो सरकार एक इंच नहीं सरकी, वो डेढ़ महीने में एक फीट कैसे सरक जाएगी। सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी पर हमें कोई भरोसा नहीं है। कमेटी से आरक्षण नहीं मिलने वाला।
विज्ञापन
आरक्षण विधानसभा में विधेयक लाकर ही दिया जा सकता है। राजस्थान की सरकार द्वारा गुर्जरों के लिए विधेयक लाया गया था, उसी तरह यहां पर भी आरक्षण लाया जाए। हमारी प्राथमिकता प्रदेश में आरक्षण का हक हासिल करना है। उन्होंने कहा कि जाट समाज के साथ तीन बार अन्याय हो चुका है।
अन्य किसी जाति का आरक्षण खत्म नहीं किया जाता। केवल जाटों को ही निशाना बनाया जाता है। जिस गुरनाम सिंह आयोग ने यादव, सैनी, गुर्जर को आरक्षण दिया था, उसी कमीशन ने जाटों को आरक्षण देने की सिफारिश भी की थी, उसे नहीं माना गया।
एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारी लड़ाई ओबीसी से नहीं सरकार से है। इस अवसर पर रणवीर तरड़, समिति के जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा, झाबर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव सतबीर सिंह, प्रदेश सचिव दलीप सहारण, शीशपाल नैन भी मौजूद थे।
लाठी-डंडे लेकर नहीं जाएंगे मौके पर ही तय करेंगे
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समिति अनुशासन से आंदोलन करेगी। लाठी-डंडे हाथों में लेकर नहीं जाएंगे। अगर प्रशासन की ओर से हमें उकसाया गया तो हम भी चुप नहीं रहेंगे। किस तरह से जवाब दिया जाएगा, यह तो मौके पर ही तय किया जाएगा।
अपने खेतों में ट्रैक के साथ बैठेंगे
समिति 21 फरवरी को लेकर रेलवे ट्रैक के पास खेतों में अपना आंदोलन शुरू करेगी। रेलवे ट्रैक रोके जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मलिक ने कहा कि समिति ने पहले भी रेलवे ट्रैक नहीं रोका है। खुद रेलवे ने ही अपनी ट्रेन बंद की थी। आंदोलन का एलान 21 को करेंगे। हिसार के बाद पूरे हरियाणा और फिर अन्य राज्यों में फैलाएंगे।
पुलिस की लाठी-गोलियों से नहीं डरते
जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने कहा कि हम पुलिस की लाठी और गोली से नहीं डरते। अपने हक के लिए अपनी जान तक देने तक तैयार हैं। जाट समाज तो रोजाना ही मुसीबतों का सामना करते हुए बड़ा होता है। पुलिस की लाठियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।