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बचपन में माता-पिता का उठा साया, फिर भी प्राची ने नहीं मानी हार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 12:27 AM IST
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In her childhood, the parents woke up, yet Prachi did not believe it.
छात्रा सिया पीजीएसडी स्कूल में अपनी सहेलियों के साथ खुशी जाहिर करतीं। - फोटो : Hisar
हिसार। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में देहात की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनाया। जिले की टॉप पांच बेटियों में किसान व मजदूर की बेटियां शामिल हैं। बचपन में सिर से माता-पिता का साया उठने वाली बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रदेश से लेकर जिला स्तर भी बेटियां ने ही बाजी मारी है। टॉप रैंक प्राप्त करने वाली छात्राओं ने कहा कि सेल्फ स्टडी करके उन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। टॉप रहने वाली छात्राओं का सपना आईएएस, डॉक्टर व इंजीनियर बनना है।
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बचपन में उठा मां-पिता का साया, बेटी प्राची ने हौसले से पाया तृतीय स्थान
बरवाला तहसील के ढाड गांव की बेटी प्राची 12वीं कक्षा के परिणाम में जिले में तृतीय स्थान पर रही है। प्राची जब आठ महीने की थी तो उनकी मां केलापति का देहांत हो गया था और जब प्राची करीब 5 साल ही हुई तो पिता रामफल का भी देहांत हो गया। बचपन में माता-पिता की साया सिर से उठने के बाद प्राची का लालन-पालन उनके बड़े भाई छबील दास बूरा व बहनों ने किया। छबीलदास बूरा प्राची के ताऊ के बेटे हैं। प्राची गुराना गांव स्थित विश्वास सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। प्राची का भाई छबीलदास बूरा इसी स्कूल की संस्था में सचिव हैं। प्राची ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। इसके लिए वह अभी से तैयारी कर रही है। प्राची की इस कामयाबी पर स्कूल निदेशक जोगिंद्र सिंह व परिजनों ने प्राची के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने बताया कि प्राची की चार बहने व एक छोटा भाई है। प्राची पढ़ाई में काफी होशियार हैं।
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मन लगाकर की पढ़ाई तो हासिल किया मुकाम : सिया
पड़ाव चौक स्थित पीजीएसडी स्कूल छात्रा सिया ने बताया कि उसने जो भी पढ़ा व मन लगाकर पढ़ा। परीक्षाओं के दिनों में मन को शांत रखा व पाठ्यक्रम को बार-बार दोहराया। आसान विषयों को कम समय दिया व हार्ड विषयों को ज्यादा समय दिया। पेपर करते समय भी शब्दों की संख्या पर विशेष ध्यान रखा। सिया ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन से पलक से प्रेरित हुई है, बहन पलक भी तीन साल पहले 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में टॉप रह चुकी है। सिया ने बताया कि सेल्फ स्टडी करके उसने इतने नंबर प्राप्त किए हैं। सिया के पिता हिसार न्यू शांति नगर निवासी अश्वनी कुमार टेलर हैं। सिया की मां मोनिका सरदाना गृहिणी हैं।
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रोजाना छह घंटे की पढ़ाई, सोशल मीडिया से बनाई दूरी : स्मृति
आदमपुर की शिव कॉलोनी निवासी स्मृति शर्मा ने 492 अंक प्राप्त कर आदमपुर खंड में प्रथम, जिला स्तर पर तृतीय एवं कला संकाय में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। स्मृति ने बताया कि वह स्कूल के अतिरिक्त 5 से 6 घंटे पढ़ाई करती और सोशल मीडिया से दूरी बना कर रखती थी। स्मृति राज्य स्तरीय कानूनी साक्षरता परीक्षा व राज्यस्तरीय गीता जयंती व डिबेट में शानदार प्रदर्शन कर राज्य स्तर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैै। स्मृति को विद्यालय में आयोजित बाल कवि सम्मेलन को देख कर कविता लिखने का जुनून लगा और वह अभी तक 50 से ज्यादा कविताएं लिख चुकी हैं। स्मृति के अनुसार उसका लक्ष्य साइकोलॉजी में एमएससी कर अध्यापिका बनना है। स्मृति के पिता बृजेंद्र शर्मा संस्कृति के अध्यापक है जबकि मां मुकेश रानी गृहिणी है। बड़ी बहन श्रुति कराटे की खिलाड़ी के साथ योग में स्नातक की पढ़ाई एवं बीएड कर रही है और छोटा भाई प्रभात दसवीं कक्षा में पढ़ता है।
डॉक्टर बनकर जनसेवा करना चाहती है बरवाला की तमन्ना
बरवाला। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहर कोठी बरवाला की छात्रा तमन्ना जांगड़ा ने विज्ञान संकाय में 500 में से 492 अंक प्राप्त किए हैं। तमन्ना ने नॉन मेडिकल संकाय में प्रदेश में तीसरे और हिसार जिले में दूसरे स्थान पर रही। तमन्ना ने कहा कि वह नीट की तैयारी कर ही है और डॉक्टर बनकर जनसेवा करना चाहती है। तमन्ना के पिता सुरेश कुमार एलआईसी अधिकारी हैं। सुरेश कुमार ने बताया कि मुझे मेरी बेटी पर गर्व है। प्राचार्य मनोज गुप्ता ने बताया कि उनकी स्कूल छात्रा तमन्ना ने पूरे हरियाणा में स्कूल व बरवाला का नाम रोशन किया है। परीक्षा के दौरान उसने टीवी व मोबाइल से परहेज किया है। वह हर दिन 5 से 7 घंटे तक पढ़ाई करती थी।
ढंढेरी गांव की बेटी भावना मलिक ने हासिल किए 96 प्रतिशत अंक
फोटो : 58
गांव ढंडेरी निवासी किसान रणबीर मलिक की बेटी भावना मलिक ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गांव का गौरव बढ़ाया है। भावना मलिक सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। भावना मलिक ने बताया कि वह पढ़ लिख कर अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करना चाहती है। भावना मलिक के पिता रणबीर मलिक ने कहा कि आज के समय में बेटों के मुकाबले में बेटी पीछे नहीं है। हर क्षेत्र में हमारी बेटियों का दबदबा है।

जैन गर्ल्स स्कूल का शत-प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम
हिसार। नागोरी गेट स्थित जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। छात्रा महक पुत्री अनिल कुमार 96 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम, छात्रा ईशा पुत्री सुनील 93 फीसदी अंक लेकर द्वितीय और छात्रा आरती कुमारी पुत्री लक्ष्मण कुमार ने 91 प्रतिशत अंक लेकर तृतीय स्थान पाया। विद्यालय प्रबंधक समिति एवं प्राचार्या रेनू बंसल ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संवाद
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