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होमगार्ड भर्ती घोटाला : उच्चाधिकारियों को भेजी रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
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हिसार। होमगार्ड भर्ती घोटला एक बड़े स्कैंडल के रूप में सामने आ रहा है। धीरे-धीरे भर्ती घोटाले को लेकर परतें खुलती जा रही हैं। इसी कड़ी में नारनौंद के गांव हैबतपुर निवासी स्वयंसेवक विरेंद्र ने बताया कि वर्ष 2012 से 2015 तक वह हांसी में स्वयंसेवक रहा। फरवरी 2015 को कंपनी कमांडर विष्णु ने उसकी ड्यूटी लगानी बंद कर दी। उसके बाद से वह नौकरी पर होते हुए भी खाली बैठा है। रिश्वत मामले की रिकॉर्डिंग भेजने के बाद भी विभाग के उच्चाधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। बुधवार को उसने हिसार रेंज आईजी को मामले की शिकायत दी है।
हवलदार बजरंग ने मांगी थी आठ हजार रुपये रिश्वत
विरेंद्र ने बताया कि हवलदार बजरंग लाल स्वयंसेवकों से रिश्वत लेकर उनकी ड्यूटी लगाता है। उनका मानसिक रूप से शोषण करता है। विरेंद्र ने बताया कि उसने बजरंग लाल को फरवरी में आठ हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से दे दिए थे। बावजूद इसके उसकी ड्यूटी नहीं लगाई गई। जुलाई में बजरंग ने राशि उसे गूगल-पे के माध्यम से ही लौटा दी। इसके बारे में उसे कोई जानकार भी नहीं दी गई। इसी से परेशान होकर उसने बजरंग लाल के खिलाफ सुबूत जुटाने शुरू किए। इसी बीच बजरंग को भनक लग गई। विरेंद्र ने बताया कि खुद को बचाने के लिए बजरंग लाल ने उसके पास अनुशासनहीनता का नोटिस भेज दिया। उसे गृह रक्षी विभाग से बर्खास्त करवाने का प्रयास किया गया। विरेंद्र ने बताया कि बजरंग लाल द्वारा उससे मांगी गई रिश्वत व अभद्र भाषा के इस्तेमाल की रिकॉर्डिंग की ऑडियो सीडी बनाकर 25 मार्च 2021 को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश की, लेकिन बजरंगलाल पर कार्रवाई नहीं हुई।
24 अगस्त को उसने मामले की शिकायत सीएम विंडो में भेजी। आरोप है कि इस पर जिला आदेशक तान्या सिंह व बजरंग लाल को ही जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया। विरेंद्र ने कहा कि उसके बाद दोनों उससे रंजिश रखने लगे। उसने आईजी को दी शिकायत में कहा कि अगर उसे किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान होता है तो उसके जिम्मेदार उक्त दोनों होंगे।
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मैंने कोई डिमांड की तो नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा
सुखबीर पानू के भाई कलीराम के साथ विरेंद्र रहता है। इसने मेरे खाते में फरवरी में आठ हजार रुपये डाले थे। मैंने इस पर विरेंद्र को नोटिस दिया और इसके खिलाफ हांसी एसपी, सिटी थाने में और जिला कमांडेंट को शिकायत दी। इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखा था। रुपये डालने की वजह पूछी तो कहा कि सत्यवान के कहने पर डाले हैं। मैं सत्यवान को नहीं जानता। कोई भर्ती मैं नहीं करता। न मैंने किसी की कभी चाय पी। महकमे में शिकायत दी कि जब तक ये अपनी गलती न माने व माफी नहीं मांगे, तब तक इसकी ड्यूटी न लगाई जाए। मेरे खाते में डाली गई राशि मैंने जुलाई में लौटा दी थी। मैंने किसी प्रकार की डिमांड की तो नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा। - जैसा कि हवलदार बजरंग लाल ने कहा
मामले की जांच मैंने स्वयं शुरू कर दी है। अब गृह रक्षी विभाग में भर्ती ऑनलाइन होगी। इसके लिए सरकार से अप्रूव करवा दिया गया है। भर्ती योग्यता के अनुसार ही होगी। भर्ती में भ्रष्टाचार खत्म होगा। ड्यूटी भी ऑनलाइन ही लगेगी। ऑफलाइन ड्यूटी लगाने का सिस्टम खत्म होगा। - देसराज सिंह, डीजी होम, गृह रक्षी विभाग
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हवलदार बजरंग ने मांगी थी आठ हजार रुपये रिश्वत
विरेंद्र ने बताया कि हवलदार बजरंग लाल स्वयंसेवकों से रिश्वत लेकर उनकी ड्यूटी लगाता है। उनका मानसिक रूप से शोषण करता है। विरेंद्र ने बताया कि उसने बजरंग लाल को फरवरी में आठ हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से दे दिए थे। बावजूद इसके उसकी ड्यूटी नहीं लगाई गई। जुलाई में बजरंग ने राशि उसे गूगल-पे के माध्यम से ही लौटा दी। इसके बारे में उसे कोई जानकार भी नहीं दी गई। इसी से परेशान होकर उसने बजरंग लाल के खिलाफ सुबूत जुटाने शुरू किए। इसी बीच बजरंग को भनक लग गई। विरेंद्र ने बताया कि खुद को बचाने के लिए बजरंग लाल ने उसके पास अनुशासनहीनता का नोटिस भेज दिया। उसे गृह रक्षी विभाग से बर्खास्त करवाने का प्रयास किया गया। विरेंद्र ने बताया कि बजरंग लाल द्वारा उससे मांगी गई रिश्वत व अभद्र भाषा के इस्तेमाल की रिकॉर्डिंग की ऑडियो सीडी बनाकर 25 मार्च 2021 को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश की, लेकिन बजरंगलाल पर कार्रवाई नहीं हुई।
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24 अगस्त को उसने मामले की शिकायत सीएम विंडो में भेजी। आरोप है कि इस पर जिला आदेशक तान्या सिंह व बजरंग लाल को ही जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया। विरेंद्र ने कहा कि उसके बाद दोनों उससे रंजिश रखने लगे। उसने आईजी को दी शिकायत में कहा कि अगर उसे किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान होता है तो उसके जिम्मेदार उक्त दोनों होंगे।
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मैंने कोई डिमांड की तो नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा
सुखबीर पानू के भाई कलीराम के साथ विरेंद्र रहता है। इसने मेरे खाते में फरवरी में आठ हजार रुपये डाले थे। मैंने इस पर विरेंद्र को नोटिस दिया और इसके खिलाफ हांसी एसपी, सिटी थाने में और जिला कमांडेंट को शिकायत दी। इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखा था। रुपये डालने की वजह पूछी तो कहा कि सत्यवान के कहने पर डाले हैं। मैं सत्यवान को नहीं जानता। कोई भर्ती मैं नहीं करता। न मैंने किसी की कभी चाय पी। महकमे में शिकायत दी कि जब तक ये अपनी गलती न माने व माफी नहीं मांगे, तब तक इसकी ड्यूटी न लगाई जाए। मेरे खाते में डाली गई राशि मैंने जुलाई में लौटा दी थी। मैंने किसी प्रकार की डिमांड की तो नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा। - जैसा कि हवलदार बजरंग लाल ने कहा
मामले की जांच मैंने स्वयं शुरू कर दी है। अब गृह रक्षी विभाग में भर्ती ऑनलाइन होगी। इसके लिए सरकार से अप्रूव करवा दिया गया है। भर्ती योग्यता के अनुसार ही होगी। भर्ती में भ्रष्टाचार खत्म होगा। ड्यूटी भी ऑनलाइन ही लगेगी। ऑफलाइन ड्यूटी लगाने का सिस्टम खत्म होगा। - देसराज सिंह, डीजी होम, गृह रक्षी विभाग