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मेरिट लिस्ट जारी नहीं हुई तो विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट पर जड़ा ताला
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कॉलेज के गेट को ताला लगाकर प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
- फोटो : Hisar
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हांसी। ओपन काउंसिलिंग की मेरिट लिस्ट जारी नहीं होने के विरोध में छात्र संगठन पीएसएफ के बैनर तले विद्यार्थियों ने सोमवार को राजकीय महाविद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि 5 अक्तूबर को राजकीय महाविद्यालय हांसी में ओपन काउंसलिंग की गई, लेकिन इस काउंसलिंग का किसी विद्यार्थी को नोटिस नहीं दिया गया। इसकी जानकारी मांगी तो कॉलेज प्रशासन ने एक बार तो ओपन काउंसलिंग के लिए मना कर दिया, लेकिन बाद में माना कि ओपन काउंसलिंग हुई है। विद्यार्थियों ने मेरिट लिस्ट मांगी तो कॉलेज प्रशासन ने देने से इनकार कर दिया। विद्यार्थी जब शनिवार को गए तो कॉलेज प्रशासन ने एक घंटे बाद मेरिट लिस्ट जारी करने की बात कही थी, लेकिन जारी नहीं की।
वहीं, सोमवार को भी विद्यार्थियों ने ओपन काउंसलिंग की मेरिट सूची लगाने की मांग की। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्यद्वार पर ताला लगा दिया और डफली बजाकर जमकर नारेबाजी की। गेट बंद करने के दौरान आशुतोष, सागर, निमिता, शालू, प्रदीप, रुद्र, नायरा, सहित काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। साथ ही 5 अक्तूबर को किए गए फर्जी दाखिले रद्द करने और कॉलेज प्रशासन से इसमें शामिल प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। विद्यार्थियों का आरोप है कि जब मेन गेट पर ताला लगा रखा था तो कॉलेज प्रशासन का रवैया बेहद ही खराब था। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ हाथापाई की और उन्हें बुरा भला कहा गया। कॉलेज प्रशासन ने उस के बाद पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन छात्र-छात्राएं कॉलेज का गेट खोलने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। उसके बाद नायब तहसीलदार जगबीर सिंह ने आकर छात्र-छात्राओं की समस्या को सुना और 5 अक्तूबर की मेरिट लिस्ट जारी की गई।
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विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि 5 अक्तूबर को राजकीय महाविद्यालय हांसी में ओपन काउंसलिंग की गई, लेकिन इस काउंसलिंग का किसी विद्यार्थी को नोटिस नहीं दिया गया। इसकी जानकारी मांगी तो कॉलेज प्रशासन ने एक बार तो ओपन काउंसलिंग के लिए मना कर दिया, लेकिन बाद में माना कि ओपन काउंसलिंग हुई है। विद्यार्थियों ने मेरिट लिस्ट मांगी तो कॉलेज प्रशासन ने देने से इनकार कर दिया। विद्यार्थी जब शनिवार को गए तो कॉलेज प्रशासन ने एक घंटे बाद मेरिट लिस्ट जारी करने की बात कही थी, लेकिन जारी नहीं की।
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वहीं, सोमवार को भी विद्यार्थियों ने ओपन काउंसलिंग की मेरिट सूची लगाने की मांग की। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्यद्वार पर ताला लगा दिया और डफली बजाकर जमकर नारेबाजी की। गेट बंद करने के दौरान आशुतोष, सागर, निमिता, शालू, प्रदीप, रुद्र, नायरा, सहित काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। साथ ही 5 अक्तूबर को किए गए फर्जी दाखिले रद्द करने और कॉलेज प्रशासन से इसमें शामिल प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। विद्यार्थियों का आरोप है कि जब मेन गेट पर ताला लगा रखा था तो कॉलेज प्रशासन का रवैया बेहद ही खराब था। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ हाथापाई की और उन्हें बुरा भला कहा गया। कॉलेज प्रशासन ने उस के बाद पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन छात्र-छात्राएं कॉलेज का गेट खोलने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। उसके बाद नायब तहसीलदार जगबीर सिंह ने आकर छात्र-छात्राओं की समस्या को सुना और 5 अक्तूबर की मेरिट लिस्ट जारी की गई।
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