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आरक्षण आंदोलन की आहट, पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 30 May 2016 12:27 AM IST
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आरक्षण आंदोलन की आहट, पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
- फोटो : bureau
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जाट आरक्षण को लेकर जाटों के पांच जून से प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन ने पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि आंदोलन के दौरान संभावित किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। जिला पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने बताया कि एहतियात के तौर पर पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
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सनद रहे कि जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर मय्यड़ केंद्र बिंदु रहा है। पिछली बार हिसार-हांसी मार्ग पर टोल बैरियर के पास आंदोलनकारियों का पड़ाव था। उन्होंने वहां रास्ता रोककर रोड जाम कर दिया था और हिसार-दिल्ली रेल मार्ग पर मय्यड़ के पास ट्रैक जाम कर दिया था। इससे बस और रेल यातायात ठप हो गया था। जिले में सीआरपीएफ की दस कंपनियां भेजी गई हैं।
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पांच जून को जाटों द्वारा आरक्षण को लेकर फिर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा पर हिसार जिला में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। रविवार को सीआरपीएफ टुकड़ियों ने जिला में संवेदनशील एरिया में चौक चौराहों पर आकर मोर्चा संभाल लिया है।
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दूसरी तरफ पुलिस भी पूरी तरह से तैयारी में है। लगातार हर रोज मॉक ड्रिल कर पुलिस कसरत करने में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि इस बार हिंसा में शामिल होने वालों को जरा सी भी ढील नहीं दी जाएगी। संवेदनशील व अतिसंवेदनशील एरिया में सुरक्षा के लिहाज से हिसार में 9 जगह अलग-अलग चौक पर सीआरपीएफ के जवानों को लगाया गया है। ठीक इतने ही नाके हांसी एरिया में लगाए गए हैं। एक तरह से पूरे शहर को सील कर दिया गया है।
शांति भंग होने वाले क्षेत्रों पर विशेष निगाह
प्रशासन इस बार गंभीर नजर आ रहा है। जहां पिछली बार हिंसा हुई थी और फिलहाल वहां शांति भंग होने की आशंका है उस क्षेत्र पर विशेष निगाह रखी हुई है। पुरानी सब्जीमंडी एरिया चौक, नई सब्जीमंडी एरिया, फव्वारा चौक, कैंप चौक, राजगढ़ रोड नजर के पास जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है।
एहतियात के तौर पर सीआरपीएफ लगाई गई है। जहां संवेदनशील एरिया है वहां सीआरपीएफ भेजी गई है। अभी कहीं कोई तनाव या माहौल नहीं है। अलर्ट के चलते खुद एसपी निगरानी रखे हुए हैं। धारा 144 अभी नहीं लगाई गई है।
- निखिल गजराज, डीसी हिसार
शहर में नौ स्थानों पर तैनात हुई सीआरपीएफ
बस स्टैंड हिसार, पेट्रोल डिपो महाबीर कॉलोनी, राजगुरु मार्केट, नई सब्जी मंडी के सामने, पुरानी सब्जी मंडी चौक, पड़ाव चौक, रेड स्क्वेयर मार्केट नलवा लैब के पास, राजगढ़ रोड़ नाका, कैमरी रोड नाका पर सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।
आईजी ने लिखा रेंज के सभी एसपी को पत्र, प्रस्तावित पांच जून के आंदोलन को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश
जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर आईजी ओपी सिंह ने रेंज के पांचों जिलों के एसपी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लिखा है कि वे सचेत रहें और हर स्थिति से निपटने के जवानों को तैयार रखें।
उन्होंने कहा कि पांच जून से प्रस्तावित जाट आरक्षण आंदोलन के लिए बंदोबस्त बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध और विभिन्न तबकों द्वारा अपनी जायज-नाजायज मांगे मंगवाने के लिए रोष-स्वरूप धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। मगर उन्हें हिंसक व विनाशकारी होने से रोकने का पुलिस का कानूनी दायित्व है।
आइजी बोले राजनीति से प्रेरित होते है आंदोलन पांच जून को कुछ ऐसा ही करने की तैयारी है
आइजी ने कहा कि लगभग आंदोलन राजनीति से प्रेरित होते हैं। कुछ लोग मुद्दे को भुनाकर समाज में विशेषकर समुदाय में अपने को एक नायक के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे में वे आपराधिक प्रवृति के लोगों की भीड़ जोड़ लेते हैं ताकि कानून व्यवस्था को भंग किया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि पांच जून को कुछ ऐसा ही करने की तैयारी है। उन्होंने रेज के एसपी को कहा कि वे सुनियोजित ढंग से इस चुनौती का मुक़ाबला करें।
ये दिए निर्देश
- आंदोलन में सक्रिय रहने वाले गांवों को चिन्हित करें और वहां आपराधिक गतिविधियों में लिप्त, नाजायज असलाह रखने वाले अपराधिक प्रवृति के युवकों की पहचान करें।
- इन गांवों के लिए पुलिस से एक लिंक ऑफिसर लगाएं, जो इस गांव का दौरा करें और यहां के ठीक लोगों से संवाद स्थापित करे। मक़सद ये बताया जाये कि वे गांव को अपराधिक प्रवृति के लड़कों के कुप्रभाव से मुक्त कराना चाहते हैं, जिससे कि बुजुर्गों की इज्जत बनी रहे।
- एसपी स्वयं इन गांव में जाएं। हथियार सहित पूरी वर्दी पहनें। पूरी तैयारी और आंकड़ों के साथ जाएं। लोगों से मित्रवत व्यवहार करें।
- आंदोलन में सक्रिय लोगों को चिन्हित करें, उनकी गाड़ियों की चेकिंग कराते रहें।
-एसएचओ को सक्षम इकाई बनायें। उन्हें कहें कि अपने इलाक़े में विधी-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेवारी है। अपने साधनों, अनुभव, सम्पर्क और बुद्धि का इस्तेमाल करें और दंगाइयों पर सख़्ती से नियंत्रण करें। डीएसपी से कहें कि एसएचओ से कंधा से कंधा मिलाकर क़ानून को हाथ में लेने वालों के रख़लाफ़ समय रहते आवश्यकतानुसार बल प्रयोग करें, स्थिति को नियंत्रित रखें।