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Hisar News: जलभराव से सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त अब तक 350 लोगों ने किया आवेदन
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हांसी तहसील कार्यालय में मकान के मुआवजे के लिए आवेदन करते हुए लोग।
- फोटो : 1
हांसी। बारिश और जलभराव के बाद उपमंडल में सैकड़ों की संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सबसे ज्यादा मकान भाटला, चानौत व घिराय में हुए हैं।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा लेने के लिए अब तक 350 लोगों ने आवेदन किया। आवेदन के बाद पटवारी सरकार की तरफ से मुआवजा राशि घोषित करने के बाद प्रतिदिन काफी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए इंचार्ज तहसील के कानूनगो को बनाया गया है।
आवेदन करने वालों में चानौत से 100, भाटला से 67, कुलाना से 20, घिराय से करीब 30 आवेदन आए हैं। इसके अलावा सिसाय, ढंढेरी व अन्य कई गांवों से आवेदन आए हैं। आवेदन मिलने के बाद इसे संबंधित पटवारी के पास भेजा जा रहा है।
पटवारी मौके पर जाकर घरों का निरीक्षण करेंगे और मकान क्षतिग्रस्त है या नहीं इसकी सत्यता की जांच करेंगे। मकान का कितना हिस्सा क्षतिग्रस्त है इसकी रिपोर्ट तैयार करके वापस तहसील कार्यालय में भेजी जाएगी। जिसके बाद मुआवजे की राशि की प्रक्रिया शुरू होगी। बीते सप्ताह सरकार ने जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की राशि तय की है।
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सरकार खरीफ की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ सात हजार रुपये से 15 हजार रुपये तक मुआवजा देगी। राशि जिला प्रशासन की तरफ से गिरदावरी करवाए जाने के बाद जारी होगी। इसके अलावा मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1.20 लाख रुपये व पहाड़ी क्षेत्र के लिए 1.30 लाख रुपये देगी। मकानों को अगर 15 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है तो पक्के मकान के लिए दस हजार व कच्चे मकान के लिए पांच हजार रुपये मिलेगा।
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मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा लेने के लिए अब तक 350 लोगों ने आवेदन किया। आवेदन के बाद पटवारी सरकार की तरफ से मुआवजा राशि घोषित करने के बाद प्रतिदिन काफी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए इंचार्ज तहसील के कानूनगो को बनाया गया है।
आवेदन करने वालों में चानौत से 100, भाटला से 67, कुलाना से 20, घिराय से करीब 30 आवेदन आए हैं। इसके अलावा सिसाय, ढंढेरी व अन्य कई गांवों से आवेदन आए हैं। आवेदन मिलने के बाद इसे संबंधित पटवारी के पास भेजा जा रहा है।
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पटवारी मौके पर जाकर घरों का निरीक्षण करेंगे और मकान क्षतिग्रस्त है या नहीं इसकी सत्यता की जांच करेंगे। मकान का कितना हिस्सा क्षतिग्रस्त है इसकी रिपोर्ट तैयार करके वापस तहसील कार्यालय में भेजी जाएगी। जिसके बाद मुआवजे की राशि की प्रक्रिया शुरू होगी। बीते सप्ताह सरकार ने जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की राशि तय की है।
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सरकार खरीफ की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ सात हजार रुपये से 15 हजार रुपये तक मुआवजा देगी। राशि जिला प्रशासन की तरफ से गिरदावरी करवाए जाने के बाद जारी होगी। इसके अलावा मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1.20 लाख रुपये व पहाड़ी क्षेत्र के लिए 1.30 लाख रुपये देगी। मकानों को अगर 15 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है तो पक्के मकान के लिए दस हजार व कच्चे मकान के लिए पांच हजार रुपये मिलेगा।