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Hisar News: जब कर्नाटक में कानून बनाया जा सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं
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हांसी। चानौत गांव में पानी की मांग के लिए चल रहा धरना लगातार 43वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान प्रदेश की विभिन्न 23 खापों ने धरने को समर्थन दिया। साथ ही कहा कि सरकार को धरने का संज्ञान लेकर ग्रामीणों की मांग पूरी करनी चाहिए व धरने को समाप्त करवाना चाहिए। इधर प्रेसवार्ता में धरना कमेटी ने दावा किया कि अमृत टू योजना के तहत अन्य प्रदेशों में गांवों को कनेक्शन दिए गए हैं। जब कर्नाटक में कानून बनाया जा सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं।
धरना कमेटी की तरफ से रखी गई प्रेसवार्ता में पानीपत से आए एडवोकेट विजय कुमार ने बताया कि अमृत टू योजना केंद्र की है। इसकी प्रदेश में एक कमेटी बनाई जाती है जिसका चेयरमैन चीफ सेक्रेटरी होता है। इसमें आठ शर्तें लिखी हुई हैं। कमेटी ही इसे देखती है। केंद्र सरकार ने इसके लिए एक मैनुअल भी जारी किया हुआ है। उसमें टी लगाकर पानी देने का तरीका बताया हुआ है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत दस्तावेज खंगाले गए जिसमें पता लगा कि कर्नाटक सरकार ने अमृत टू योजना के तहत एक शहर को जाने वाली पाइपलाइन से सात गांवों को पानी दिया हुआ है। हरियाणा में किसी गांव से इस योजना के तहत गांवों को पानी देने की पहल शुरू होगी इसकी शुरुआत चानौत गांव से ही की जाए।
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उन्होंने बताया कि अमृत टू योजना के तहत 2 मार्च 2026 तक 907 प्रोजेक्ट पास हुए हैं। इसमें हांसी का प्रोजेक्ट भी शामिल है। इसमें से 7-8 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिसमें गांव को पानी का कनेक्शन दिया गया है। प्रावधान के अनुसार कनेक्शन दिया जा सकता है। आम आदमी को पता लगना चाहिए की कौन तानाशाही कर रहा है। जो सरकार में होता है उसके खिलाफ धरने होते हैं। हमने ऑनलाइन रिकॉर्ड निकाला है।
धरने पर पहुंचे खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि गांव की मांग के अनुसार शहर को जाने वाली भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी कनेक्शन लगाया गया था। लेकिन दो दिन बाद टी कनेक्शन को उखाड़ लिया गया। लोगों को उकसाया गया और वहां पर महिलाओं के साथ मारपीट भी की गई। यह निंदनीय है। सरकार धरने पर संज्ञान ले और मांगों को पूरा कर धरना समाप्त करवाए। धरने को सातबास खाप, खटकड़ खाप, आठ गामा खाप, दनौदा खाप, दूहन खाप, पुनिया खाप, बूरा खाप, दूहन खाप सहित अन्य खापों के प्रतिनिधियों ने धरने को समर्थन दिया।
टी कनेक्शन से ही गांव को पानी चाहिए : रोघी खाप
रोघी खाप के प्रधान सुमेर डाटा ने कहा कि धरना कमेटी के समक्ष मुख्यमंत्री ने कुछ नया नहीं कहा। जो बातें यहां चल रही थी वहीं बातें कमेटी को सीएम ने कही है। हमने धरना कमेटी को कहा था कि वह सीएम के सामने धरना समाप्ति को लेकर कुछ नहीं कहना। जो निर्णय लेना है वह गांव में आकर लेना है। जब कमेटी ने चानौत के धरने के बीच में सीएम की बात रखी तो ग्रामीण नहीं माने। सारा गांव एकमत है। भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से ही टी कनेक्शन के जरिए गांव को पानी चाहिए।
सीएम ने अतिरिक्त पाइपलाइन बिछवाने का दिया था आश्वासन :
गांव चानौत में पानी की मांग को लेकर पिछले 43 दिनों से धरना लगातार जारी है। वीरवार काे धरना कमेटी के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में बुलाया था और वहां उनके समक्ष कहा था कि भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है। वह गांव के लिए 10 इंच की अतिरिक्त पाइपलाइन बिछवा देंगें लेकिन ग्रामीणों ने शुक्रवार को निर्णय लिया कि वह ठीक कनेक्शन के जरिए ही पानी लेंगे।
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धरना कमेटी की तरफ से रखी गई प्रेसवार्ता में पानीपत से आए एडवोकेट विजय कुमार ने बताया कि अमृत टू योजना केंद्र की है। इसकी प्रदेश में एक कमेटी बनाई जाती है जिसका चेयरमैन चीफ सेक्रेटरी होता है। इसमें आठ शर्तें लिखी हुई हैं। कमेटी ही इसे देखती है। केंद्र सरकार ने इसके लिए एक मैनुअल भी जारी किया हुआ है। उसमें टी लगाकर पानी देने का तरीका बताया हुआ है।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत दस्तावेज खंगाले गए जिसमें पता लगा कि कर्नाटक सरकार ने अमृत टू योजना के तहत एक शहर को जाने वाली पाइपलाइन से सात गांवों को पानी दिया हुआ है। हरियाणा में किसी गांव से इस योजना के तहत गांवों को पानी देने की पहल शुरू होगी इसकी शुरुआत चानौत गांव से ही की जाए।
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उन्होंने बताया कि अमृत टू योजना के तहत 2 मार्च 2026 तक 907 प्रोजेक्ट पास हुए हैं। इसमें हांसी का प्रोजेक्ट भी शामिल है। इसमें से 7-8 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिसमें गांव को पानी का कनेक्शन दिया गया है। प्रावधान के अनुसार कनेक्शन दिया जा सकता है। आम आदमी को पता लगना चाहिए की कौन तानाशाही कर रहा है। जो सरकार में होता है उसके खिलाफ धरने होते हैं। हमने ऑनलाइन रिकॉर्ड निकाला है।
धरने पर पहुंचे खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि गांव की मांग के अनुसार शहर को जाने वाली भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी कनेक्शन लगाया गया था। लेकिन दो दिन बाद टी कनेक्शन को उखाड़ लिया गया। लोगों को उकसाया गया और वहां पर महिलाओं के साथ मारपीट भी की गई। यह निंदनीय है। सरकार धरने पर संज्ञान ले और मांगों को पूरा कर धरना समाप्त करवाए। धरने को सातबास खाप, खटकड़ खाप, आठ गामा खाप, दनौदा खाप, दूहन खाप, पुनिया खाप, बूरा खाप, दूहन खाप सहित अन्य खापों के प्रतिनिधियों ने धरने को समर्थन दिया।
टी कनेक्शन से ही गांव को पानी चाहिए : रोघी खाप
रोघी खाप के प्रधान सुमेर डाटा ने कहा कि धरना कमेटी के समक्ष मुख्यमंत्री ने कुछ नया नहीं कहा। जो बातें यहां चल रही थी वहीं बातें कमेटी को सीएम ने कही है। हमने धरना कमेटी को कहा था कि वह सीएम के सामने धरना समाप्ति को लेकर कुछ नहीं कहना। जो निर्णय लेना है वह गांव में आकर लेना है। जब कमेटी ने चानौत के धरने के बीच में सीएम की बात रखी तो ग्रामीण नहीं माने। सारा गांव एकमत है। भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से ही टी कनेक्शन के जरिए गांव को पानी चाहिए।
सीएम ने अतिरिक्त पाइपलाइन बिछवाने का दिया था आश्वासन :
गांव चानौत में पानी की मांग को लेकर पिछले 43 दिनों से धरना लगातार जारी है। वीरवार काे धरना कमेटी के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में बुलाया था और वहां उनके समक्ष कहा था कि भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है। वह गांव के लिए 10 इंच की अतिरिक्त पाइपलाइन बिछवा देंगें लेकिन ग्रामीणों ने शुक्रवार को निर्णय लिया कि वह ठीक कनेक्शन के जरिए ही पानी लेंगे।