{"_id":"575726d94f1c1b761f9c62da","slug":"jaat-reservation-sdm-to-meet-jaat-leader-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाट आरक्षण आंदोलन : बातचीत का प्रस्ताव लेकर पहुंचे एसडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट आरक्षण आंदोलन : बातचीत का प्रस्ताव लेकर पहुंचे एसडीएम
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
जाट
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण को लेकर जाट न्याय अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को तीसरे दिन भी शांतिपूर्वक तरीके से जारी रहा। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम अशोक बंसल बातचीत का प्रस्ताव लेकर पहुंचे आंदोलनकारी नेताओं ने प्रशासन पर कई तरह के आरोप लगाए।
विज्ञापन
जाट आंदोलन को लेकर तीसरा दिन भी शांतिपूर्वक रहा। मंगलवार को धरने पर बैठे जाट नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। जाटों ने आरक्षण हमारा हक के नारे लगाए। तीसरे दिन भी धरने पर लोगों की संख्या सीमित रही।
विज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि हमारा धरना शांतिपूर्वक तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन की ओर से जाट नेताओं को परेेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
धरने में पहुंचने वाले सरपंच, पंच, नंबरदार व अन्य लोगों को परोक्ष रूप से धमकाया जा रहा है। लोगों को नाजायज तरीके से तंग किया जा रहा है। जाट नेताओं पर भी दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। धरने में शामिल लोगों को केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
युवाओं को डराने का प्रयास कर रहे हैं। एक षडयंत्र के तहत लोगों को धरने से दूर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से धरने को खराब करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। आरक्षण संघर्ष समिति ने अपने किसी भी आंदोलन में शांति को भंग नहीं होने दिया। पिछली बार फरवरी महीने में भी ट्रैक के पास समिति का धरना पूरी तरह से शांतिपूवर्क रहा था।
धरना स्थल के पास जाट नेताओं से मिले एसडीएम
एसडीएम अशोक बंसल मंगलवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति से बातचीत करने के लिए पहुंचे। एसडीएम ने धरना स्थल पर पहुंचने की बजाए धरने से कुछ दूर एक मकान में जाट नेताओं को बुलाया। जाट नेताओं से पूछा कि प्रशासन से बातचीत करना चाहें तो हम तैयार हैं।
जाट नेता रामभगत मलिक ने कहा कि हमारी मांग प्रदेश स्तर की हैं। स्थानीय प्रशासन इस में कुछ नहीं कर सकता। स्थानीय प्रशासन लोगों को तंग न करे हमारा यही अनुरोध है। हम शांतिपूर्वक धरना देते रहेंगे। किसी तरह का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को हम खुद पुलिस के हवाले कर देंगे।
मय्यड़ के आसपास ही सुरक्षा बल तैनात
जाट आरक्षण के चलते मंगलवार को तीसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। पैरा मिलिट्री फोर्स की टुकड़ियां तथा हरियाणा पुलिस के जवान अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी देते रहे। मय्यड़ के आसपास की फोर्स के अलावा अन्य स्थानों से बल को हटा लिया गया है। शहर में फ्लैग मार्च भी बंद कर दिए गए हैं।