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Hisar News: अपार आईडी बनाने की दौड़ में सरकारी ने निजी स्कूलों को पछाड़ा

Mon, 03 Feb 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 03 Feb 2025 01:01 AM IST
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In the race to create Apaar ID, government schools beat private schools
चेतन वर्मा
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हिसार। प्रदेश के विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। अपार आईडी भले ही अभिभावकों की सहमति से बनाई जानी है, लेकिन विभाग ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपार आईडी से जोड़ने का फैसला लिया है। खास बात है यह कि सरकारी स्कूलों ने अपार आईडी बनाने की दौड़ में निजी स्कूलों को पछाड़ दिया है।
प्रदेश भर में 14,297 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 17,56,676 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई चुकी है, जबकि कुल विद्यार्थी 21.28 लाख हैं। यानि 83 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है। वहीं, निजी स्कूलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 9,254 स्कूलों में 34.68 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनमें से 23 लाख से अधिक की अपार आईडी बन चुकी है यानि 67.6 फीसदी विद्यार्थी अपार के दायरे में आ चुके हैं। जिले की बात करें तो 868 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 1,26,959 विद्यार्थियों में से 1,07,604 की अपार आईडी बन चुकी है। वहीं, 678 निजी स्कूलों में 2,11,042 विद्यार्थियों में से 1,25,208 की अपार आईडी बनाई जा चुकी है।
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मुख्यालय की तरफ से आदेश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाए। साथ ही इससे होने वाले फायदे अभिभावकों को बताए जाएं। अपार आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और स्कूल या कॉलेज का रोल नंबर अनिवार्य है।
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सरकारी स्कूलों में अपार आईडी का विवरण
जिला - स्कूल - विद्यार्थी - अपार आईडी -लंबित
- नूंह - 902 - 2,52,528 - 1,56,366 - 88,088
- भिवानी - 747 - 84,520 - 69,659 - 13,700
- यमुनानगर - 920 - 95,323 - 76,733 - 17,499
- हिसार - 868 - 1,26,959 - 1,07,604 - 17,807
- गुरुग्राम - 576 - 1,41,552 - 1,24,799 - 15,851
- पलवल - 607 - 1,03,481 - 81,341 - 20,498
- महेंद्रगढ़ - 724 - 49,866 - 41,325 - 8,139
- रेवाड़ी - 638 - 56,138 - 48,762 - 6,809
- करनाल - 779 - 1,22,433 - 1,02,307 - 19,163
- रोहतक - 406 - 56,711 - 51,078 - 5,149
- फरीदाबाद - 377 - 1,12,579 - 96,237 - 15,096
- सोनीपत - 713 - 104348 - 87112 - 16626
- फतेहाबाद - 621 - 97836 - 81943 - 15017
- पानीपत - 418 - 1,01,069 - 82,601 - 17,402
- अंबाला - 763 - 72,337 - 62,360 - 9,594
- चरखी दादरी - 368 - 29,247 - 25,578 - 3,396
- कैथल - 594 - 96,682 - 84,935 - 11,226
- जींद - 726 - 1,02,750 - 93,792 - 8,132
- सिरसा - 833 - 1,27,139 - 11,0,392 - 15,690
- झज्जर - 520 -54,258 - 47,889 - 5,858
- कुरुक्षेत्र - 778 - 76,590 - 66,611 - 9,356
- पंचकूला - 419 - 63,697 - 57,252 - 5,930
- कुल - 14297 - 21,28,043 - 17,56,676 - 3,46,026
निजी स्कूलों का आंकड़ा
जिला - स्कूल - विद्यार्थी - अपार आईडी - लंबित
- नूंह - 231 - 73,174 - 23,867 - 46,896
- भिवानी - 426 - 1,20,115 - 63,376 - 52,841
- यमुनानगर - 359 - 1,49,865 - 83,573 - 64,445
- हिसार - 678 - 2,11,042 - 1,25,208 - 79,915
- गुरुग्राम - 633 - 3,34,731 - 2,08,079 - 1,21,512
- पलवल - 525 - 1,44,509 - 91,993 - 48,375
- महेंद्रगढ़ - 268 - 1,13,199 - 75,729 - 35,684
- रेवाड़ी - 314 - 1,39,424 - 92,811 - 44,394
- करनाल - 510 - 2,10,099- 1,39,826 - 66,869
- रोहतक - 395 - 1,35,997 - 90,176 - 42,565
- फरीदाबाद - 1175 - 4,32,499 - 3,03,699 - 1,22,489
- सोनीपत - 587 - 2,02,293 - 1,38,972 - 60,209
- फतेहाबाद - 255 - 89,179 - 57,596 - 29,974
- पानीपत - 545 - 1,91,823 - 1,36,560 - 51,504
- अंबाला - 315 - 1,42,190 - 1,05,313 - 35,141
- चरखी दादरी - 155 - 48,992 - 36,604 - 11,058
- कैथल - 342 - 1,26,073 - 93,947 - 29,922
- जींद - 384 - 1,40,911 - 1,01,889 - 34,952
- सिरसा - 335 - 1,17,378 - 88,287 - 27,620
- झज्जर - 363 - 1,40,526 - 1,10,988 - 28,105
- कुरुक्षेत्र - 311 - 1,26,822 - 99,570 - 25,630
- पंचकूला - 148 - 77,566 - 60,104 - 16,668
कुल - 9254 - 34,68,407 - 23,28,167 - 10,76,768

अपार आईडी के फायदे
अपार आईडी से छात्रों की पहचान आसान होगी।

विद्यार्थियों को जल्द सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

अपार आईडी से छात्रों के शैक्षिक दस्तावेज एक जगह रहेंगे।

डुप्लीकेट दस्तावेज बनाने में परेशानी नहीं आएगी।

अपार आईडी से छात्रों की उपलब्धियों को पहचाना जा सकेगा।

भविष्य में रोजगार पाने में मदद मिलेगी।

अपार आईडी को लेकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राचार्यों को सूची जारी कर आदेश दिए है कि वे अधिक से अधिक अपार आईडी में विद्यार्थियों को जोड़े। साथ ही फायदे भी गिनाएं। - विजेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, हिसार प्रथम ब्लॉक।
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