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किसानों से फीडबैक लिया अब सफेद मक्खी पर रिसर्च करेगा आईसीएआर
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:44 AM IST
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प्रधानमंत्री निर्देश पर इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर सफेद मक्खी पर रिसर्च कराएगा। किसानों से इस बीमारी के बारे में फीडबैक लिया गया है। जल्द ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर इस पर स्टडी शुरू की जाएगी। किसानों की बेहतरी के लिए नए शोध उपलब्ध कराए जाएंगे।
आईसीएआर के उप महानिदेशक प्रो. कृष्ण मुरारी लाल पाठक ने एनआरसीई में वीरवार को शुरू हुए 22वें राष्ट्रीय सम्मेलन विबकॉन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व की दो प्रतिशत भूमि पर 17 प्रतिशत मानव आबादी व करीब 15 प्रतिशत पशु आबादी है। इसके बावजूद हम बीते 10 वर्षों से दूध उत्पादन में विश्व भर में नंबर एक हैं। देश में 18 कृषि जलवायु जोन हैं।
पशुओं की संख्या भी भारत में सबसे ज्यादा है। प्रकृति की ही देन है कि यहां अच्छी नस्लें हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के बाद देशभर के सभी 18 कृषि जलवायु जोन में आईसीएआर टीम गई। करीब दो माह में किसानों से बातचीत कर वहां की समस्याओं की जानकारियां जुटाई हैं। आईसीएआर अपनी रिसर्च में इन समस्याओं को शामिल करेगा। पशुओं के लिए अच्छी नस्ल, अच्छा चारा, बीमारियों की रोकथाम के लिए वैक्सिन पर रिसर्च होगा। आईसीएआर में खुर पका, ब्रुसोलोसिस और वन हेल्थ वन वर्ड पर काम चल रहा है।
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सफेद मक्खी
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आईसीएआर के उप महानिदेशक प्रो. कृष्ण मुरारी लाल पाठक ने एनआरसीई में वीरवार को शुरू हुए 22वें राष्ट्रीय सम्मेलन विबकॉन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व की दो प्रतिशत भूमि पर 17 प्रतिशत मानव आबादी व करीब 15 प्रतिशत पशु आबादी है। इसके बावजूद हम बीते 10 वर्षों से दूध उत्पादन में विश्व भर में नंबर एक हैं। देश में 18 कृषि जलवायु जोन हैं।
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पशुओं की संख्या भी भारत में सबसे ज्यादा है। प्रकृति की ही देन है कि यहां अच्छी नस्लें हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के बाद देशभर के सभी 18 कृषि जलवायु जोन में आईसीएआर टीम गई। करीब दो माह में किसानों से बातचीत कर वहां की समस्याओं की जानकारियां जुटाई हैं। आईसीएआर अपनी रिसर्च में इन समस्याओं को शामिल करेगा। पशुओं के लिए अच्छी नस्ल, अच्छा चारा, बीमारियों की रोकथाम के लिए वैक्सिन पर रिसर्च होगा। आईसीएआर में खुर पका, ब्रुसोलोसिस और वन हेल्थ वन वर्ड पर काम चल रहा है।
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सफेद मक्खी
जलवायु जोन की हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के कुछ हिस्से की बैठक करनाल में हुई। बैठक में सफेद मक्खी की समस्या उभरकर सामने आई है। इसके लिए व्यापक स्तर पर रिसर्च की जाएगी। किसानों की समस्याओं का निदान करने के लिए व्यापक स्तर पर काम होगा।