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विदेश से लौटने वाले नागरिकों की 21 दिन की खंगाली जाएगी हिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 11:12 PM IST
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History of citizens returning from abroad will be searched for 21 days
नागरिक अस्पताल में महिला का सैंपल लेते कर्मचारी। - फोटो : Hisar
हिसार। कोरोना महामारी के बाद आशंकित मंकी पॉक्स संक्रमण का डर लोगों को सताने लगा है। डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुुभाष खतरेजा ने बताया कि कटी चमड़ी, आंख, नाक, मुंह के जरिये मंकी पॉक्स वायरस शरीर में दाखिल होता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। वीरवार को नागरिक अस्पताल में अलग से आइसोलेट वार्ड बना दिया है। वहीं, विदेश से आने वाले नागरिकों की 21 दिन की हिस्ट्री खंगाली जाएगी। अगर, किसी में लक्षण पाए जाते हैं तो होम आइसोलेट कर उपचार शुरू कर दिया जाएगा। मरीज के चार प्रकार के सैंपल लेकर पुणे लैब जांच के लिए भेजे जाएंगे। हालांकि जिले में अभी तक मंकी पॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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इन देशों से आने वाले नागरिकों पर होगी नजर
डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुुभाष खतरेजा ने बताया कि मुख्यालय से आदेश आए है कि विदेशों से आने वाले नागरिकों पर नजर रखें। इन देशों में आस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्पेन, स्वीडन, यूके, यूएसए, फ्रांस, इटली, पुर्तगाल, कनाड़ा, बेल्जियम, कैमरून, अफ्रीका, नाइजीरियन से आने वाले नागरिकों के सैंपल लिए जाएंगे। मुख्यालय से नाम और पता हमारे पास आएगा। किसी नागरिक में लक्षण पाएं जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर पुणे की आईसीएमआर-एनआईपी लैब में भेजा जाएगा। इसके साथ ही उसे होम आइसोलेट कर दिया जाएगा।
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चार प्रकार के लिए जाएंगे सैंपल
चिकित्सक सुभाष खतरेजा ने बताया कि अगर, किसी व्यक्ति में मंकी पॉक्स के लक्षण पाए जाते हैं तो उसके खून, पेशाब, स्वैब और चमड़ी पर बनने वाले दाने के अंदर के पानी का सैंपल लेकर लैब भेजा जाएगा। सैंपल लेने वाला पीपीई किट पहन कर सैंपल लेगा। सैंपल लेते समय पूरी सावधानी बरती जाएगी। जिस व्यक्ति में मंकी पॉक्स के लक्षण पाए जाते हैं, उस व्यक्ति का बेड इस्तेमाल न करें। ऐसा करते हैं तो वह शख्स भी बीमार की चपेट में आ जाएगा।
वर्ष 1958 में आया था पहला केस
उन्होंने बताया कि वर्ष 1958 में मंकी पॉक्स का पहला केस सैंट्रल और वेस्ट अफ्रीका में आया था। संक्रमण के रेन फोरेस्ट एरिया में अधिक केस पाए जाते हैं। यह दो से चार हफ्ता में अपने आप खत्म हो जाता है। छोटी माता बीमारी के लक्षण से इसके लक्षण मेल खाते हैं। उन्होंने बताया कि चार देशों कैमरून, अफ्रीका, नाइजीरियन और कोम्बो में यह ज्यादा फैला हुआ है।
मंकी पॉक्स के लक्षण
मंकी पॉक्स के लक्षण संक्रमण के 5वें दिन से 21वें दिन तक आ सकते हैं। शुरुआती लक्षण बुखार जैसे होते हैं। इनमें सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान और सूजी हुई लिम्फ नोड्स शामिल है। इसके बाद चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाते हैं। संक्रमण के दौरान यह दाने कई बदलाव से गुजरते हैं। आखिर में चेचक की तरह ही पपड़ी बनकर गिर जाते हैं।

कोरोना : दो दिन में 13 नए केस मिले
जिले में वीरवार को कोरोना के पांच नए केस सामने आए है। बुधवार को 8 केस आए थे। एक दम बढ़ रहे केसों के चलते स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सैंपलिंग बढ़ा दी है। नागरिक अस्पताल परिसर में सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि वीरवार को कोरोना संक्रमण के 5 नए मामले सामने आए हैं। सक्रिय मरीज 15 हो गए हैं। कोविड-19 की पहली लहर में 327, दूसरी लहर में 814 तथा तीसरी लहर में 38 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।
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