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Hisar: ढाणी कुतुबपुर गांव का बेटा हुआ शहीद, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

Thu, 04 Jul 2024 08:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 04 Jul 2024 08:25 PM IST
सार

जवान तीन महीने पहले बेटे के जलवा पूजन में छुट्टी लेकर घर आया था। मृतक की गर्दन में गोली लगी हुई मिली है। सतपाल के माता-पिता व पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है।

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Hisar: Son of Dhani Qutubpur village martyred, last rites to be performed with state honours
शहीद सतपाल का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिसार के ढाणी कुतुबपुर गांव का बेटा 24 वर्षीय सतपाल श्रीनगर में शहीद हो गया। शहीद हुए जवान के शव को वीरवार रात तक गांव में लाया जाएगा। शुक्रवार सुबह शहीद सतपाल के शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं मृतक की गर्दन में गोली लगी हुई मिली है।

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सतपाल के श्रीनगर में शहीद होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव व परिजनों में मातम का माहौल छा गया व ग्रामीणों का घर के बाहर तांता लग गया। सतपाल परिवार में सबसे छोटा था व करीब पांच साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। वह भारतीय सेना में सिपाही के पद पर था। फिलहाल पंजाब रेजिमेंट में श्रीनगर में तैनात था।
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इस साल अप्रैल में छुट्टी काटने के बाद डयूटी पर वापस लौटा था। अब परिवार के सदस्य नवंबर में उसके छुट्टी आने की राह देख रहे थे कि बुधवार को अचानक उनके शहीद होने की सूचना मिली। तब से सतपाल के माता-पिता व पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कहा कि सतपाल सैनिक होने के साथ साथ संस्कारी भी था। गांव आने पर हमेशा बड़ों का सम्मान व छोटों को प्यार देता था।
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बेटे के जलवा पूजन के बाद वापिस ड्यूटी पर लौट गया था सतपाल
सतपाल की शादी दो साल पहले हुई थी व तीन महीने पहले ही उनके घर बच्चे ने जन्म लिया था। सतपाल अपने बेटे के जलवा पूजन के कार्यक्रम के बाद वापिस ड्यूटी पर लौट गया था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई व दो बड़ी बहनें हैं। वह परिवार में सबसे छोटा था। उसकी खेलों में रूचि थी तथा वह कबड्डी व कुश्ती का अच्छा खिलाड़ी था।


सरकारी नौकरी लगने वाला पहला बेटा था सतपाल
सतपाल के पिता सुभाष गांव में चौकीदार है। ग्रामीणों के अनुसार सतपाल अपने परिवार में इकलौता था। जो सरकारी नौकरी लगा था। वह फौज में सिपाही के पद पर तैनात था। फौज में तैनात सीईओ ने सतपाल के देश के लिए शहीद होने की सूचना उसके पिता को दी थी। उसके पार्थिव शरीर को जहाज से चंडीगढ़ एयरपोर्ट लाया जाएगा। जहां से उसे बाई रोड गांव लाया जाएगा। गांव में राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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